1. परिचय (Introduction)
एशिया महाद्वीप दुनिया की सबसे ऊंची और सबसे विशाल पर्वत प्रणालियों का घर है। ये पर्वत श्रृंखलाएं न केवल इस क्षेत्र की स्थलाकृति को परिभाषित करती हैं, बल्कि जलवायु, नदी प्रणालियों, जैव विविधता और मानव सभ्यताओं को भी गहराई से प्रभावित करती हैं। इनमें से कई पर्वत श्रृंखलाएं पामीर गाँठ (Pamir Knot) से निकलती हैं, जिसे ‘दुनिया की छत’ भी कहा जाता है।
2. मध्य एशिया की उच्च पर्वत प्रणालियाँ
A. पामीर गाँठ (The Pamir Knot)
- यह मध्य एशिया में स्थित एक उच्च पठारी क्षेत्र है जहाँ कई प्रमुख पर्वत श्रृंखलाएं आकर मिलती हैं, जिससे यह एक केंद्रीय हब बन जाता है।
- यह हिमालय, तियान शान, काराकोरम, कुनलुन और हिंदू कुश जैसी पर्वतमालाओं का जंक्शन बिंदु है।
B. हिमालय श्रृंखला (The Himalayan Range)
- उत्पत्ति: यह एक नवीन वलित पर्वत है जिसका निर्माण भारतीय-ऑस्ट्रेलियाई प्लेट के यूरेशियन प्लेट से टकराने के कारण हुआ।
- विस्तार: यह पश्चिम में सिंधु नदी के मोड़ से लेकर पूर्व में ब्रह्मपुत्र नदी के मोड़ तक लगभग 2,400 किमी की लंबाई में एक चाप (arc) के आकार में फैली हुई है।
- प्रमुख विभाजन (उत्तर से दक्षिण):
- ट्रांस-हिमालय: इसमें काराकोरम, लद्दाख और जास्कर श्रेणियां शामिल हैं।
- वृहत हिमालय (हिमाद्री): यह सबसे ऊंची और सतत श्रेणी है, जिसमें माउंट एवरेस्ट (8,848.86 मीटर) और कंचनजंगा जैसी दुनिया की सर्वोच्च चोटियाँ हैं।
- लघु हिमालय (हिमाचल): यह वृहत हिमालय के दक्षिण में स्थित है और इसमें पीर पंजाल, धौलाधार श्रेणियां शामिल हैं।
- बाह्य हिमालय (शिवालिक): यह सबसे दक्षिणी और सबसे कम ऊंची श्रेणी है, जो हिमालय की नदियों द्वारा लाए गए अवसादों से बनी है।
- महत्व: यह एक जलवायु अवरोधक है, भारतीय मानसून को नियंत्रित करता है, सदाबहार नदियों का स्रोत है, और जैव विविधता का भंडार है।
C. काराकोरम श्रृंखला (The Karakoram Range)
- यह पामीर गाँठ से पूर्व की ओर फैली है और भारत, पाकिस्तान और चीन में स्थित है।
- इसमें दुनिया की दूसरी सबसे ऊंची चोटी K2 (गॉडविन ऑस्टेन) स्थित है।
- यह ध्रुवीय क्षेत्रों के बाहर दुनिया के कुछ सबसे बड़े ग्लेशियरों का घर है, जैसे सियाचिन और बियाफो।
D. हिंदू कुश श्रृंखला (The Hindu Kush Range)
- यह पामीर गाँठ से दक्षिण-पश्चिम की ओर अफगानिस्तान और पाकिस्तान में फैली हुई है।
- ऐतिहासिक रूप से, इसने खैबर दर्रे जैसे महत्वपूर्ण मार्गों के माध्यम से भारतीय उपमहाद्वीप और मध्य एशिया के बीच एक प्राकृतिक बाधा और संपर्क मार्ग के रूप में कार्य किया है।
E. कुनलुन पर्वत (The Kunlun Mountains)
- यह तिब्बत के पठार के उत्तरी किनारे पर स्थित है और इसे तारिम बेसिन से अलग करती है।
- यह दुनिया की सबसे लंबी पर्वत श्रृंखलाओं में से एक है, जो लगभग 3,000 किमी तक फैली है।
3. अन्य प्रमुख एशियाई पर्वत श्रृंखलाएं
A. तियान शान (Tian Shan)
- इसका अर्थ है ‘स्वर्गीय पर्वत’। यह चीन, किर्गिस्तान और कजाकिस्तान में फैली एक विशाल पर्वत प्रणाली है।
- यह कुनलुन के उत्तर में स्थित है और तारिम बेसिन और जुंगरियन बेसिन को अलग करती है।
B. यूराल पर्वत (The Ural Mountains)
- यह रूस में उत्तर से दक्षिण तक फैली हुई है और परंपरागत रूप से एशिया और यूरोप के बीच की सीमा मानी जाती है।
- यह एक प्राचीन वलित पर्वत है जो हर्सीनियन पर्वतजनन के दौरान बना था और अब काफी हद तक अपरदित हो चुका है।
- यह लौह अयस्क, तांबा और निकल जैसे खनिज संसाधनों से समृद्ध है।
C. ज़ाग्रोस पर्वत (The Zagros Mountains)
- यह ईरान, इराक और दक्षिण-पूर्वी तुर्की में फैली सबसे बड़ी पर्वत श्रृंखला है।
- इसका निर्माण अरब प्लेट के यूरेशियन प्लेट से टकराने से हुआ, जो हिमालय के निर्माण के समान एक प्रक्रिया है।
D. पोंटिक और टॉरस पर्वत (Pontic and Taurus Mountains)
- ये दोनों पर्वत श्रृंखलाएं तुर्की में स्थित हैं और अनातोलियन पठार को घेरती हैं।
- पोंटिक पर्वत उत्तर में काला सागर के समानांतर और टॉरस पर्वत दक्षिण में भूमध्य सागर के समानांतर चलते हैं।
4. सारांश: एशिया की प्रमुख पर्वत श्रृंखलाएं
| पर्वत श्रृंखला | स्थान/विस्तार | सर्वोच्च चोटी | प्रमुख विशेषता/महत्व |
|---|---|---|---|
| हिमालय | भारतीय उपमहाद्वीप के उत्तर में | माउंट एवरेस्ट | नवीन वलित पर्वत, जलवायु अवरोधक, नदियों का स्रोत |
| काराकोरम | भारत/पाक/चीन (हिमालय के उत्तर में) | K2 (गॉडविन ऑस्टेन) | बड़े ग्लेशियर (सियाचिन), उच्च ऊंचाई |
| हिंदू कुश | अफगानिस्तान/पाकिस्तान | तिरिच मीर | ऐतिहासिक दर्रे (खैबर), रणनीतिक स्थान |
| कुनलुन | तिब्बती पठार के उत्तर में (चीन) | लिउशी शान | तारिम बेसिन और तिब्बत को अलग करता है |
| यूराल | रूस | माउंट नारोडनाया | एशिया-यूरोप सीमा, खनिज संसाधन, प्राचीन पर्वत |
| ज़ाग्रोस | ईरान/इराक/तुर्की | देना | अरब और यूरेशियन प्लेटों का टकराव |