1. परिचय: संकट में जलमंडल
जलमंडल, जिसमें पृथ्वी के सभी जल निकाय (महासागर, सागर, नदियाँ, झीलें, भूजल, ग्लेशियर) शामिल हैं, मानवीय गतिविधियों के कारण अभूतपूर्व दबाव का सामना कर रहा है। ये मुद्दे जल की गुणवत्ता और मात्रा दोनों को प्रभावित करते हैं, जिससे न केवल जलीय पारिस्थितिक तंत्र, बल्कि मानव अस्तित्व और सतत विकास के लिए भी गंभीर खतरा पैदा हो गया है।
2. मीठे पानी के संसाधनों से संबंधित मुद्दे
A. भूजल का अति-दोहन और कमी
कृषि सिंचाई और शहरी जल आपूर्ति के लिए भूजल का अत्यधिक दोहन दुनिया भर में एक गंभीर समस्या है। पुनर्भरण की दर से अधिक तेजी से पानी निकालने से जल स्तर में गिरावट आ रही है, जिससे कुएँ सूख रहे हैं, पंपिंग लागत बढ़ रही है, और कुछ मामलों में भू-धंसाव (Land Subsidence) भी हो रहा है।
B. नदियों और झीलों का प्रदूषण
- सुपोषण (Eutrophication): कृषि अपवाह और सीवेज से निकलने वाले नाइट्रोजन और फास्फोरस झीलों और नदियों में शैवाल प्रस्फुटन (Algal Blooms) का कारण बनते हैं, जो अंततः पानी में ऑक्सीजन को समाप्त कर “डेड ज़ोन” बनाते हैं।
- रासायनिक संदूषण: औद्योगिक अपशिष्ट नदियों में भारी धातुओं (पारा, सीसा) और अन्य विषाक्त रसायनों को छोड़ते हैं, जो जलीय जीवन और मानव स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हैं।
C. क्रायोस्फीयर का पिघलना
जलवायु परिवर्तन के कारण हिमालय जैसे पर्वतीय क्षेत्रों में ग्लेशियर तेजी से पिघल रहे हैं। इससे शुरू में नदियों में पानी का प्रवाह बढ़ सकता है, जिससे बाढ़ का खतरा होता है, लेकिन दीर्घावधि में यह नदियों के प्रवाह को कम कर देगा, जिससे उन पर निर्भर करोड़ों लोगों के लिए जल संकट पैदा हो जाएगा।
3. समुद्री पर्यावरण से संबंधित मुद्दे
[Image of coral bleaching]A. महासागरीय अम्लीकरण (Ocean Acidification)
महासागर वायुमंडल से अतिरिक्त कार्बन डाइऑक्साइड (CO₂) को अवशोषित कर रहे हैं, जिससे वे अधिक अम्लीय हो रहे हैं। यह प्रवाल (coral), शंख (shellfish) और प्लैंकटन जैसे जीवों के लिए अपने कैल्शियम कार्बोनेट के कवच और कंकाल बनाना मुश्किल बना देता है, जो समुद्री खाद्य वेब के आधार को खतरे में डालता है।
B. प्रवाल विरंजन (Coral Bleaching)
समुद्र के तापमान में वृद्धि के कारण, प्रवाल अपने सहजीवी शैवाल को बाहर निकाल देते हैं, जिससे वे सफेद हो जाते हैं और मर सकते हैं। प्रवाल विरंजन दुनिया के सबसे विविध समुद्री पारिस्थितिक तंत्रों में से एक को नष्ट कर रहा है।
C. प्लास्टिक प्रदूषण
भूमि-आधारित प्लास्टिक कचरा महासागरों में जमा हो रहा है, जिससे ग्रेट पैसिफिक गारबेज पैच जैसे विशाल मलबे के क्षेत्र बन गए हैं। यह प्लास्टिक समुद्री जीवों को नुकसान पहुँचाता है और माइक्रोप्लास्टिक्स के रूप में खाद्य श्रृंखला में प्रवेश कर रहा है।
D. अत्यधिक मछली पकड़ना (Overfishing)
अस्थिर मछली पकड़ने की प्रथाओं ने दुनिया के कई प्रमुख मछली भंडारों को उनकी पुनर्प्राप्ति की क्षमता से परे समाप्त कर दिया है। यह न केवल समुद्री खाद्य वेब को बाधित करता है, बल्कि उन लाखों लोगों की खाद्य सुरक्षा और आजीविका को भी खतरे में डालता है जो मछली पकड़ने पर निर्भर हैं।