ADVERTISEMENT
Gyan Pragya
No Result
View All Result
  • Quiz
  • Polity
  • Geography
  • Economics
  • Science
  • Uttarakhand
  • GK
  • History
  • Environment
  • Hindi
Gyan Pragya
No Result
View All Result

प्रमुख पर्वत श्रृंखलाओं का वर्गीकरण (Classification of Major Mountain Ranges)

1. परिचय (Introduction)

पर्वतों को उनकी विशेषताओं, जैसे कि उनकी निर्माण प्रक्रिया (mode of origin), आयु (age), और भौगोलिक स्थिति (location) के आधार पर विभिन्न समूहों में वर्गीकृत किया जा सकता है। यह वर्गीकरण हमें उनके भूवैज्ञानिक इतिहास, संरचना और पृथ्वी की भू-आकृतियों पर उनके प्रभाव को बेहतर ढंग से समझने में मदद करता है, जो सिविल सेवा की मुख्य परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण है।

2. निर्माण प्रक्रिया के आधार पर वर्गीकरण (Classification Based on Mode of Formation)

A. वलित पर्वत (Fold Mountains)

  • इनका निर्माण संपीडन बलों (Compressional Forces) के कारण होता है, जब दो विवर्तनिक प्लेटें एक-दूसरे से टकराती हैं।
  • यह टकराव अक्सर भू-अभिनति (Geosyncline) – लंबे, उथले समुद्री गर्त – में जमे अवसादों को मोड़ देता है। उदाहरण के लिए, हिमालय का निर्माण टेथिस सागर नामक भू-अभिनति से हुआ।
  • चट्टानों के ऊपर की ओर मुड़े हुए हिस्सों को अपनति (Anticline) और नीचे की ओर मुड़े हुए हिस्सों को अभिनति (Syncline) कहा जाता है।
  • ये दुनिया की सबसे ऊंची, विस्तृत और सबसे आम पर्वत श्रृंखलाएं हैं। इनमें मुख्य रूप से अवसादी चट्टानें पाई जाती हैं।
  • उदाहरण: हिमालय (एशिया), आल्प्स (यूरोप), रॉकीज (उत्तरी अमेरिका), और एंडीज (दक्षिण अमेरिका)।

B. भ्रंशोत्थ या ब्लॉक पर्वत (Block Mountains)

  • इनका निर्माण पृथ्वी की पपड़ी में तनाव (Tensional) या संपीडन (Compressional) बलों के कारण उत्पन्न भ्रंशन (faulting) से होता है।
  • जब भूमि का एक बड़ा खंड भ्रंश रेखाओं के सहारे ऊपर उठ जाता है, तो उसे हॉर्स्ट (Horst) या ब्लॉक पर्वत कहा जाता है।
  • धंसे हुए खंडों को ग्राबेन (Graben) या भ्रंश घाटी (Rift Valley) कहा जाता है, जैसे कि नर्मदा और तापी की घाटियाँ।
  • इनकी विशेषता सपाट शिखर, तीव्र ढलान और विषम ढलान वाली भुजाएं होती हैं।
  • उदाहरण: भारत में विंध्य और सतपुड़ा, वॉसगेस (फ्रांस), ब्लैक फॉरेस्ट (जर्मनी), और सिएरा नेवादा (यूएसए)।

C. ज्वालामुखी पर्वत (Volcanic Mountains)

  • इनका निर्माण ज्वालामुखी उद्गार के दौरान लावा, राख और चट्टानी टुकड़ों के जमाव से होता है। इन्हें संचयन के पर्वत (Mountains of Accumulation) भी कहा जाता है।
  • अम्लीय लावा से तीव्र ढलान वाले शंकु बनते हैं, जबकि क्षारीय लावा से कम ढलान वाले शील्ड ज्वालामुखी बनते हैं।
  • ये अक्सर प्लेट सीमाओं या हॉटस्पॉट (Hotspots) पर पाए जाते हैं।
  • उदाहरण: माउंट किलिमंजारो (तंजानिया), माउंट फुजी (जापान), बैरन द्वीप (भारत), और माउंट पोपा (म्यांमार)।

D. अवशिष्ट या अपदित पर्वत (Residual or Dissected Mountains)

  • ये प्राचीन पर्वतों या पठारों के लंबे समय तक अपरदन (erosion) के परिणामस्वरूप बनते हैं।
  • अपरदन के कारक (नदी, हवा, बर्फ) नरम चट्टानों को हटा देते हैं, और कठोर, प्रतिरोधी चट्टानें बची रह जाती हैं, जिन्हें मोनाडनॉक (Monadnock) भी कहा जाता है।
  • इनकी ऊंचाई कम होती है और शिखर गोल होते हैं, जो एक पेनीप्लेन (peneplain) या समप्राय मैदान की विशेषता है।
  • उदाहरण: भारत में अरावली, नीलगिरि, पारसनाथ और राजमहल की पहाड़ियाँ, स्कॉटलैंड के हाइलैंड्स।

3. आयु के आधार पर वर्गीकरण (Classification Based on Age of Orogeny)

पर्वत निर्माण की घटनाओं को ‘पर्वतजनन’ या ‘ओरोजेनी’ कहा जाता है।

A. प्री-कैम्ब्रियन पर्वत (Pre-Cambrian Mountains)

  • ये 4 अरब से 60 करोड़ वर्ष पहले बने थे। अपरदन के कारण ये अब अवशिष्ट पर्वतों के रूप में हैं।
  • उदाहरण: लॉरेंशियन पर्वत (कनाडा), फेनो-स्कैंडिनेवियन पर्वत (यूरोप)।

