परिचय: विद्युत आवेश (Electric Charge)
विद्युत आवेश पदार्थ का एक मौलिक गुण है जिसके कारण वह विद्युत और चुंबकीय प्रभाव उत्पन्न करता है और अनुभव करता है।
- यह एक अदिश राशि है।
- इसका SI मात्रक कूलॉम (Coulomb, C) है।
- आवेश दो प्रकार के होते हैं: धनात्मक (+) और ऋणात्मक (-)।
- समान आवेश एक-दूसरे को प्रतिकर्षित करते हैं, जबकि विपरीत आवेश एक-दूसरे को आकर्षित करते हैं।
आवेश के गुण (Properties of Charge)
1. आवेशों की योज्यता (Additivity of Charges)
किसी निकाय का कुल आवेश उसमें उपस्थित सभी अलग-अलग आवेशों के बीजगणितीय योग के बराबर होता है।
2. आवेश का संरक्षण (Conservation of Charge)
किसी विलगित निकाय का कुल आवेश हमेशा संरक्षित रहता है। आवेश को न तो बनाया जा सकता है और न ही नष्ट किया जा सकता है, केवल एक वस्तु से दूसरी वस्तु में स्थानांतरित किया जा सकता है।
3. आवेश का क्वांटमीकरण (Quantization of Charge)
किसी भी आवेशित वस्तु पर कुल आवेश, एक मूल आवेश ‘e’ (इलेक्ट्रॉन पर आवेश) का पूर्ण गुणज होता है।
सूत्र
Q = ne
जहाँ n एक पूर्णांक (1, 2, 3, …) है और e = 1.6 × 10⁻¹⁹ C है।
कूलॉम का नियम (Coulomb’s Law)
यह नियम दो बिंदु आवेशों के बीच लगने वाले स्थिरविद्युत बल का वर्णन करता है।
कथन: “दो स्थिर बिंदु आवेशों के बीच लगने वाला आकर्षण या प्रतिकर्षण बल दोनों आवेशों के परिमाणों के गुणनफल के समानुपाती और उनके बीच की दूरी के वर्ग के व्युत्क्रमानुपाती होता है।”
सूत्र
F = k |q₁q₂| / r²
जहाँ k एक नियतांक है, k = 1 / (4πε₀) ≈ 9 × 10⁹ N·m²/C²
संख्यात्मक उदाहरण
उदाहरण
प्रश्न: 2 μC और 3 μC के दो बिंदु आवेश हवा में एक दूसरे से 30 cm की दूरी पर रखे हैं। उनके बीच लगने वाले बल की गणना कीजिए।
हल:
दिया है:
q₁ = 2 μC = 2 × 10⁻⁶ C
q₂ = 3 μC = 3 × 10⁻⁶ C
r = 30 cm = 0.3 m
k = 9 × 10⁹ N·m²/C²
कूलॉम के नियम से, F = k |q₁q₂| / r²
F = (9 × 10⁹) × (2 × 10⁻⁶) × (3 × 10⁻⁶) / (0.3)²
F = (54 × 10⁻³) / 0.09
F = (54 × 10⁻³) / (9 × 10⁻²)
F = 6 × 10⁻¹ N
F = 0.6 N (प्रतिकर्षण बल, क्योंकि दोनों आवेश धनात्मक हैं)