BIOS, POST और फर्मवेयर
फर्मवेयर, BIOS और POST कंप्यूटर की बूटिंग प्रक्रिया (कंप्यूटर के चालू होने की प्रक्रिया) के मूलभूत घटक हैं। ये तीनों एक दूसरे से निकटता से जुड़े हुए हैं।
अवधारणाएँ
फर्मवेयर (Firmware)
फर्मवेयर एक विशेष प्रकार का सॉफ्टवेयर है जिसे स्थायी रूप से हार्डवेयर के एक टुकड़े में एम्बेड (embedded) कर दिया जाता है। यह हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर का एक संयोजन है जो उस विशिष्ट हार्डवेयर डिवाइस को नियंत्रित करने के लिए लिखा जाता है।
- यह आमतौर पर एक रीड-ओनली मेमोरी (ROM) या फ्लैश मेमोरी चिप पर संग्रहीत होता है।
- उदाहरण: वॉशिंग मशीन का कंट्रोल प्रोग्राम, टीवी रिमोट, और कंप्यूटर का BIOS।
BIOS (Basic Input/Output System)
BIOS एक फर्मवेयर है जो कंप्यूटर के मदरबोर्ड पर एक चिप में संग्रहीत होता है। जब आप कंप्यूटर चालू करते हैं तो यह चलने वाला पहला सॉफ्टवेयर होता है।
- मुख्य कार्य:
- POST (Power-On Self-Test) करना: यह सुनिश्चित करना कि सभी हार्डवेयर घटक ठीक से काम कर रहे हैं।
- ऑपरेटिंग सिस्टम को लोड करना: हार्ड ड्राइव से ऑपरेटिंग सिस्टम (जैसे विंडोज) को ढूंढना और उसे मुख्य मेमोरी (RAM) में लोड करना।
- UEFI (Unified Extensible Firmware Interface): यह BIOS का आधुनिक और अधिक शक्तिशाली उत्तराधिकारी है, जो तेज बूट समय और बेहतर सुरक्षा जैसी सुविधाएँ प्रदान करता है।
POST (Power-On Self-Test)
यह एक प्रक्रिया है जो कंप्यूटर के चालू होने पर BIOS द्वारा स्वचालित रूप से चलती है। इसका उद्देश्य यह जांचना है कि सभी आवश्यक हार्डवेयर घटक (जैसे RAM, की-बोर्ड, डिस्क ड्राइव) ठीक से जुड़े हुए हैं और काम कर रहे हैं या नहीं।
- यदि POST सफल होता है, तो कंप्यूटर सामान्य रूप से बूट होना जारी रखता है।
- यदि कोई समस्या पाई जाती है, तो कंप्यूटर बीप कोड (beep codes) या स्क्रीन पर एक त्रुटि संदेश प्रदर्शित करता है।