1. परिचय (Introduction)
भूकंप का तत्काल प्रभाव भूमि का हिलना है, लेकिन अक्सर इससे भी अधिक विनाशकारी वे द्वितीयक आपदाएं (Secondary Disasters) होती हैं जो भूकंप द्वारा शुरू की जाती हैं। ये आपदाएं भूकंप के बाद घंटों, दिनों या हफ्तों तक तबाही मचा सकती हैं। इन संबंधित आपदाओं को समझना जोखिम मूल्यांकन और प्रभावी आपदा प्रबंधन के लिए महत्वपूर्ण है।
2. सुनामी (Tsunamis)
- परिभाषा: सुनामी विशाल समुद्री लहरों की एक श्रृंखला है जो मुख्य रूप से समुद्र के नीचे मेगाथ्रस्ट भूकंपों (Megathrust Earthquakes) के कारण उत्पन्न होती है।
- क्रियाविधि: जब एक प्रविष्ठन क्षेत्र (Subduction Zone) में एक टेक्टोनिक प्लेट दूसरी के नीचे अचानक खिसकती है, तो यह समुद्र तल को लंबवत रूप से विस्थापित करती है। यह विस्थापन अपने ऊपर के पानी के पूरे स्तंभ को धकेलता है, जिससे लहरें उत्पन्न होती हैं जो चारों दिशाओं में फैलती हैं।
- विशेषताएँ: गहरे समुद्र में, सुनामी की लहरें बहुत लंबी (सैकड़ों किलोमीटर) और तेज (800 किमी/घंटा तक) होती हैं, लेकिन उनकी ऊंचाई कम होती है। जैसे ही वे उथले तटीय जल में पहुँचती हैं, उनकी गति कम हो जाती है और उनकी ऊंचाई नाटकीय रूप से बढ़ जाती है, जिससे वे विनाशकारी बन जाती हैं।
- प्रमुख उदाहरण: 2004 में हिंद महासागर की सुनामी, जो सुमात्रा के तट पर 9.1 परिमाण के भूकंप से उत्पन्न हुई थी, और 2011 में तोहोकू, जापान की सुनामी।
3. भूस्खलन और हिमस्खलन (Landslides and Avalanches)
- क्रियाविधि: भूकंपीय तरंगों से उत्पन्न तीव्र कंपन ढलानों पर चट्टानों और मिट्टी की स्थिरता को कम कर देता है। यह गुरुत्वाकर्षण को सामग्री के आंतरिक घर्षण पर हावी होने देता है, जिससे भूस्खलन होता है।
- उच्च जोखिम वाले क्षेत्र: पहाड़ी और पर्वतीय क्षेत्र जैसे हिमालय, एंडीज और आल्प्स विशेष रूप से संवेदनशील हैं।
- प्रभाव: भूस्खलन बस्तियों, सड़कों और बुनियादी ढांचे को दफन कर सकते हैं। वे नदियों को अवरुद्ध करके भूस्खलन-जनित झीलें (Landslide-dammed lakes) भी बना सकते हैं, जो बाद में फटने पर विनाशकारी बाढ़ का कारण बन सकती हैं।
4. द्रवीकरण (Liquefaction)
- क्रियाविधि: यह एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें भूकंप के कंपन के कारण जल-संतृप्त, ढीली रेतीली मिट्टी अस्थायी रूप से अपनी ताकत खो देती है और एक घने तरल (Dense Fluid) की तरह व्यवहार करने लगती है।
- प्रभाव: जमीन अपनी भार वहन क्षमता खो देती है, जिससे इमारतें और पुल धँस जाते हैं या झुक जाते हैं। हल्की भूमिगत संरचनाएं, जैसे सीवेज टैंक, सतह पर तैर सकती हैं। जमीन पर रेत और पानी के फव्वारे (Sand Boils) भी फूट सकते हैं।
- उच्च जोखिम वाले क्षेत्र: नदी के डेल्टा, बाढ़ के मैदान, और तटीय क्षेत्र जहाँ भूमि को कृत्रिम रूप से भरा गया है।
5. आग (Fires)
- क्रियाविधि: भूकंप के बाद आग लगना एक बहुत बड़ा खतरा है, खासकर शहरी क्षेत्रों में। इसका दोहरा कारण है:
- आग के स्रोतों का बनना: जमीन के हिलने से गैस पाइपलाइनें फट जाती हैं और बिजली के तार टूट जाते हैं, जिससे आग लगने के कई स्रोत पैदा होते हैं।
- अग्निशमन में बाधा: उसी कंपन से पानी की मुख्य लाइनें भी टूट जाती हैं, जिससे आग बुझाने के लिए पानी का दबाव कम हो जाता है या पूरी तरह से समाप्त हो जाता है।
- प्रमुख उदाहरण: 1906 के सैन फ्रांसिस्को भूकंप और 1923 के ग्रेट कांतो भूकंप (जापान) में आग ने कंपन से भी अधिक विनाश किया था।