परिचय: प्रकाश की द्वैत प्रकृति
प्रकाश की द्वैत प्रकृति (Dual Nature of Light) का सिद्धांत यह बताता है कि प्रकाश कुछ परिस्थितियों में तरंग (wave) की तरह और कुछ अन्य परिस्थितियों में कण (particle) की तरह व्यवहार करता है। यह आधुनिक भौतिकी की एक मूलभूत अवधारणा है।
प्रकाश की तरंग प्रकृति (Wave Nature)
कुछ घटनाएं प्रकाश की तरंग प्रकृति को सिद्ध करती हैं। इन घटनाओं में, प्रकाश को ऊर्जा की सतत तरंगों के रूप में माना जाता है।
- व्यतिकरण (Interference): दो प्रकाश तरंगों का अध्यारोपण।
- विवर्तन (Diffraction): किनारों पर प्रकाश का मुड़ना।
- ध्रुवण (Polarization): प्रकाश के कंपनों को एक तल में सीमित करना।
प्रकाश की कण प्रकृति (Particle Nature)
अन्य घटनाएं प्रकाश की कण प्रकृति को सिद्ध करती हैं। इन घटनाओं में, प्रकाश को ऊर्जा के छोटे-छोटे पैकेटों या बंडलों के रूप में माना जाता है, जिन्हें फोटॉन (Photon) कहते हैं।
- प्रकाश विद्युत प्रभाव (Photoelectric Effect): जब किसी धातु की सतह पर उपयुक्त आवृत्ति का प्रकाश पड़ता है, तो उससे इलेक्ट्रॉन उत्सर्जित होते हैं।
- कॉम्पटन प्रभाव (Compton Effect): इलेक्ट्रॉनों द्वारा एक्स-किरणों का प्रकीर्णन।
डी ब्रोग्ली की परिकल्पना (de Broglie’s Hypothesis)
1924 में, लुई डी ब्रोग्ली ने यह क्रांतिकारी विचार प्रस्तुत किया कि केवल प्रकाश ही नहीं, बल्कि द्रव्य के सभी गतिमान कण (जैसे इलेक्ट्रॉन, प्रोटॉन) भी तरंग और कण दोनों की तरह व्यवहार करते हैं।
किसी गतिमान कण से संबद्ध तरंग को द्रव्य तरंग (matter wave) कहते हैं।
डी ब्रोग्ली तरंगदैर्ध्य का सूत्र
λ = h / p = h / mv
जहाँ:
- λ = डी ब्रोग्ली तरंगदैर्ध्य
- h = प्लांक नियतांक (6.626 × 10⁻³⁴ J·s)
- p = कण का संवेग
- m = कण का द्रव्यमान
- v = कण का वेग
संख्यात्मक उदाहरण
उदाहरण
प्रश्न: 100 g द्रव्यमान की एक गेंद 10 m/s के वेग से गति कर रही है। इससे संबद्ध डी ब्रोग्ली तरंगदैर्ध्य की गणना कीजिए।
हल:
दिया है:
m = 100 g = 0.1 kg
v = 10 m/s
h = 6.626 × 10⁻³⁴ J·s
सूत्र: λ = h / mv
λ = (6.626 × 10⁻³⁴) / (0.1 × 10)
λ = (6.626 × 10⁻³⁴) / 1
λ = 6.626 × 10⁻³⁴ m
(यह तरंगदैर्ध्य इतनी छोटी है कि इसे मापा नहीं जा सकता, इसीलिए बड़ी वस्तुओं में तरंग प्रकृति दिखाई नहीं देती है)।