1. परिचय: ज्वालामुखी विस्फोट क्या है?
ज्वालामुखी विस्फोट (Volcanic Eruption) वह प्रक्रिया है जिसमें पृथ्वी के आंतरिक भाग से मैग्मा (पिघली हुई चट्टान), राख और गैसें एक ज्वालामुखी के मुख या दरार से बाहर निकलती हैं। यह पृथ्वी की सतह पर सबसे शक्तिशाली और नाटकीय भूवैज्ञानिक घटनाओं में से एक है। विस्फोट की प्रकृति मैग्मा की संरचना पर निर्भर करती है, जो शांत लावा प्रवाह से लेकर विनाशकारी विस्फोटों तक हो सकती है।
2. विस्फोट के प्रकार (Types of Eruptions)
विस्फोट की प्रकृति मैग्मा के गाढ़ेपन (Viscosity) और उसमें मौजूद गैसों की मात्रा पर निर्भर करती है। गाढ़ापन मुख्य रूप से सिलिका (Silica) की मात्रा से निर्धारित होता है।
A. शांत या प्रवाहपूर्ण विस्फोट (Effusive / Quiet Eruptions)
- मैग्मा का प्रकार: कम सिलिका वाला बेसाल्टिक मैग्मा, जो कम गाढ़ा और तरल होता है।
- प्रक्रिया: गैसें आसानी से बाहर निकल जाती हैं, जिससे दबाव नहीं बनता। मैग्मा सतह पर लावा के रूप में धीरे-धीरे बहता है।
- उदाहरण: हवाई के ज्वालामुखी (जैसे किलाउआ), दक्कन ट्रैप (भारत) का निर्माण करने वाले दरारी उद्भेदन।
B. विस्फोटक विस्फोट (Explosive Eruptions)
- मैग्मा का प्रकार: उच्च सिलिका वाला एंडेसिटिक या रायोलिटिक मैग्मा, जो बहुत गाढ़ा और चिपचिपा होता है।
- प्रक्रिया: गाढ़ा मैग्मा गैसों को बाहर निकलने से रोकता है, जिससे ज्वालामुखी के भीतर अत्यधिक दबाव बनता है। जब यह दबाव चट्टान की ताकत से अधिक हो जाता है, तो एक प्रचंड विस्फोट होता है, जो मैग्मा को राख, चट्टानों और गैसों के रूप में मीलों ऊपर वायुमंडल में फेंक देता है।
- पाइरोक्लास्टिक प्रवाह: ये विस्फोट अक्सर पाइरोक्लास्टिक प्रवाह (Pyroclastic Flows) उत्पन्न करते हैं – जो राख, चट्टान और गैस का एक अत्यंत गर्म और तेज गति से बहने वाला बादल होता है, जो अपने रास्ते में आने वाली हर चीज को नष्ट कर देता है।
- उदाहरण: माउंट सेंट हेलेंस (USA, 1980), माउंट पिनाटुबो (फिलीपींस, 1991), क्राकाटोआ (इंडोनेशिया, 1883)।
3. ज्वालामुखी द्वारा निर्मित भू-आकृतियाँ (Volcanic Landforms)
[Image of a shield volcano vs. a composite volcano]A. शील्ड ज्वालामुखी (Shield Volcanoes)
इनका निर्माण शांत, प्रवाहपूर्ण विस्फोटों से निकले तरल बेसाल्टिक लावा की कई परतों के जमने से होता है। ये चौड़े होते हैं और इनकी ढलान बहुत धीमी होती है, जो एक ढाल (shield) जैसी दिखती है।
उदाहरण: मौना लोआ (हवाई)।
B. मिश्रित या स्ट्रैटोवोलकेनो (Composite / Stratovolcanoes)
इनका निर्माण विस्फोटक विस्फोटों से निकले लावा और राख की बारी-बारी से परतों के जमा होने से होता है। ये खड़ी ढलानों वाले और शंक्वाकार (cone-shaped) होते हैं और दुनिया के सबसे प्रसिद्ध और खतरनाक ज्वालामुखी इसी प्रकार के हैं।
उदाहरण: माउंट फुजी (जापान), माउंट रेनियर (USA), माउंट विसुवियस (इटली)।
C. काल्डेरा (Calderas)
ये एक बड़े ज्वालामुखी विस्फोट के बाद बनते हैं जब मैग्मा कक्ष खाली हो जाता है और ऊपर की संरचना ढह जाती है, जिससे एक विशाल, कटोरे के आकार का गड्ढा बन जाता है। इनमें अक्सर पानी भर जाने से झील बन जाती है।
उदाहरण: क्रेटर लेक (USA)।
D. लावा पठार या बाढ़ बेसाल्ट (Lava Plateaus or Flood Basalts)
इनका निर्माण लंबी दरारों से निकलने वाले अत्यधिक तरल बेसाल्टिक लावा के व्यापक और बार-बार होने वाले प्रवाह से होता है, जो हजारों वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र को कवर करता है।
उदाहरण: भारत का दक्कन ट्रैप, कोलंबिया नदी पठार (USA)।