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सामाजिक सुरक्षा योजनाएँ

उत्तराखंड सरकार समाज के कमजोर और वंचित वर्गों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने तथा उनके जीवन स्तर में सुधार लाने के लिए विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का संचालन कर रही है। इन योजनाओं का उद्देश्य वरिष्ठ नागरिकों, विधवाओं, दिव्यांगजनों, निराश्रित बच्चों और अन्य जरूरतमंद व्यक्तियों को आर्थिक सहायता, स्वास्थ्य सुविधाएँ और सामाजिक संबल प्रदान करना है।

कुछ त्वरित तथ्य (Quick Facts):
  • सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का क्रियान्वयन मुख्य रूप से समाज कल्याण विभाग, महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग और अन्य संबंधित विभागों द्वारा किया जाता है।
  • इन योजनाओं में पेंशन योजनाएँ, बीमा योजनाएँ, छात्रवृत्ति योजनाएँ और विशेष सहायता कार्यक्रम शामिल हैं।
  • केंद्र सरकार की कई सामाजिक सुरक्षा योजनाएँ भी राज्य में लागू हैं, जिनमें राज्य सरकार अपना अंशदान देती है।
  • प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (DBT) के माध्यम से योजनाओं का लाभ सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में पहुँचाने पर जोर दिया जा रहा है।

वरिष्ठ नागरिकों के लिए योजनाएँ

1. वृद्धावस्था पेंशन योजना (समाज कल्याण विभाग)

  • उद्देश्य: निर्धनता रेखा से नीचे जीवनयापन करने वाले या कम आय वाले वरिष्ठ नागरिकों को आर्थिक सहायता प्रदान करना।
  • लाभार्थी: 60 वर्ष या उससे अधिक आयु के पात्र वरिष्ठ नागरिक।
  • प्रावधान: मासिक पेंशन (राशि समय-समय पर संशोधित होती है)। इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना (केंद्र सरकार) के तहत भी अतिरिक्त सहायता मिलती है।

2. वरिष्ठ नागरिक भरण-पोषण तथा कल्याण अधिनियम, 2007 का क्रियान्वयन

  • उद्देश्य: वरिष्ठ नागरिकों के भरण-पोषण और कल्याण को सुनिश्चित करना, उनकी उपेक्षा और दुर्व्यवहार से सुरक्षा प्रदान करना।
  • प्रावधान: भरण-पोषण अधिकरणों की स्थापना, वृद्धाश्रमों का प्रबंधन।

विधवाओं और निराश्रित महिलाओं के लिए योजनाएँ

1. विधवा पेंशन योजना (समाज कल्याण विभाग)

  • उद्देश्य: निर्धनता रेखा से नीचे जीवनयापन करने वाली या कम आय वाली निराश्रित विधवा महिलाओं को आर्थिक सहायता प्रदान करना।
  • लाभार्थी: 18 से 60 वर्ष आयु वर्ग की पात्र विधवा महिलाएँ।
  • प्रावधान: मासिक पेंशन। इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा पेंशन योजना (केंद्र सरकार) के तहत भी अतिरिक्त सहायता।

2. मुख्यमंत्री महिला स्वयं सहायता समूह सशक्तिकरण योजना

  • उद्देश्य: महिला स्वयं सहायता समूहों (SHGs) को आर्थिक रूप से सुदृढ़ बनाना, जिसमें विधवा और निराश्रित महिलाएँ भी शामिल हो सकती हैं।

दिव्यांगजनों के लिए योजनाएँ

1. दिव्यांग भरण-पोषण अनुदान (दिव्यांग पेंशन) योजना (समाज कल्याण विभाग)

  • उद्देश्य: दिव्यांग व्यक्तियों को आर्थिक सहायता प्रदान कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना।
  • लाभार्थी: निर्धारित प्रतिशत से अधिक दिव्यांगता वाले पात्र व्यक्ति।
  • प्रावधान: मासिक पेंशन। इंदिरा गांधी राष्ट्रीय निःशक्तता पेंशन योजना (केंद्र सरकार) के तहत भी अतिरिक्त सहायता।

