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Different type of Rocks

1. परिचय (Introduction)

चट्टानें पृथ्वी की भूपर्पटी के मूलभूत निर्माण खंड हैं। वे खनिजों के समुच्चय हैं और उनकी निर्माण प्रक्रिया के आधार पर उन्हें तीन मुख्य प्रकारों में वर्गीकृत किया गया है। प्रत्येक प्रकार की चट्टान की अपनी अनूठी विशेषताएँ और उप-प्रकार होते हैं, जो पृथ्वी के भूवैज्ञानिक इतिहास की कहानी बताते हैं।

2. आग्नेय चट्टानें (Igneous Rocks)

ये चट्टानें पिघले हुए चट्टानी पदार्थ, मैग्मा (पृथ्वी के नीचे) या लावा (पृथ्वी के ऊपर) के ठंडा होने और जमने से बनती हैं। इन्हें प्राथमिक चट्टानें भी कहा जाता है।

A. स्थान के आधार पर वर्गीकरण

  • अंतर्भेदी (Intrusive): ये पृथ्वी की सतह के नीचे मैग्मा के धीरे-धीरे ठंडा होने से बनती हैं, जिससे बड़े रवे बनते हैं। उदाहरण: ग्रेनाइट, गैब्रो।
  • बहिर्भेदी (Extrusive): ये पृथ्वी की सतह पर लावा के तेजी से ठंडा होने से बनती हैं, जिससे महीन रवे बनते हैं। उदाहरण: बेसाल्ट, प्यूमिस, ऑब्सीडियन।

B. रासायनिक संरचना के आधार पर वर्गीकरण

  • अम्लीय (Acidic): इनमें सिलिका की मात्रा अधिक (65% से अधिक) होती है। ये हल्के रंग की और कम घनी होती हैं। उदाहरण: ग्रेनाइट।
  • क्षारीय (Basic): इनमें सिलिका की मात्रा कम (45-55%) होती है, लेकिन लोहा और मैग्नीशियम अधिक होता है। ये गहरे रंग की और घनी होती हैं। उदाहरण: बेसाल्ट, गैब्रो।

3. अवसादी चट्टानें (Sedimentary Rocks)

ये चट्टानें अपक्षय और अपरदन से प्राप्त अवसादों (Sediments) के जमा होने, दबने और लिथिफिकेशन (सीमेंटीकरण) की प्रक्रिया से बनती हैं। पृथ्वी की सतह का लगभग 75% हिस्सा इन्हीं चट्टानों से ढका है।

निर्माण के आधार पर वर्गीकरण

  • यांत्रिक रूप से निर्मित (Mechanically Formed / Clastic): ये मौजूदा चट्टानों के टुकड़ों से बनती हैं।
    • बलुआ पत्थर (Sandstone): रेत के कणों से बनता है।
    • शेल (Shale): मिट्टी और गाद के महीन कणों से बनता है।
    • कांग्लोमरेट (Conglomerate): गोल कंकड़ और पत्थरों से बनता है।
  • रासायनिक रूप से निर्मित (Chemically Formed): ये पानी में घुले खनिजों के वाष्पीकरण या अवक्षेपण से बनती हैं।
    • चूना पत्थर (Limestone): कैल्शियम कार्बोनेट के जमाव से।
    • सेंधा नमक (Rock Salt): खारे पानी के वाष्पीकरण से।
  • जैविक रूप से निर्मित (Organically Formed): ये पौधों और जानवरों के अवशेषों से बनती हैं।
    • कोयला (Coal): प्राचीन पौधों के अवशेषों से।
    • चाक (Chalk): सूक्ष्म समुद्री जीवों के कंकालों से।

4. कायांतरित चट्टानें (Metamorphic Rocks)

ये चट्टानें तब बनती हैं जब मौजूदा आग्नेय या अवसादी चट्टानें अत्यधिक गर्मी और दबाव के कारण अपने रूप और संरचना में परिवर्तित हो जाती हैं।

कायांतरण के प्रकार (Types of Metamorphism)

  • तापीय/संपर्क कायांतरण (Thermal/Contact Metamorphism): जब चट्टानें गर्म मैग्मा या लावा के संपर्क में आती हैं।
  • क्षेत्रीय कायांतरण (Regional Metamorphism): जब टेक्टोनिक प्लेटों की गति के कारण बड़े क्षेत्र में चट्टानों पर अत्यधिक दबाव पड़ता है।

संरचना के आधार पर वर्गीकरण

  • पत्रित (Foliated): इनमें खनिजों की परतें या बैंड दिखाई देते हैं। उदाहरण: स्लेट, शिस्ट, नीस।
  • अ-पत्रित (Non-foliated): इनमें परतें नहीं होती हैं। उदाहरण: संगमरमर, क्वार्टजाइट।

मूल चट्टानों का रूपांतरण

  • ग्रेनाइट (आग्नेय) → नीस (Gneiss)
  • बेसाल्ट (आग्नेय) → शिस्ट (Schist)
  • बलुआ पत्थर (अवसादी) → क्वार्टजाइट (Quartzite)
  • चूना पत्थर (अवसादी) → संगमरमर (Marble)
  • शेल (अवसादी) → स्लेट (Slate)

5. शैल चक्र (The Rock Cycle)

शैल चक्र एक सतत भूवैज्ञानिक प्रक्रिया है जो बताती है कि कैसे चट्टानें एक रूप से दूसरे रूप में परिवर्तित होती हैं। यह पृथ्वी की सतह पर और उसके नीचे लगातार चलता रहता है, जो टेक्टोनिक प्लेटों की गति और जलवायु प्रणालियों द्वारा संचालित होता है।

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