Gyan Pragya
No Result
View All Result
  • Quiz
  • Polity
  • Geography
  • Economics
  • Science
  • Uttarakhand
  • GK
  • History
  • Environment
  • Hindi
Gyan Pragya
No Result
View All Result

इलेक्ट्रॉन बंधुता (Electron Affinity)

परिचय: इलेक्ट्रॉन बंधुता (Electron Affinity)

इलेक्ट्रॉन बंधुता, जिसे इलेक्ट्रॉन लब्धि एन्थैल्पी (Electron Gain Enthalpy) भी कहा जाता है, किसी तत्व के परमाणु की इलेक्ट्रॉन ग्रहण करने की प्रवृत्ति का माप है। यह किसी तत्व की अधात्विक प्रकृति और उसकी ऑक्सीकारक क्षमता को निर्धारित करने में मदद करता है।

परिभाषा: “जब किसी विलगित गैसीय परमाणु (isolated gaseous atom) की मूल अवस्था में एक अतिरिक्त इलेक्ट्रॉन जोड़ा जाता है, तो इस प्रक्रिया में मुक्त होने वाली ऊर्जा को उस तत्व की इलेक्ट्रॉन बंधुता कहते हैं।”

X(g) + e⁻ → X⁻(g) + ऊर्जा (इलेक्ट्रॉन बंधुता)

अधिकांश तत्वों के लिए यह एक ऊष्माक्षेपी (exothermic) प्रक्रिया है, इसलिए इसका मान धनात्मक होता है। हालांकि, इलेक्ट्रॉन लब्धि एन्थैल्पी को ऊष्मागतिक परंपरा के अनुसार ऋणात्मक चिह्न के साथ दर्शाया जाता है।

इलेक्ट्रॉन बंधुता को प्रभावित करने वाले कारक

1. परमाणु आकार (Atomic Size)

परमाणु का आकार जितना छोटा होता है, आने वाले इलेक्ट्रॉन पर नाभिक का आकर्षण बल उतना ही प्रबल होता है, जिससे इलेक्ट्रॉन जोड़ना आसान हो जाता है और अधिक ऊर्जा मुक्त होती है। अतः, परमाणु आकार घटने पर इलेक्ट्रॉन बंधुता बढ़ती है।

2. प्रभावी नाभिकीय आवेश (Effective Nuclear Charge)

प्रभावी नाभिकीय आवेश जितना अधिक होता है, आने वाले इलेक्ट्रॉन के लिए नाभिक का आकर्षण उतना ही अधिक होता है। अतः, प्रभावी नाभिकीय आवेश बढ़ने पर इलेक्ट्रॉन बंधुता बढ़ती है।

3. स्थिर इलेक्ट्रॉनिक विन्यास

जिन तत्वों के पास पूर्ण-भरे (fully-filled) या अर्ध-भरे (half-filled) स्थायी कक्षक होते हैं, वे अतिरिक्त इलेक्ट्रॉन ग्रहण करना नहीं चाहते। ऐसे तत्वों में इलेक्ट्रॉन जोड़ने के लिए ऊर्जा देनी पड़ती है, इसलिए उनकी इलेक्ट्रॉन बंधुता बहुत कम या ऋणात्मक (ऊष्माशोषी प्रक्रिया) होती है। उदाहरण: उत्कृष्ट गैसें, Be, Mg, N।

आवर्त सारणी में प्रवृत्ति (Periodic Trends)

आवर्त में (Across a Period)

एक आवर्त में बाएं से दाएं जाने पर, परमाणु आकार घटता है और प्रभावी नाभिकीय आवेश बढ़ता है। इन दोनों कारकों के कारण, इलेक्ट्रॉन ग्रहण करने की प्रवृत्ति बढ़ती है। अतः, एक आवर्त में बाएं से दाएं जाने पर इलेक्ट्रॉन बंधुता सामान्यतः बढ़ती है।

समूह में (Down a Group)

