परिचय: ऑक्सीकरण और अपचयन
ऑक्सीकरण (Oxidation) और अपचयन (Reduction) दो पूरक रासायनिक प्रक्रियाएं हैं जो हमेशा एक साथ होती हैं। जिस रासायनिक अभिक्रिया में ऑक्सीकरण और अपचयन दोनों होते हैं, उसे रेडॉक्स अभिक्रिया (Redox Reaction) कहा जाता है। ये अभिक्रियाएं ऊर्जा उत्पादन, जंग लगने, और जैविक प्रक्रियाओं जैसे कई महत्वपूर्ण घटनाओं का आधार हैं।
अवधारणाओं की व्याख्या
ऑक्सीकरण (Oxidation)
ऑक्सीकरण को तीन तरीकों से परिभाषित किया जा सकता है:
- ऑक्सीजन का जुड़ना: किसी पदार्थ में ऑक्सीजन का जुड़ना ऑक्सीकरण है। उदाहरण: 2Mg + O₂ → 2MgO (मैग्नीशियम का ऑक्सीकरण)
- हाइड्रोजन का हटना: किसी पदार्थ से हाइड्रोजन का हटना ऑक्सीकरण है। उदाहरण: H₂S + Cl₂ → 2HCl + S (H₂S से S का ऑक्सीकरण)
- इलेक्ट्रॉन का त्याग: किसी परमाणु या आयन द्वारा इलेक्ट्रॉनों का त्याग करना ऑक्सीकरण है। इससे ऑक्सीकरण संख्या में वृद्धि होती है। उदाहरण: Na → Na⁺ + e⁻
अपचयन (Reduction)
अपचयन, ऑक्सीकरण की विपरीत प्रक्रिया है:
- हाइड्रोजन का जुड़ना: किसी पदार्थ में हाइड्रोजन का जुड़ना अपचयन है। उदाहरण: H₂ + Cl₂ → 2HCl (क्लोरीन का अपचयन)
- ऑक्सीजन का हटना: किसी पदार्थ से ऑक्सीजन का हटना अपचयन है। उदाहरण: CuO + H₂ → Cu + H₂O (CuO से Cu का अपचयन)
- इलेक्ट्रॉन का ग्रहण: किसी परमाणु या आयन द्वारा इलेक्ट्रॉनों को ग्रहण करना अपचयन है। इससे ऑक्सीकरण संख्या में कमी आती है। उदाहरण: Cl + e⁻ → Cl⁻
ऑक्सीकारक और अपचायक (Oxidizing and Reducing Agents)
- ऑक्सीकारक (Oxidizing Agent): वह पदार्थ जो दूसरे पदार्थ का ऑक्सीकरण करता है और स्वयं अपचयित हो जाता है (अर्थात् इलेक्ट्रॉन ग्रहण करता है)। उदाहरण: O₂, Cl₂, KMnO₄.
- अपचायक (Reducing Agent): वह पदार्थ जो दूसरे पदार्थ का अपचयन करता है और स्वयं ऑक्सीकृत हो जाता है (अर्थात् इलेक्ट्रॉन त्यागता है)। उदाहरण: H₂, Na, C.
अभ्यास प्रश्न (MCQs)
1. अभिक्रिया Zn + CuSO₄ → ZnSO₄ + Cu में, किसका ऑक्सीकरण हो रहा है?
2. एक अपचायक वह पदार्थ है जो:
3. अभिक्रिया 2FeCl₃ + H₂S → 2FeCl₂ + 2HCl + S में, H₂S किस रूप में कार्य कर रहा है?
4. निम्नलिखित में से किस प्रक्रिया में ऑक्सीकरण नहीं हो रहा है?
5. KMnO₄ में मैंगनीज (Mn) की ऑक्सीकरण संख्या क्या है?