अधातुओं से संबंधित परीक्षा-उपयोगी तथ्य (भाग 3)
- अधातुओं की संख्या: आवर्त सारणी में लगभग 22 तत्व अधातु माने जाते हैं।
- अधातुओं की अवस्था: अधातुएँ ठोस, द्रव और गैस तीनों अवस्थाओं में पाई जाती हैं।
- कार्बनिक रसायन का जनक: फ्रेडरिक वोहलर (Friedrich Wöhler) को आधुनिक कार्बनिक रसायन का जनक माना जाता है।
- पहला कार्बनिक यौगिक: वोहलर ने प्रयोगशाला में यूरिया (Urea) को संश्लेषित किया, जो पहला मानव निर्मित कार्बनिक यौगिक था।
- मीथेन (CH4): इसे ‘मार्श गैस’ (Marsh Gas) भी कहते हैं क्योंकि यह दलदली जगहों पर पाई जाती है। यह बायोगैस का मुख्य घटक है।
- इथेनॉल (C2H5OH): इसे ‘अनाज अल्कोहल’ (Grain Alcohol) भी कहते हैं और यह सभी मादक पेयों का मुख्य घटक है।
- मेथेनॉल (CH3OH): इसे ‘वुड अल्कोहल’ (Wood Alcohol) कहते हैं। यह अत्यंत विषैला होता है।
- फॉर्मिक एसिड (HCOOH): यह चींटियों और मधुमक्खियों के डंक में पाया जाता है।
- एसिटिक एसिड (CH3COOH): यह सिरके (Vinegar) में पाया जाता है।
- ऑक्जेलिक एसिड: यह टमाटर में पाया जाता है और इसका उपयोग स्याही के धब्बे हटाने में होता है।
- साइट्रिक एसिड: यह नींबू और संतरे जैसे खट्टे फलों में पाया जाता है।
- लैक्टिक एसिड: यह खट्टे दूध और दही में पाया जाता है।
- बेंजोइक एसिड: इसका उपयोग खाद्य परिरक्षक (food preservative) के रूप में किया जाता है।
- एस्पिरिन: एस्पिरिन का रासायनिक नाम एसिटाइलसैलिसिलिक एसिड है।
- फ्रूट शुगर: फ्रुक्टोज (Fructose) को ‘फ्रूट शुगर’ कहते हैं और यह सबसे मीठी प्राकृतिक शर्करा है।
- टेबल शुगर: सुक्रोज (Sucrose) को ‘टेबल शुगर’ या ‘केन शुगर’ कहते हैं।
- प्राकृतिक रबर: यह आइसोप्रीन नामक कार्बनिक यौगिक का बहुलक है।
- एलपीजी (LPG): इसके मुख्य घटक प्रोपेन और ब्यूटेन हैं।
- एलपीजी की गंध: रिसाव का पता लगाने के लिए एलपीजी में एथिल मरकैप्टन (Ethyl Mercaptan) मिलाया जाता है।
- सीएनजी (CNG): इसका मुख्य घटक मीथेन (Methane) है।
- बेंजीन (C6H6): यह सबसे सरल एरोमैटिक हाइड्रोकार्बन है।
- टीएनटी (TNT): ट्राईनाइट्रोटोलुइन (Trinitrotoluene) एक शक्तिशाली विस्फोटक है।
- आरडीएक्स (RDX): इसका रासायनिक नाम साइक्लोनाइट है और यह भी एक विस्फोटक है।
- पिक्रिक एसिड: यह भी एक विस्फोटक है, जिसका रासायनिक नाम ट्राईनाइट्रोफिनोल है।
- भोपाल गैस त्रासदी: 1984 में भोपाल में मिथाइल आइसोसाइनेट (MIC) गैस के रिसाव के कारण त्रासदी हुई थी।
- उपधातु (Metalloids): वे तत्व जो धातु और अधातु दोनों के गुण प्रदर्शित करते हैं, उपधातु कहलाते हैं। उदाहरण: बोरॉन, सिलिकॉन, जर्मेनियम, आर्सेनिक।
- अर्धचालक (Semiconductors): सिलिकॉन (Si) और जर्मेनियम (Ge) का उपयोग अर्धचालकों के रूप में ट्रांजिस्टर और आईसी चिप बनाने में होता है।
- आर्सेनिक का उपयोग: आर्सेनिक का उपयोग अर्धचालकों में डोपिंग एजेंट के रूप में और कीटनाशकों में किया जाता है।