B. कैलेडोनियन पर्वत (Caledonian Mountains)

  • इनका निर्माण सिलुरियन और डेवोनियन काल (लगभग 44-40 करोड़ वर्ष पूर्व) में हुआ।
  • उदाहरण: अरावली और पूर्वी घाट (भारत), अप्लेशियन (यूएसए), स्कॉटलैंड और आयरलैंड के पर्वत।

C. हर्सीनियन पर्वत (Hercynian Mountains)

  • इनका निर्माण पर्मियन और कार्बोनिफेरस काल (लगभग 34-22 करोड़ वर्ष पूर्व) में हुआ।
  • उदाहरण: यूराल पर्वत (रूस), ब्रिटनी (फ्रांस), ब्लैक फॉरेस्ट (जर्मनी)।

D. अल्पाइन या तृतीयक पर्वत (Alpine or Tertiary Mountains)

  • ये तृतीयक युग (Tertiary Period) (लगभग 6.5 करोड़ वर्ष पूर्व) में बने सबसे नवीन पर्वत हैं।
  • ये दुनिया के सबसे ऊंचे, ऊबड़-खाबड़ और भूवैज्ञानिक रूप से सक्रिय पर्वत हैं, जिनमें भूकंप और ज्वालामुखी आम हैं। इन्हें नवीन वलित पर्वत (Young Fold Mountains) भी कहते हैं।
  • उदाहरण: हिमालय, आल्प्स, रॉकीज, और एंडीज।

4. स्थान के आधार पर वर्गीकरण (Classification Based on Location)

A. महाद्वीपीय पर्वत (Continental Mountains)

  • तटीय पर्वत: ये महाद्वीपों के किनारों पर स्थित होते हैं, जैसे रॉकीज और अप्लेशियन।
  • अंतर्देशीय पर्वत: ये महाद्वीपों के आंतरिक भागों में स्थित होते हैं, जैसे हिमालय और यूराल।

B. महासागरीय पर्वत (Oceanic Mountains)

  • ये समुद्र तल से ऊपर उठते हैं और अगर पानी की सतह से ऊपर निकल आते हैं तो द्वीप बनाते हैं। जैसे, हवाई द्वीप (माउना की) जो आधार से दुनिया का सबसे ऊंचा पर्वत है।

5. सारांश: पर्वतों का तुलनात्मक विश्लेषण (Summary: Comparative Analysis)

वर्गीकरण का आधार प्रकार निर्माण प्रक्रिया विशेषताएँ उदाहरण
निर्माण वलित (Fold) संपीडन बल, प्लेटों का टकराव ऊंची नुकीली चोटियाँ, अपनति-अभिनति हिमालय, आल्प्स
ब्लॉक (Block) तनाव/संपीडन बल, भ्रंशन सपाट शिखर, तीव्र ढलान, हॉर्स्ट-ग्राबेन विंध्य, ब्लैक फॉरेस्ट
ज्वालामुखी (Volcanic) लावा और राख का जमाव शंक्वाकार, शीर्ष पर क्रेटर किलिमंजारो, फुजी
अवशिष्ट (Residual) पुराने पर्वतों का अपरदन कम ऊंचाई, गोल शिखर, मोनाडनॉक अरावली, नीलगिरि
आयु प्राचीन (Old) कैलेडोनियन/हर्सीनियन पर्वतजनन घिसे हुए, कम ऊंचाई, स्थिर अरावली, अप्लेशियन
नवीन (Young) अल्पाइन पर्वतजनन (तृतीयक) ऊंचे, ऊबड़-खाबड़, भू-सक्रिय हिमालय, रॉकीज
Previous Post

पर्वतों के गठन की प्रक्रियाएँ (Processes of Mountain Formation)

Next Post

एशिया की प्रमुख पर्वत श्रृंखलाएँ (Major Mountain Ranges of Asia)

Next Post

एशिया की प्रमुख पर्वत श्रृंखलाएँ (Major Mountain Ranges of Asia)

यूरोप की प्रमुख पर्वत श्रृंखलाएँ (Major Mountain Ranges of Europe)

उत्तर और दक्षिण अमेरिका की पर्वत श्रृंखलाएँ (Mountain Ranges of North and South America)

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

🎯

चुनौती स्वीकार करें!

टॉपिक पढ़ लिया? अब देखें कि आपको कितना याद है। अभी टेस्ट दें और अपना स्कोर जानें।

क्विज अभी शुरू करें

क्या परीक्षा के नाम से हाथ-पैर ठंडे पड़ जाते हैं?

December 15, 2025

क्या आपका दिमाग भी पढ़ाई में धोखा देता है?

December 13, 2025

UPSC और PCS की तैयारी में एआई का सही उपयोग कैसे करें?

December 13, 2025

हिंदी व्याकरण में वाक्य रचना और उपवाक्य

November 30, 2025

जनजातीय गौरव दिवस: 15 नवंबर | भगवान बिरसा मुंडा की गाथा

November 15, 2025

हिंदी व्याकरण: उपसर्ग और प्रत्यय के भेद

October 9, 2025
  • Contact us
  • Disclaimer
  • Terms of Service
  • Privacy Policy
: whatsapp us on +918057391081 E-mail: setupragya@gmail.com
No Result
View All Result
  • Quiz
  • Static Gk
  • Polity
  • Hindi
  • Geography
  • Economics
  • General Science
  • Uttarakhand
  • History
  • Environment
  • Computer
  • Contact us

© 2024 GyanPragya - ArchnaChaudhary.