1. परिचय (Introduction)
चना (Chickpea or Gram) भारत की सबसे महत्वपूर्ण दलहन फसल है। यह देश में कुल दलहन उत्पादन का लगभग आधा हिस्सा है। यह प्रोटीन का एक समृद्ध स्रोत है और भारतीय आहार का एक अभिन्न अंग है। भारत दुनिया में चने का सबसे बड़ा उत्पादक, उपभोक्ता और आयातक है।
2. जलवायु आवश्यकताएँ (Climatic Requirements)
- तापमान: यह एक शीतोष्ण क्षेत्र की फसल है जिसे ठंडी और शुष्क जलवायु की आवश्यकता होती है। इसके लिए आदर्श तापमान 15°C से 25°C के बीच होता है। पाला इसके लिए हानिकारक है।
- वर्षा: इसे 40 सेमी से 60 सेमी की कम से मध्यम वर्षा की आवश्यकता होती है।
- मिट्टी: हल्की से भारी, अच्छी जल निकासी वाली मिट्टी इसके लिए उपयुक्त है।
3. प्रमुख उत्पादक राज्य (Major Producing States)
- मध्य प्रदेश (सबसे बड़ा उत्पादक)
- महाराष्ट्र
- राजस्थान
- उत्तर प्रदेश
- कर्नाटक
4. फसल मौसम (Crop Season)
चना भारत की एक प्रमुख रबी फसल है।
- बुवाई का समय: सितंबर से नवंबर के बीच।
- कटाई का समय: फरवरी से अप्रैल के बीच।
5. उन्नत किस्में (High Yielding Varieties)
चने की दो मुख्य किस्में होती हैं: देसी (भूरा) और काबुली (सफेद)।
- देसी चना: पूसा-256 (Pusa-256), अवरोधी (Avrodhi), जेजी-130 (JG-130)
- काबुली चना: के-4 (K-4), एल-550 (L-550), डॉलर (Dollar)
6. कृषि प्रथाएँ (Agricultural Practices)
चना मुख्य रूप से वर्षा आधारित फसल के रूप में उगाया जाता है, विशेषकर मध्य और दक्षिणी भारत में। इसे बहुत कम सिंचाई की आवश्यकता होती है। एक फलीदार फसल होने के कारण, यह वायुमंडलीय नाइट्रोजन को मिट्टी में स्थिर करती है, जिससे मिट्टी की उर्वरता बढ़ती है।
7. उत्पादन और उपज (Production and Yield)
- उत्पादन: भारत चने का सबसे बड़ा उत्पादक है, लेकिन घरेलू मांग को पूरा करने के लिए इसे अभी भी आयात करना पड़ता है।
- महत्व: यह न केवल भोजन प्रदान करता है बल्कि फसल चक्र में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाकर मिट्टी के स्वास्थ्य को भी बनाए रखता है।
8. परीक्षा हेतु महत्वपूर्ण तथ्य (Important Facts for Exams)
- चना भारत की सबसे महत्वपूर्ण दलहन फसल है।
- यह एक रबी फसल है।
- मध्य प्रदेश भारत का सबसे बड़ा चना उत्पादक राज्य है।
- भारत दुनिया में चने का सबसे बड़ा उत्पादक और उपभोक्ता है।
- यह एक फलीदार (Leguminous) फसल है जो नाइट्रोजन स्थिरीकरण (Nitrogen Fixation) करती है।
9. अन्य महत्वपूर्ण तथ्य (Other Important Facts)
- चने का उपयोग विभिन्न रूपों में किया जाता है, जैसे दाल, बेसन, और साबुत चना।
- हरी अवस्था में इसके पत्तों का उपयोग सब्जी (साग) के रूप में किया जाता है।
- पौधे के अवशेषों का उपयोग पशुओं के चारे के रूप में किया जाता है।