कार्बन फाइबर का परिचय
कार्बन फाइबर (Carbon Fiber), जिसे ग्रेफाइट फाइबर भी कहा जाता है, एक अत्यंत मजबूत लेकिन हल्के वजन वाला पदार्थ है। यह मानव बाल से भी पतले रेशों से बना होता है, जिनमें लगभग पूरी तरह से कार्बन परमाणु होते हैं। इन परमाणुओं को ग्रेफाइट की तरह क्रिस्टल के रूप में व्यवस्थित किया जाता है, जो फाइबर को अविश्वसनीय मजबूती प्रदान करता है। अपने उच्च मजबूती-से-वजन अनुपात (high strength-to-weight ratio) के कारण, इसे ‘भविष्य का पदार्थ’ माना जाता है।
कार्बन फाइबर का निर्माण
कार्बन फाइबर का निर्माण एक जटिल और उच्च-तकनीकी प्रक्रिया है। इसे आमतौर पर पॉलीएक्रिलोनाइट्राइल (Polyacrylonitrile – PAN) नामक एक कार्बनिक बहुलक से बनाया जाता है। प्रक्रिया के मुख्य चरण हैं:
- स्थिरीकरण (Stabilization): PAN फाइबर को हवा में 200-300°C पर गर्म किया जाता है। यह ऑक्सीकरण प्रक्रिया फाइबर को अगले चरण में पिघलने से रोकती है।
- कार्बनीकरण (Carbonization): स्थिर फाइबर को ऑक्सीजन-मुक्त वातावरण में लगभग 1000-3000°C के अत्यधिक उच्च तापमान पर गर्म किया जाता है। इससे गैर-कार्बन परमाणु वाष्पित हो जाते हैं, और कसकर बंधे हुए कार्बन क्रिस्टल पीछे रह जाते हैं।
- सतह उपचार (Surface Treatment): कार्बन फाइबर की सतह को ऑक्सीडाइज़ किया जाता है ताकि यह अन्य सामग्रियों (जैसे एपॉक्सी रेजिन) के साथ बेहतर तरीके से बंध सके।
कार्बन फाइबर के गुण
- उच्च मजबूती और कठोरता: यह स्टील से पांच गुना मजबूत और दोगुना कठोर होता है।
- हल्का वजन: अपनी मजबूती के बावजूद, यह स्टील से बहुत हल्का होता है, जो इसे एयरोस्पेस और ऑटोमोटिव उद्योगों के लिए आदर्श बनाता है।
- उच्च रासायनिक प्रतिरोध: यह जंग और कई रसायनों के प्रति अत्यधिक प्रतिरोधी है।
- कम तापीय विस्तार: तापमान में बदलाव के साथ यह बहुत कम फैलता या सिकुड़ता है, जिससे यह आयामी रूप से स्थिर रहता है।
- विद्युत चालकता: यह विद्युत का एक अच्छा सुचालक है।
कार्बन फाइबर के उपयोग
अपने असाधारण गुणों के कारण, कार्बन फाइबर का उपयोग कई उच्च-प्रदर्शन वाले अनुप्रयोगों में किया जाता है:
- एयरोस्पेस: हवाई जहाज (जैसे बोइंग 787 और एयरबस A350) और अंतरिक्ष यान के पुर्जे बनाने में।
- ऑटोमोटिव: रेसिंग कारों (फॉर्मूला 1) और उच्च-प्रदर्शन वाली सुपरकारों के चेसिस और बॉडी पैनल बनाने में।
- खेल का सामान: साइकिल फ्रेम, टेनिस रैकेट, गोल्फ क्लब, मछली पकड़ने की छड़ें और हॉकी स्टिक।
- पवन चक्कियां: पवन टरबाइन के लंबे और हल्के ब्लेड बनाने के लिए।
- चिकित्सा क्षेत्र: कृत्रिम अंग (prosthetics) और चिकित्सा उपकरणों में।