1. परिचय (Introduction)
कॉफ़ी (Coffee) चाय के बाद भारत की दूसरी सबसे महत्वपूर्ण पेय फसल (Beverage Crop) है। यह भी एक रोपण कृषि (Plantation Agriculture) है। भारतीय कॉफ़ी अपनी उत्कृष्ट गुणवत्ता के लिए दुनिया भर में प्रसिद्ध है।
2. जलवायु आवश्यकताएँ (Climatic Requirements)
- तापमान: कॉफ़ी के पौधे को 15°C से 28°C के बीच गर्म और आर्द्र जलवायु की आवश्यकता होती है। यह पाला और सीधी तेज धूप सहन नहीं कर सकता।
- वर्षा: इसके लिए 150 सेमी से 250 सेमी की भारी वर्षा आवश्यक है।
- विशेष आवश्यकता: इसे सीधी धूप से बचाने के लिए अक्सर छायादार पेड़ों (Shade Trees) के नीचे उगाया जाता है। अच्छी जल निकासी वाली पहाड़ी ढलानें इसकी खेती के लिए आदर्श होती हैं ताकि जड़ों में पानी न रुके।
- मिट्टी: ह्यूमस और कार्बनिक पदार्थों से भरपूर, अच्छी जल निकासी वाली गहरी दोमट मिट्टी (Deep loamy soil) इसके लिए सर्वोत्तम है।
3. प्रमुख उत्पादक राज्य (Major Producing States)
भारत में कॉफ़ी का उत्पादन मुख्य रूप से दक्षिण भारत की पहाड़ियों तक ही सीमित है:
- कर्नाटक (भारत के कुल उत्पादन का 70% से अधिक, सबसे बड़ा उत्पादक)
- केरल
- तमिलनाडु (नीलगिरी की पहाड़ियाँ)
कर्नाटक में बाबा बुदन गिरी (Baba Budan Giri) की पहाड़ियाँ कॉफ़ी की खेती के लिए प्रसिद्ध हैं। माना जाता है कि भारत में कॉफ़ी की खेती की शुरुआत यहीं से हुई थी।
4. फसल मौसम (Crop Season)
कॉफ़ी का पौधा एक बारहमासी झाड़ी है। इसके फलों (जिन्हें चेरी कहते हैं) को तोड़ने का मौसम आमतौर पर अक्टूबर से जनवरी तक होता है।
5. उन्नत किस्में (High Yielding Varieties)
भारत में उगाई जाने वाली कॉफ़ी की दो मुख्य किस्में हैं:
- अरेबिका (Arabica): यह उच्च गुणवत्ता वाली किस्म है जिसका स्वाद हल्का और सुगंधित होता है। इसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में बहुत मांग है। यह अधिक ऊंचाई पर उगाई जाती है।
- रोबस्टा (Robusta): यह एक कठोर किस्म है जो बीमारियों के प्रति अधिक प्रतिरोधी है और कम ऊंचाई पर उगाई जा सकती है। इसका स्वाद कड़क होता है।
भारत मुख्य रूप से अपनी बेहतर गुणवत्ता वाली अरेबिका किस्म के लिए जाना जाता है।
6. कृषि प्रथाएँ (Agricultural Practices)
- श्रम: चाय की तरह, कॉफ़ी की खेती भी अत्यधिक श्रम-गहन है।
- तुड़ाई (Plucking): पके हुए कॉफ़ी चेरी को हाथ से तोड़ा जाता है।
- प्रसंस्करण (Processing): चेरी से बीन्स को अलग करने के लिए दो मुख्य विधियाँ हैं – सूखी विधि (Dry Method) और गीली विधि (Wet Method)।
7. उत्पादन और उपज (Production and Yield)
- उत्पादन: भारत दुनिया के शीर्ष 10 कॉफ़ी उत्पादक देशों में से एक है।
- निर्यात: भारतीय कॉफ़ी के उत्पादन का एक बड़ा हिस्सा निर्यात किया जाता है।
8. परीक्षा हेतु महत्वपूर्ण तथ्य (Important Facts for Exams)
- कॉफ़ी एक पेय फसल और रोपण फसल है।
- इसे छायादार पेड़ों के नीचे पहाड़ी ढलानों पर उगाया जाता है।
- कर्नाटक भारत का सबसे बड़ा कॉफ़ी उत्पादक राज्य है।
- भारत अपनी उच्च गुणवत्ता वाली अरेबिका किस्म के लिए विश्व प्रसिद्ध है।
- बाबा बुदन गिरी की पहाड़ियाँ कॉफ़ी उत्पादन से जुड़ी हैं।
9. अन्य महत्वपूर्ण तथ्य (Other Important Facts)
- भारतीय कॉफ़ी बोर्ड (Coffee Board of India) का मुख्यालय बेंगलुरु, कर्नाटक में है।
- ऐसा माना जाता है कि सत्रहवीं शताब्दी में सूफी संत बाबा बुदन यमन से सात कॉफ़ी बीन्स भारत लाए थे और उन्हें कर्नाटक की पहाड़ियों में लगाया था।
- कॉफ़ी में कैफीन (Caffeine) नामक उत्तेजक पदार्थ पाया जाता है।