परिचय: ऊष्मा और ताप
ऊष्मा (Heat) ऊर्जा का एक रूप है जो तापांतर के कारण एक वस्तु से दूसरी वस्तु में स्थानांतरित होती है। ऊष्मा हमेशा उच्च ताप वाली वस्तु से निम्न ताप वाली वस्तु की ओर प्रवाहित होती है। इसका SI मात्रक जूल (Joule) है।
ताप (Temperature) किसी वस्तु की गर्माहट या ठंडक की माप है। यह वस्तु के अणुओं की औसत गतिज ऊर्जा का सूचक है।
ऊष्मा स्थानांतरण की विधियाँ (Modes of Heat Transfer)
ऊष्मा का स्थानांतरण एक स्थान से दूसरे स्थान तक तीन विधियों से होता है:
1. चालन (Conduction)
यह ऊष्मा स्थानांतरण की वह विधि है जिसमें पदार्थ के कण अपने स्थान से हटे बिना ऊष्मा को अपने अगले कण को स्थानांतरित कर देते हैं।
- यह विधि मुख्य रूप से ठोसों में होती है।
- उदाहरण: धातु की छड़ के एक सिरे को गर्म करने पर दूसरे सिरे का गर्म हो जाना।
- ऊष्मा प्रवाह की दर का सूत्र: Q/t = KA(T₁ – T₂)/L, जहाँ K ऊष्मा चालकता गुणांक है।
2. संवहन (Convection)
यह ऊष्मा स्थानांतरण की वह विधि है जिसमें पदार्थ के कण स्वयं गति करके ऊष्मा को एक स्थान से दूसरे स्थान तक ले जाते हैं।
- यह विधि द्रवों और गैसों में होती है।
- उदाहरण: पानी का उबलना, समुद्र समीर और थल समीर का चलना।
3. विकिरण (Radiation)
यह ऊष्मा स्थानांतरण की वह विधि है जिसमें ऊष्मा के संचरण के लिए किसी माध्यम की आवश्यकता नहीं होती है। ऊष्मा विद्युत चुम्बकीय तरंगों के रूप में चलती है।
- उदाहरण: सूर्य से पृथ्वी तक ऊष्मा का पहुँचना, आग के पास बैठने पर गर्मी महसूस होना।
- यह सबसे तीव्र विधि है।
संख्यात्मक उदाहरण
उदाहरण (चालन)
प्रश्न: 20 cm लंबी और 1 cm² अनुप्रस्थ काट क्षेत्रफल वाली एक तांबे की छड़ के सिरों का तापमान 100°C और 20°C है। छड़ से प्रति सेकंड प्रवाहित होने वाली ऊष्मा की मात्रा ज्ञात कीजिए। (तांबे के लिए K = 400 W/mK)
हल:
दिया है:
L = 20 cm = 0.2 m
A = 1 cm² = 1 × 10⁻⁴ m²
T₁ = 100°C, T₂ = 20°C => ΔT = 80°C (या 80 K)
K = 400 W/mK
ऊष्मा प्रवाह की दर का सूत्र: Q/t = KA(ΔT)/L
Q/t = (400 × 1 × 10⁻⁴ × 80) / 0.2
Q/t = (400 × 10⁻⁴ × 400)
Q/t = 160000 × 10⁻⁴
Q/t = 16 J/s या 16 W