एक समूह में ऊपर से नीचे जाने पर, परमाणु आकार बढ़ता है, जिससे आने वाले इलेक्ट्रॉन पर नाभिक का आकर्षण कम हो जाता है। अतः, एक समूह में ऊपर से नीचे जाने पर इलेक्ट्रॉन बंधुता सामान्यतः घटती है।

महत्वपूर्ण अपवाद

क्लोरीन (Cl) की इलेक्ट्रॉन बंधुता फ्लोरीन (F) से अधिक होती है। यद्यपि फ्लोरीन का आकार छोटा है, लेकिन उसके 2p उपकोश में इलेक्ट्रॉन घनत्व बहुत अधिक होता है, जो आने वाले नए इलेक्ट्रॉन के लिए प्रतिकर्षण उत्पन्न करता है। क्लोरीन के बड़े 3p उपकोश में यह प्रतिकर्षण कम होता है, इसलिए क्लोरीन की इलेक्ट्रॉन बंधुता अधिक होती है। पूरी आवर्त सारणी में क्लोरीन की इलेक्ट्रॉन बंधुता सर्वाधिक है।

अभ्यास प्रश्न (MCQs)

1. आवर्त सारणी में किस तत्व की इलेक्ट्रॉन बंधुता सर्वाधिक होती है?
  • (a) फ्लोरीन (F)
  • (b) क्लोरीन (Cl)
  • (c) ऑक्सीजन (O)
  • (d) हीलियम (He)
2. उत्कृष्ट गैसों की इलेक्ट्रॉन बंधुता लगभग शून्य या ऋणात्मक क्यों होती है?
  • (a) उनके बड़े परमाणु आकार के कारण।
  • (b) उनके उच्च नाभिकीय आवेश के कारण।
  • (c) उनके स्थायी, पूर्ण-भरे इलेक्ट्रॉनिक विन्यास के कारण।
  • (d) उनकी उच्च विद्युत ऋणात्मकता के कारण।
3. निम्नलिखित तत्वों को उनकी इलेक्ट्रॉन बंधुता के बढ़ते क्रम में व्यवस्थित करें: F, Cl, Br, I.
  • (a) F < Cl < Br < I
  • (b) Cl < F < Br < I
  • (c) I < Br < F < Cl
  • (d) I < F < Br < Cl
4. द्वितीय इलेक्ट्रॉन लब्धि एन्थैल्पी (Second Electron Gain Enthalpy) हमेशा ऊष्माशोषी (endothermic) क्यों होती है?
  • (a) क्योंकि परमाणु का आकार बढ़ जाता है।
  • (b) क्योंकि एक ऋणावेशित आयन (anion) और आने वाले इलेक्ट्रॉन के बीच स्थिरविद्युत प्रतिकर्षण होता है।
  • (c) क्योंकि नाभिकीय आवेश घट जाता है।
  • (d) क्योंकि यह एक स्थायी विन्यास प्राप्त कर लेता है।
5. निम्नलिखित में से किसकी इलेक्ट्रॉन बंधुता का मान धनात्मक (ऊष्माशोषी) होने की संभावना है?
  • (a) कार्बन (C)
  • (b) ऑक्सीजन (O)
  • (c) नाइट्रोजन (N)
  • (d) बोरॉन (B)
Next Post

विद्युत ऋणात्मकता (Electronegativity)

विद्युत संयोजी बंध व इसके गुण (Electrovalent Bond and Its Properties)

सहसंयोजी बंध व इससे बने यौगिकों के गुण (Covalent Bond and Properties of Compounds Formed)

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

  • Contact us
  • Disclaimer
  • Terms of Service
  • Privacy Policy
: whatsapp us on +918057391081 E-mail: setupragya@gmail.com
No Result
View All Result
  • Quiz
  • Static Gk
  • Polity
  • Hindi
  • Geography
  • Economics
  • General Science
  • Uttarakhand
  • History
  • Environment
  • Computer
  • Contact us

© 2024 GyanPragya - ArchnaChaudhary.