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पर्वतों के गठन की प्रक्रियाएँ (Processes of Mountain Formation)

1. परिचय: पर्वतजनन (Introduction: Orogenesis)

पर्वत निर्माण की प्रक्रिया को पर्वतजनन (Orogenesis) कहा जाता है। यह एक जटिल और लंबी भूवैज्ञानिक प्रक्रिया है जो मुख्य रूप से प्लेट विवर्तनिकी (Plate Tectonics) की गति से संचालित होती है। पृथ्वी की पपड़ी के बड़े खंडों की टक्कर, खिंचाव और ज्वालामुखी गतिविधि के कारण विशाल पर्वत श्रृंखलाओं का निर्माण होता है।

2. अभिसारी प्लेट सीमाओं पर पर्वत निर्माण (Mountain Building at Convergent Boundaries)

वलित पर्वतों का निर्माण मुख्य रूप से वहां होता है जहां दो विवर्तनिक प्लेटें एक-दूसरे से टकराती हैं।

A. महाद्वीपीय-महासागरीय अभिसरण (Continental-Oceanic Convergence)

  • जब एक सघन महासागरीय प्लेट एक कम सघन महाद्वीपीय प्लेट से टकराती है, तो महासागरीय प्लेट नीचे क्षेपित (subducts) हो जाती है।
  • क्षेपण क्षेत्र में एक गहरी महासागरीय खाई (Oceanic Trench) बनती है।
  • नीचे जाती हुई प्लेट पिघलकर मैग्मा बनाती है, जो ऊपर उठकर महाद्वीपीय प्लेट पर ज्वालामुखी पर्वतों की एक श्रृंखला का निर्माण करता है, जिसे महाद्वीपीय ज्वालामुखी चाप (Continental Volcanic Arc) कहते हैं।
  • उदाहरण: दक्षिण अमेरिका में एंडीज पर्वत श्रृंखला।

B. महाद्वीपीय-महाद्वीपीय अभिसरण (Continental-Continental Convergence)

  • जब दो महाद्वीपीय प्लेटें टकराती हैं, तो उनका घनत्व लगभग समान होने के कारण कोई भी प्लेट आसानी से क्षेपित नहीं होती है।
  • इसके बजाय, चट्टानें मुड़ जाती हैं, भ्रंशित होती हैं और ऊपर की ओर उठ जाती हैं, जिससे पृथ्वी की पपड़ी मोटी हो जाती है और विशाल वलित पर्वतों का निर्माण होता है।
  • यह सबसे ऊंची और सबसे जटिल पर्वत श्रृंखलाओं का निर्माण करता है।
  • उदाहरण: भारतीय प्लेट और यूरेशियन प्लेट के टकराने से हिमालय का निर्माण।

C. महासागरीय-महासागरीय अभिसरण (Oceanic-Oceanic Convergence)

  • जब दो महासागरीय प्लेटें टकराती हैं, तो पुरानी और अधिक सघन प्लेट दूसरी के नीचे क्षेपित हो जाती है।
  • इससे समुद्र तल पर ज्वालामुखी फटते हैं, जो समय के साथ पानी की सतह से ऊपर उठकर ज्वालामुखी द्वीपों की एक श्रृंखला बनाते हैं, जिसे द्वीपीय चाप (Island Arc) कहा जाता है।
  • उदाहरण: जापान, फिलीपींस।

3. भ्रंशन द्वारा पर्वत निर्माण (Mountain Building by Faulting)

भ्रंशोत्थ या ब्लॉक पर्वतों का निर्माण पृथ्वी की पपड़ी में तनाव या संपीड़न बलों के कारण होता है, जिससे चट्टानें टूट जाती हैं।

  • जब पपड़ी में खिंचाव होता है (तनाव), तो भूमि के बड़े खंड भ्रंशों के सहारे नीचे धंस जाते हैं, जिससे ग्राबेन (Graben) या भ्रंश घाटी (Rift Valley) बनती है।
  • आस-पास के ऊंचे खड़े खंड हॉर्स्ट (Horst) या ब्लॉक पर्वत कहलाते हैं।
  • उदाहरण: पूर्वी अफ्रीकी भ्रंश घाटी, उत्तरी अमेरिका का बेसिन और रेंज प्रांत।

4. ज्वालामुखी द्वारा पर्वत निर्माण (Mountain Building by Volcanism)

  • ज्वालामुखी पर्वत तब बनते हैं जब मैग्मा, राख और चट्टान के टुकड़े पृथ्वी की सतह पर जमा हो जाते हैं।
  • यह प्लेट सीमाओं पर (जैसा कि ऊपर वर्णित है) या प्लेटों के बीच में हॉटस्पॉट (Hotspots) के ऊपर हो सकता है।
  • हॉटस्पॉट मेंटल में असामान्य रूप से गर्म क्षेत्रों से उत्पन्न होते हैं जो ऊपर की प्लेट को पिघला देते हैं। जैसे-जैसे प्लेट हॉटस्पॉट के ऊपर चलती है, ज्वालामुखियों की एक श्रृंखला बन जाती है।
  • उदाहरण: हवाई द्वीप समूह।
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प्रमुख पर्वत श्रृंखलाओं का वर्गीकरण (Classification of Major Mountain Ranges)

एशिया की प्रमुख पर्वत श्रृंखलाएँ (Major Mountain Ranges of Asia)

यूरोप की प्रमुख पर्वत श्रृंखलाएँ (Major Mountain Ranges of Europe)

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