2. दिव्यांगजनों के लिए कृत्रिम अंग एवं सहायक उपकरण योजना

  • उद्देश्य: दिव्यांगजनों को निःशुल्क या रियायती दरों पर कृत्रिम अंग और सहायक उपकरण (जैसे व्हीलचेयर, श्रवण यंत्र) उपलब्ध कराना।

3. दिव्यांग छात्र-छात्राओं हेतु छात्रवृत्ति योजना

  • उद्देश्य: दिव्यांग छात्र-छात्राओं को शिक्षा जारी रखने के लिए प्रोत्साहित करना और वित्तीय सहायता प्रदान करना।

बच्चों के कल्याण हेतु योजनाएँ

1. मुख्यमंत्री वात्सल्य योजना (2021)

  • उद्देश्य: कोविड-19 या अन्य कारणों से अनाथ हुए बच्चों की देखभाल, शिक्षा, स्वास्थ्य और आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित करना।
  • प्रावधान: 3000 रुपये प्रति माह का भत्ता (21 वर्ष की आयु तक), निःशुल्क शिक्षा, स्वास्थ्य बीमा और सरकारी नौकरियों में आरक्षण।

2. समेकित बाल विकास सेवाएँ (ICDS) – आंगनवाड़ी कार्यक्रम

  • उद्देश्य: 0-6 वर्ष के बच्चों, गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली माताओं के स्वास्थ्य, पोषण और प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल एवं शिक्षा (ECCE) को सुनिश्चित करना।
  • सेवाएँ: पूरक पोषण, टीकाकरण, स्वास्थ्य जाँच, अनौपचारिक पूर्व-स्कूली शिक्षा।

3. नंदा गौरा योजना

  • उद्देश्य: बालिकाओं के जन्म और शिक्षा को बढ़ावा देना। (विवरण “महिला सशक्तिकरण” नोट्स में)

अन्य सामाजिक सुरक्षा और कल्याण योजनाएँ

1. अटल आयुष्मान उत्तराखंड योजना

  • उद्देश्य: सभी पात्र परिवारों को निःशुल्क स्वास्थ्य बीमा कवर प्रदान करना। (विवरण “स्वास्थ्य योजनाएँ” नोट्स में)

2. राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना (NFBS)

  • विवरण: केंद्र प्रायोजित योजना।
  • उद्देश्य: गरीबी रेखा से नीचे जीवनयापन करने वाले परिवार के मुख्य कमाऊ सदस्य की मृत्यु होने पर परिवार को एकमुश्त आर्थिक सहायता प्रदान करना।

3. किसान पेंशन योजना

  • उद्देश्य: लघु एवं सीमांत किसानों को वृद्धावस्था में सामाजिक सुरक्षा प्रदान करना।
  • प्रावधान: मासिक पेंशन (पात्रता मानदंडों के अनुसार)।

4. उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारियों और उनके आश्रितों हेतु पेंशन योजना

  • उद्देश्य: उत्तराखंड राज्य आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाने वाले आंदोलनकारियों और उनके आश्रितों को सम्मान और आर्थिक सहायता प्रदान करना।

निष्कर्ष (Conclusion)

उत्तराखंड में सामाजिक सुरक्षा योजनाएँ समाज के सबसे कमजोर और जरूरतमंद वर्गों को एक सुरक्षा कवच प्रदान करने का महत्वपूर्ण कार्य करती हैं। इन योजनाओं का उद्देश्य न केवल तात्कालिक राहत पहुँचाना है, बल्कि लाभार्थियों को आत्मनिर्भर बनाना और उन्हें सम्मानजनक जीवन जीने में सक्षम बनाना भी है। इन योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और अधिक से अधिक पात्र व्यक्तियों तक इनकी पहुँच सुनिश्चित करना सरकार की निरंतर प्राथमिकता है।

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