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हीरा (Diamond)

हीरा कार्बन का एक क्रिस्टलीय अपरूप है। यह अपनी कठोरता और उच्च प्रकाश विक्षेपण के लिए जाना जाता है। रासायनिक रूप से, यह शुद्ध कार्बन है, जिसमें कार्बन परमाणु एक मजबूत जाल में बंधे होते हैं। सदियों से इसका उपयोग न केवल आभूषणों में बल्कि औद्योगिक कार्यों में भी किया जा रहा है।
Diamond Crystal Structure Placeholder

चित्र: हीरे की क्रिस्टलीय संरचना (जल्द ही अपलोड किया जाएगा)

परीक्षा की दृष्टि से त्वरित तथ्य
  • रासायनिक संकेत: C
  • प्रकृति: प्राकृतिक रूप से पाया जाने वाला सबसे कठोर पदार्थ।
  • अपवर्तनांक: 2.42 (बहुत अधिक, जो इसे चमक प्रदान करता है)।
  • विद्युत चालकता: यह विद्युत का कुचालक है।
  • संकरण: sp³ संकरण।

हीरे की संरचना

हीरे में प्रत्येक कार्बन परमाणु सहसंयोजक बंधों द्वारा चार अन्य कार्बन परमाणुओं से जुड़ा होता है। यह एक नियमित चतुष्फलकीय ज्यामिति बनाता है। यह मजबूत त्रिविमीय संरचना ही हीरे को अत्यधिक कठोरता प्रदान करती है। इसमें कोई मुक्त इलेक्ट्रॉन नहीं होता, यही कारण है कि यह बिजली का संचालन नहीं करता है।

हीरे के प्रमुख गुण

गुण विवरण
कठोरता मोह्स पैमाने पर इसकी कठोरता 10 है, जो सर्वाधिक है। यह किसी भी अन्य पदार्थ को काट सकता है।
तापीय चालकता अद्भुत रूप से, हीरा ऊष्मा का सुचालक है। यह तांबे से भी 5 गुना बेहतर ऊष्मा का चालन करता है।
गलनांक इसका गलनांक बहुत उच्च (लगभग 4000°C) होता है।
चमक हीरे की चमक का मुख्य कारण पूर्ण आंतरिक परावर्तन है। इसका क्रांतिक कोण बहुत कम (24.4°) होता है, जिससे प्रकाश इसके अंदर फंस जाता है और बार-बार परावर्तित होता है।

हीरे के उपयोग

  • आभूषण: अपनी चमक और अपवर्तन गुणों के कारण यह कीमती रत्नों में सबसे लोकप्रिय है।
  • औद्योगिक उपकरण: अपनी कठोरता के कारण इसका उपयोग कांच काटने, चट्टानों में ड्रिलिंग करने और अन्य कठोर पदार्थों को पीसने के लिए किया जाता है।
  • शल्य चिकित्सा: मोतियाबिंद हटाने के औजारों में उच्च परिशुद्धता वाले हीरे के ब्लेड का उपयोग होता है।
  • इलेक्ट्रॉनिक्स: ऊष्मा को तेजी से हटाने के लिए इसका उपयोग हीट सिंक के रूप में किया जाता है।

कृत्रिम हीरा

प्रयोगशाला में बनाए गए हीरों को कृत्रिम या संश्लेषित हीरा कहा जाता है। इन्हें मुख्य रूप से दो विधियों से बनाया जाता है:
  1. उच्च दाब उच्च तापमान: इसमें ग्रेफाइट को अत्यधिक दबाव और तापमान पर हीरे में बदला जाता है।
  2. रासायनिक वाष्प निक्षेपण: इसमें हाइड्रोकार्बन गैस मिश्रण का उपयोग करके सबस्ट्रेट पर कार्बन की परत जमा की जाती है।
ये हीरे भौतिक और रासायनिक रूप से प्राकृतिक हीरों के समान ही होते हैं।
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