प्रारंभिक परीक्षाओं के लिए त्वरित तथ्य (Quick Facts for Prelims)
- संवैधानिक संशोधन: 42वां संशोधन, 1976, जिसके द्वारा अनुच्छेद 48A और 51A(g) जोड़े गए।
- पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम, 1986: इसे ‘छाता विधान’ (Umbrella Legislation) कहा जाता है और यह भोपाल गैस त्रासदी के बाद बनाया गया था।
- राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT): इसकी स्थापना NGT अधिनियम, 2010 के तहत की गई। यह पर्यावरण संबंधी मामलों के त्वरित निपटान के लिए है।
- CPCB (केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड): इसका गठन जल (प्रदूषण निवारण और नियंत्रण) अधिनियम, 1974 के तहत किया गया था।
- न्यायिक सक्रियता: सर्वोच्च न्यायालय ने अनुच्छेद 21 (जीवन का अधिकार) की व्याख्या करते हुए स्वच्छ पर्यावरण के अधिकार को एक मौलिक अधिकार माना है।
संवैधानिक ढाँचा (Constitutional Framework)
भारतीय संविधान पर्यावरण की रक्षा के लिए एक मजबूत आधार प्रदान करता है।राज्य के नीति निदेशक सिद्धांत (Directive Principles of State Policy)
- अनुच्छेद 48A: यह राज्य को “पर्यावरण की रक्षा और सुधार करने तथा देश के वनों और वन्यजीवों की रक्षा करने” का निर्देश देता है। यह राज्य का कर्तव्य निर्धारित करता है।
मौलिक कर्तव्य (Fundamental Duties)
- अनुच्छेद 51A(g): यह प्रत्येक नागरिक पर “वनों, झीलों, नदियों और वन्यजीवों सहित प्राकृतिक पर्यावरण की रक्षा और सुधार करने तथा जीवित प्राणियों के प्रति दया भाव रखने” का कर्तव्य आरोपित करता है।