- गैलियम आर्सेनाइड (GaAs): इसका उपयोग एलईडी (LED) बनाने में किया जाता है।
- अधातुओं की प्रकृति: अधातुएँ आमतौर पर भंगुर (brittle) होती हैं और उनमें आघातवर्धनीयता या तन्यता नहीं होती।
- अधातुओं की चालकता: ग्रेफाइट को छोड़कर, सभी अधातुएँ ऊष्मा और विद्युत की कुचालक (insulators) होती हैं।
- सबसे प्रचुर अक्रिय गैस: वायुमंडल में सबसे प्रचुर मात्रा में पाई जाने वाली अक्रिय गैस आर्गन (Ar) है।
- सूर्य में दूसरी सबसे प्रचुर गैस: सूर्य में हाइड्रोजन के बाद हीलियम (He) दूसरी सबसे प्रचुर गैस है।
- फ्लैश फोटोग्राफी: जेनॉन (Xe) का उपयोग उच्च-गति वाली फ्लैश फोटोग्राफी में किया जाता है।
- क्लोरीन की खोज: क्लोरीन की खोज शीले (Scheele) ने की थी।
- ऑक्सीजन की खोज: ऑक्सीजन की खोज प्रीस्टले (Priestley) ने की थी।
- हाइड्रोजन की खोज: हाइड्रोजन की खोज कैवेंडिश (Cavendish) ने की थी।
- नाइट्रोजन की खोज: नाइट्रोजन की खोज रदरफोर्ड (Rutherford) ने की थी।
- संपर्क प्रक्रिया: सल्फ्यूरिक एसिड का औद्योगिक उत्पादन संपर्क प्रक्रिया (Contact Process) द्वारा किया जाता है।
- ओस्टवाल्ड प्रक्रिया: नाइट्रिक एसिड (HNO3) का उत्पादन ओस्टवाल्ड प्रक्रिया (Ostwald’s Process) द्वारा किया जाता है।
- फ्रॉश प्रक्रिया: जमीन से सल्फर निकालने के लिए फ्रॉश प्रक्रिया (Frasch Process) का उपयोग किया जाता है।
- अम्लराज का अनुपात: अम्लराज में नाइट्रिक एसिड और हाइड्रोक्लोरिक एसिड का अनुपात 1:3 होता है।
- कार्बन पेपर: कार्बन पेपर में कार्बन ब्लैक का उपयोग किया जाता है।
- जल की स्थायी कठोरता: जल की स्थायी कठोरता कैल्शियम और मैग्नीशियम के क्लोराइड और सल्फेट के कारण होती है।
- जल की अस्थायी कठोरता: जल की अस्थायी कठोरता कैल्शियम और मैग्नीशियम के बाइकार्बोनेट के कारण होती है।
- कठोर जल को मृदु करना: स्थायी कठोरता को सोडियम कार्बोनेट (धावन सोडा) मिलाकर दूर किया जा सकता है।
- परमाणु भार का मानक: कार्बन-12 (C-12) समस्थानिक को परमाणु भार के मानक के रूप में उपयोग किया जाता है।
- अधातुओं के गलनांक/क्वथनांक: अधातुओं के गलनांक और क्वथनांक आमतौर पर धातुओं की तुलना में कम होते हैं (हीरा और ग्रेफाइट अपवाद हैं)।
- सबसे क्रियाशील हैलोजन: फ्लोरीन (F) सबसे अधिक अभिक्रियाशील हैलोजन है।
अभ्यास प्रश्न (MCQs)
1. प्रयोगशाला में संश्लेषित किया गया पहला कार्बनिक यौगिक कौन सा था?
2. भोपाल गैस त्रासदी के लिए कौन सी गैस जिम्मेदार थी?
3. निम्नलिखित में से कौन एक उपधातु (metalloid) नहीं है?
4. एलपीजी सिलेंडर में रिसाव का पता लगाने के लिए मिलाया जाने वाला गंधयुक्त पदार्थ कौन सा है?
5. ‘मार्श गैस’ के रूप में किसे जाना जाता है?
6. सल्फ्यूरिक एसिड के औद्योगिक उत्पादन की प्रक्रिया को क्या कहते हैं?
7. सिरके (Vinegar) में कौन सा अम्ल पाया जाता है?
8. सबसे मीठी प्राकृतिक शर्करा कौन सी है?