1. परिचय: बदलते समुद्री परिदृश्य
21वीं सदी में, सागर केवल व्यापार और संसाधनों के स्रोत नहीं रह गए हैं, बल्कि वे जटिल समकालीन मुद्दों के केंद्र बन गए हैं। इनमें भू-राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता, गैर-पारंपरिक सुरक्षा खतरे और गंभीर पर्यावरणीय चुनौतियाँ शामिल हैं। ये मुद्दे आपस में जुड़े हुए हैं और वैश्विक स्थिरता के लिए महत्वपूर्ण निहितार्थ रखते हैं।
2. भू-राजनीतिक और रणनीतिक मुद्दे
A. क्षेत्रीय दावों पर बढ़ता टकराव
समुद्री क्षेत्रों और द्वीपों पर संप्रभुता के दावे तेजी से आक्रामक हो गए हैं। इसका सबसे प्रमुख उदाहरण दक्षिण चीन सागर है, जहाँ चीन की “नाइन-डैश लाइन” का दावा कई दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों के दावों और अंतर्राष्ट्रीय कानून (UNCLOS) का उल्लंघन करता है। इस क्षेत्र का सैन्यीकरण और नौवहन की स्वतंत्रता पर बढ़ता तनाव एक प्रमुख वैश्विक चिंता है।
B. रणनीतिक चोक पॉइंट्स की भेद्यता
मलक्का, बाब-अल-मंदेब और होर्मुज जैसे संकीर्ण जलडमरूमध्य वैश्विक व्यापार के लिए महत्वपूर्ण हैं। इन “चोक पॉइंट्स” पर राजनीतिक अस्थिरता, संघर्ष या नाकाबंदी वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं और ऊर्जा सुरक्षा को गंभीर रूप से बाधित कर सकती है।
C. नौसैनिक शक्ति का प्रदर्शन
प्रमुख वैश्विक शक्तियाँ, विशेष रूप से अमेरिका और चीन, हिंद-प्रशांत क्षेत्र जैसे महत्वपूर्ण समुद्री क्षेत्रों में अपनी नौसैनिक उपस्थिति बढ़ा रही हैं। यह शक्ति प्रदर्शन अक्सर बढ़ी हुई प्रतिस्पर्धा और तनाव का कारण बनता है।
3. गैर-पारंपरिक सुरक्षा खतरे
A. समुद्री डकैती और सशस्त्र डकैती
हालांकि सोमालिया के तट पर अंतर्राष्ट्रीय प्रयासों से समुद्री डकैती में कमी आई है, लेकिन गिनी की खाड़ी (अफ्रीका) और मलक्का जलडमरूमध्य जैसे अन्य क्षेत्र अभी भी सशस्त्र डकैती और अपहरण के लिए हॉटस्पॉट बने हुए हैं, जो शिपिंग उद्योग के लिए एक बड़ा खतरा है।
B. समुद्री आतंकवाद
आतंकवादी समूह बंदरगाहों, जहाजों और अपतटीय प्रतिष्ठानों को निशाना बना सकते हैं ताकि आर्थिक व्यवधान पैदा कर सकें और भय फैला सकें। 2008 के मुंबई हमलों में आतंकवादियों द्वारा समुद्री मार्ग का उपयोग इसकी गंभीरता को दर्शाता है।
C. अवैध, असूचित और अनियमित (IUU) मत्स्य पालन
IUU मत्स्य पालन एक गंभीर सुरक्षा और आर्थिक मुद्दा है। यह न केवल मछली के स्टॉक को समाप्त करता है और समुद्री पारिस्थितिकी तंत्र को नुकसान पहुँचाता है, बल्कि यह अक्सर तस्करी और मानव तस्करी जैसी अन्य अवैध गतिविधियों से भी जुड़ा होता है।
4. प्रमुख पर्यावरणीय मुद्दे
सागर मानवीय गतिविधियों के कारण गंभीर पर्यावरणीय दबाव में हैं।
- प्लास्टिक प्रदूषण: महासागरों और सागरों में प्लास्टिक कचरे का संचय एक वैश्विक संकट बन गया है, जो समुद्री जीवन को नुकसान पहुँचा रहा है और खाद्य श्रृंखला में प्रवेश कर रहा है।
- जलवायु परिवर्तन के प्रभाव: महासागरीय अम्लीकरण, प्रवाल विरंजन, समुद्र स्तर में वृद्धि, और समुद्री हीटवेव जैसी घटनाएँ समुद्री पारिस्थितिक तंत्र और उन पर निर्भर समुदायों के लिए विनाशकारी हैं।
- संसाधनों का अति-दोहन: अत्यधिक मछली पकड़ना और समुद्र तल का खनन समुद्री जैव विविधता और पारिस्थितिक संतुलन को खतरे में डाल रहा है।