परिचय: सहसंयोजी बंध (Covalent Bond)
सहसंयोजी बंध एक प्रकार का रासायनिक बंध है जो दो परमाणुओं के बीच इलेक्ट्रॉनों की आपसी साझेदारी (mutual sharing) से बनता है। आयनिक बंध के विपरीत, जिसमें इलेक्ट्रॉनों का पूर्ण स्थानांतरण होता है, सहसंयोजी बंध में परमाणु अपने बाह्यतम कोश को पूरा करने के लिए इलेक्ट्रॉनों को साझा करते हैं। यह बंध आमतौर पर दो अधातुओं (non-metals) के बीच बनता है।
सहसंयोजी बंध का निर्माण
परमाणु अपने बाह्यतम कोश में एक स्थिर इलेक्ट्रॉनिक विन्यास (आमतौर पर 8 इलेक्ट्रॉन, जिसे अष्टक कहते हैं) प्राप्त करने के लिए सहसंयोजी बंध बनाते हैं।
उदाहरण: हाइड्रोजन अणु (H₂) का बनना
- प्रत्येक हाइड्रोजन परमाणु के पास 1 इलेक्ट्रॉन होता है।
- स्थायित्व प्राप्त करने के लिए (हीलियम जैसा विन्यास), प्रत्येक हाइड्रोजन परमाणु को 1 और इलेक्ट्रॉन की आवश्यकता होती है।
- वे दोनों अपने एक-एक इलेक्ट्रॉन को साझा करके एक एकल सहसंयोजी बंध (single covalent bond) बनाते हैं, जिससे H₂ अणु बनता है।
सहसंयोजी बंध के प्रकार
- एकल बंध (Single Bond): जब दो परमाणु एक-एक इलेक्ट्रॉन (कुल एक जोड़ी) साझा करते हैं। उदाहरण: H-H, Cl-Cl.
- द्विबंध (Double Bond): जब दो परमाणु दो-दो इलेक्ट्रॉन (कुल दो जोड़ी) साझा करते हैं। उदाहरण: O=O (ऑक्सीजन अणु में)।
- त्रिबंध (Triple Bond): जब दो परमाणु तीन-तीन इलेक्ट्रॉन (कुल तीन जोड़ी) साझा करते हैं। उदाहरण: N≡N (नाइट्रोजन अणु में)।
सहसंयोजी यौगिकों के गुण
- भौतिक अवस्था: ये यौगिक आमतौर पर गैस, द्रव या नरम ठोस होते हैं क्योंकि अणुओं के बीच अंतराआण्विक बल (वांडर वाल्स बल) कमजोर होते हैं।
- गलनांक और क्वथनांक: कमजोर अंतराआण्विक बलों के कारण, इनके गलनांक और क्वथनांक निम्न होते हैं।
- विलेयता (Solubility): ये सामान्यतः अध्रुवीय विलायकों (non-polar solvents) जैसे बेंजीन, कार्बन टेट्राक्लोराइड में विलेय होते हैं, लेकिन ध्रुवीय विलायकों जैसे पानी में अविलेय होते हैं (“like dissolves like” सिद्धांत)।
- विद्युत चालकता: चूंकि इन यौगिकों में कोई मुक्त आयन या इलेक्ट्रॉन नहीं होते हैं, इसलिए ये सामान्यतः विद्युत के कुचालक होते हैं।
- दिशात्मक प्रकृति: सहसंयोजी बंध दिशात्मक होते हैं, जिसके कारण अणुओं की एक निश्चित ज्यामितीय आकृति होती है।
अभ्यास प्रश्न (MCQs)
1. नाइट्रोजन अणु (N₂) में कितने सहसंयोजी बंध होते हैं?
2. निम्नलिखित में से कौन सा सहसंयोजी यौगिक का गुण नहीं है?
3. निम्नलिखित में से किस अणु में ध्रुवीय सहसंयोजी बंध (polar covalent bond) है, लेकिन अणु अध्रुवीय (non-polar) है?
4. सहसंयोजी यौगिक आमतौर पर नरम होते हैं क्योंकि:
5. “समान समान को घोलता है” (like dissolves like) के सिद्धांत के अनुसार, नैफ्थलीन किसमें सबसे अधिक घुलनशील होगा?