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द्रव्यमान क्षति

परिचय: द्रव्यमान क्षति (Mass Defect)

द्रव्यमान क्षति नाभिकीय भौतिकी की एक मौलिक अवधारणा है जो एक परमाणु नाभिक के द्रव्यमान और उसके घटक कणों (प्रोटॉन और न्यूट्रॉन) के व्यक्तिगत द्रव्यमानों के योग के बीच के अंतर को दर्शाती है। आश्चर्यजनक रूप से, एक स्थायी नाभिक का कुल द्रव्यमान हमेशा अपने अलग-अलग घटकों के कुल द्रव्यमान से थोड़ा कम होता है।

द्रव्यमान में यह “खोया हुआ” हिस्सा वास्तव में खोया नहीं है, बल्कि आइंस्टीन के प्रसिद्ध समीकरण E=mc² के अनुसार ऊर्जा में परिवर्तित हो गया है। यह ऊर्जा नाभिकीय बंधन ऊर्जा के रूप में नाभिक को एक साथ बांधे रखती है।

द्रव्यमान क्षति का सूत्र

परिभाषा: किसी नाभिक के न्यूक्लिॉनों (प्रोटॉन और न्यूट्रॉन) के द्रव्यमानों के योग और नाभिक के वास्तविक (मापे गए) द्रव्यमान के बीच के अंतर को द्रव्यमान क्षति कहते हैं।

सूत्र

Δm = [ Zmₚ + Nmₙ ] – M

जहाँ:

  • Δm = द्रव्यमान क्षति
  • Z = परमाणु क्रमांक (प्रोटॉनों की संख्या)
  • N = न्यूट्रॉनों की संख्या (A-Z)
  • mₚ = एक प्रोटॉन का द्रव्यमान (≈ 1.007276 u)
  • mₙ = एक न्यूट्रॉन का द्रव्यमान (≈ 1.008665 u)
  • M = नाभिक का वास्तविक द्रव्यमान

बंधन ऊर्जा से संबंध

द्रव्यमान क्षति सीधे नाभिकीय बंधन ऊर्जा से संबंधित है। बंधन ऊर्जा वह ऊर्जा है जो नाभिक को बनाने के लिए द्रव्यमान क्षति से उत्पन्न होती है। यह नाभिक के स्थायित्व का माप है।

सूत्र

B.E. = Δm × c²

यदि Δm परमाणु द्रव्यमान इकाई (u) में है, तो बंधन ऊर्जा की गणना सीधे MeV में की जा सकती है:
B.E. (MeV में) = Δm (u में) × 931.5

संख्यात्मक उदाहरण

उदाहरण 1

प्रश्न: ड्यूटेरॉन (²₁H), जो हाइड्रोजन का एक समस्थानिक है, के लिए द्रव्यमान क्षति और बंधन ऊर्जा की गणना करें। दिया है: mₚ = 1.007825 u, mₙ = 1.008665 u, और ड्यूटेरॉन का द्रव्यमान M = 2.014102 u।

हल:
ड्यूटेरॉन में, Z=1 (प्रोटॉन) और N=1 (न्यूट्रॉन) हैं।
घटकों का कुल द्रव्यमान = mₚ + mₙ = 1.007825 u + 1.008665 u = 2.016490 u

1. द्रव्यमान क्षति (Δm):
Δm = (घटकों का कुल द्रव्यमान) – (वास्तविक द्रव्यमान)
Δm = 2.016490 u – 2.014102 u
Δm = 0.002388 u

2. बंधन ऊर्जा (B.E.):
B.E. = Δm × 931.5 MeV/u
B.E. = 0.002388 × 931.5
B.E. ≈ 2.224 MeV

उदाहरण 2

प्रश्न: लिथियम-7 (⁷₃Li) नाभिक की प्रति न्यूक्लिऑन बंधन ऊर्जा की गणना करें, यदि इसका वास्तविक द्रव्यमान 7.01600 u है।

हल:
लिथियम-7 में, Z=3 (प्रोटॉन) और N=4 (न्यूट्रॉन) हैं।
घटकों का कुल द्रव्यमान = 3mₚ + 4mₙ
= 3(1.007825) + 4(1.008665) = 3.023475 + 4.03466 = 7.058135 u

द्रव्यमान क्षति (Δm) = 7.058135 u – 7.01600 u = 0.042135 u

कुल बंधन ऊर्जा (B.E.) = 0.042135 u × 931.5 MeV/u ≈ 39.24 MeV

प्रति न्यूक्लिऑन बंधन ऊर्जा = B.E. / A = 39.24 MeV / 7
≈ 5.6 MeV/न्यूक्लिऑन

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