निश्चेतक (Anesthetics) का परिचय
निश्चेतक (Anesthetics) वे रासायनिक पदार्थ हैं जो शरीर में चेतना या किसी विशेष अंग में संवेदना को अस्थायी रूप से समाप्त कर देते हैं। इनका उपयोग मुख्य रूप से सर्जिकल प्रक्रियाओं के दौरान दर्द को रोकने के लिए किया जाता है ताकि ऑपरेशन बिना किसी पीड़ा के किया जा सके। निश्चेतना की इस अवस्था को एनेस्थीसिया (Anesthesia) कहते हैं।
निश्चेतकों के प्रकार
1. सामान्य निश्चेतक (General Anesthetics)
ये निश्चेतक पूरे शरीर पर कार्य करते हैं और व्यक्ति को पूरी तरह से बेहोश कर देते हैं। ये केंद्रीय तंत्रिका तंत्र को प्रभावित करके चेतना, स्मृति और दर्द की अनुभूति को समाप्त कर देते हैं।
- उदाहरण:
- डाइ-एथिल ईथर (Diethyl Ether): यह पहला सफल सामान्य निश्चेतक था, लेकिन इसकी धीमी क्रिया और ज्वलनशील प्रकृति के कारण अब इसका उपयोग कम हो गया है।
- क्लोरोफॉर्म (Chloroform, CHCl3): यह भी एक प्रारंभिक निश्चेतक था, लेकिन यकृत पर इसके हानिकारक प्रभावों के कारण इसे सुरक्षित विकल्पों से बदल दिया गया है।
- नाइट्रस ऑक्साइड (N2O): इसे ‘हंसाने वाली गैस’ भी कहते हैं। इसका उपयोग अक्सर दंत चिकित्सा में हल्के निश्चेतक के रूप में किया जाता है।
- आधुनिक निश्चेतक: आजकल हेलोथेन, आइसोफ्लुरेन जैसे सुरक्षित और अधिक प्रभावी गैसों का उपयोग किया जाता है।
2. स्थानीय निश्चेतक (Local Anesthetics)
ये निश्चेतक शरीर के केवल एक छोटे और विशिष्ट क्षेत्र को सुन्न करते हैं, जबकि व्यक्ति पूरी तरह से होश में रहता है। ये उस क्षेत्र की तंत्रिकाओं से मस्तिष्क तक दर्द के संकेतों को पहुंचने से रोकते हैं।
- उदाहरण:
- कोकीन (Cocaine): यह पहला खोजा गया स्थानीय निश्चेतक था, लेकिन इसके नशे की लत और दुष्प्रभावों के कारण इसका उपयोग बंद हो गया है।
- प्रोकेन और लिडोकेन (Procaine and Lidocaine): ये आजकल सबसे अधिक उपयोग किए जाने वाले स्थानीय निश्चेतक हैं। इनका उपयोग दंत चिकित्सा (दांत निकालना) और छोटी सर्जरी (टांके लगाना) में किया जाता है।