उर्वरक (Fertilizers) का परिचय
उर्वरक (Fertilizer) वे रासायनिक पदार्थ हैं जो मिट्टी में मिलाए जाते हैं ताकि उसकी उर्वरता बढ़ाई जा सके और पौधों की वृद्धि के लिए आवश्यक पोषक तत्व प्रदान किए जा सकें। बार-बार फसल उगाने से मिट्टी में पोषक तत्वों की कमी हो जाती है, जिसे उर्वरकों द्वारा पूरा किया जाता है।
पौधों के लिए आवश्यक मुख्य पोषक तत्व (NPK)
पौधों को मुख्य रूप से तीन पोषक तत्वों की सबसे अधिक आवश्यकता होती है, जिन्हें NPK के नाम से जाना जाता है:
- नाइट्रोजन (N): यह पत्तियों की वृद्धि और क्लोरोफिल के निर्माण के लिए आवश्यक है। यह पौधों को हरा-भरा बनाता है।
- फॉस्फोरस (P): यह जड़ों के विकास, फूलों और बीजों के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
- पोटैशियम (K): यह पौधे के समग्र स्वास्थ्य, रोग प्रतिरोधक क्षमता और पानी के उपयोग को नियंत्रित करता है।
उर्वरकों के प्रकार
1. नाइट्रोजनयुक्त उर्वरक (Nitrogenous Fertilizers)
ये उर्वरक पौधों को नाइट्रोजन प्रदान करते हैं।
- यूरिया (Urea): (NH2CONH2) – यह सबसे आम और महत्वपूर्ण नाइट्रोजनयुक्त उर्वरक है। इसमें लगभग 46% नाइट्रोजन होती है।
- अमोनियम सल्फेट [(NH4)2SO4]: यह नाइट्रोजन के साथ-साथ सल्फर भी प्रदान करता है।
2. फॉस्फेटी उर्वरक (Phosphatic Fertilizers)
ये उर्वरक पौधों को फॉस्फोरस प्रदान करते हैं।
- सुपरफॉस्फेट ऑफ लाइम [Ca(H2PO4)2]: यह सबसे आम फॉस्फेटी उर्वरक है।
3. पोटैसिक उर्वरक (Potassic Fertilizers)
ये उर्वरक पौधों को पोटैशियम प्रदान करते हैं।
- पोटैशियम नाइट्रेट (KNO3): यह पोटैशियम के साथ-साथ नाइट्रोजन भी प्रदान करता है।
- पोटैशियम क्लोराइड (KCl): इसे ‘म्यूरेट ऑफ पोटाश’ भी कहते हैं।
4. मिश्रित या जटिल उर्वरक (Complex Fertilizers)
इन उर्वरकों में दो या दो से अधिक मुख्य पोषक तत्व (N, P, K) एक साथ होते हैं। इन्हें NPK उर्वरक भी कहा जाता है।
जैव-उर्वरक (Biofertilizers)
जैव-उर्वरक जीवित सूक्ष्मजीव होते हैं जो मिट्टी में मिलाने पर पोषक तत्वों की उपलब्धता को बढ़ाते हैं। ये रासायनिक उर्वरकों का एक पर्यावरण-अनुकूल विकल्प हैं।
- उदाहरण: राइजोबियम (Rhizobium) एक जीवाणु है जो फलीदार पौधों की जड़ों में रहकर वायुमंडलीय नाइट्रोजन का स्थिरीकरण करता है।