1. परिचय (Introduction)
लोबिया (Cowpea), जिसे ‘चावली’ या ‘ब्लैक-आइड पी’ भी कहा जाता है, भारत की एक महत्वपूर्ण दलहन फसल है। यह एक बहुउद्देशीय फसल है जिसका उपयोग सूखे बीज (दाल), हरी फलियाँ (सब्जी), और पशुओं के चारे के रूप में किया जाता है।
2. जलवायु आवश्यकताएँ (Climatic Requirements)
- तापमान: यह एक गर्म मौसम की फसल है जिसे 25°C से 35°C के बीच गर्म और आर्द्र जलवायु की आवश्यकता होती है।
- वर्षा: इसे 40 सेमी से 60 सेमी की कम से मध्यम वर्षा की आवश्यकता होती है। यह एक अत्यधिक सूखा-सहिष्णु (Highly drought-tolerant) फसल है।
- मिट्टी: यह लगभग सभी प्रकार की मिट्टी में उग सकती है, लेकिन अच्छी जल निकासी वाली बलुई दोमट मिट्टी (Sandy loam soil) इसके लिए सबसे उपयुक्त है।
3. प्रमुख उत्पादक राज्य (Major Producing States)
- राजस्थान (सबसे बड़ा उत्पादक)
- कर्नाटक
- तमिलनाडु
- मध्य प्रदेश
- महाराष्ट्र
4. फसल मौसम (Crop Season)
लोबिया एक बहुमुखी और अल्पकालिक फसल है:
- यह मुख्य रूप से एक खरीफ फसल है।
- अपनी कम अवधि के कारण, यह एक उत्कृष्ट जायद (ग्रीष्म) फसल भी है।
5. उन्नत किस्में (High Yielding Varieties)
- पूसा कोमल (Pusa Komal)
- पूसा फाल्गुनी (Pusa Phalguni)
- सी-152 (C-152)
- वी-16 (V-16)
6. कृषि प्रथाएँ (Agricultural Practices)
- नाइट्रोजन स्थिरीकरण: यह एक फलीदार (Leguminous) फसल है जो मिट्टी में नाइट्रोजन को स्थिर करके उसकी उर्वरता में सुधार करती है।
- मिश्रित फसल: इसे अक्सर ज्वार, बाजरा और मक्का जैसी फसलों के साथ मिश्रित फसल के रूप में उगाया जाता है।
- हरी खाद: इसका उपयोग मिट्टी में कार्बनिक पदार्थ जोड़ने के लिए हरी खाद (Green manure) और आवरण फसल (Cover crop) के रूप में भी किया जाता है।
7. उत्पादन और उपज (Production and Yield)
- उत्पादन: भारत दुनिया में लोबिया के प्रमुख उत्पादक देशों में से एक है।
- महत्व: इसकी सूखा-सहिष्णुता और कम लागत वाली खेती इसे शुष्क भूमि कृषि के लिए एक महत्वपूर्ण फसल बनाती है।
8. परीक्षा हेतु महत्वपूर्ण तथ्य (Important Facts for Exams)
- लोबिया एक दलहन फसल है।
- यह खरीफ और जायद दोनों मौसमों में उगाई जाती है।
- राजस्थान भारत का सबसे बड़ा लोबिया उत्पादक राज्य है।
- यह एक अत्यधिक सूखा-सहिष्णु और फलीदार फसल है।
- यह एक बहुउद्देशीय फसल है (अन्न, सब्जी और चारा)।
9. अन्य महत्वपूर्ण तथ्य (Other Important Facts)
- भारतीय दलहन अनुसंधान संस्थान (Indian Institute of Pulses Research) कानपुर, उत्तर प्रदेश में स्थित है।
- यह प्रोटीन और आहार फाइबर का एक बहुत अच्छा स्रोत है।
- इसकी जड़ प्रणाली मिट्टी के कटाव को रोकने में मदद करती है।