1. परिचय (Introduction)
पुष्पोत्पादन (Floriculture) या फूलों की खेती, बागवानी (Horticulture) की एक शाखा है जो फूलों और सजावटी पौधों की खेती और विपणन से संबंधित है। भारत में फूलों की खेती एक पारंपरिक गतिविधि रही है, जिसका उपयोग पूजा, उत्सवों और सामाजिक समारोहों के लिए किया जाता रहा है। हाल के दशकों में, यह एक उच्च-मूल्य वाली कृषि व्यवसाय के रूप में तेजी से उभरा है, जिसमें घरेलू और निर्यात दोनों बाजारों के लिए अपार संभावनाएं हैं।
2. जलवायु आवश्यकताएँ (Climatic Requirements)
भारत की विविध जलवायु उष्णकटिबंधीय से लेकर शीतोष्ण फूलों की एक विस्तृत श्रृंखला की खेती की अनुमति देती है।
- तापमान: अधिकांश फूलों के लिए 15°C से 30°C का मध्यम तापमान आदर्श होता है।
- वर्षा: मध्यम वर्षा उपयुक्त होती है, लेकिन अच्छी उपज और गुणवत्ता के लिए सिंचाई महत्वपूर्ण है।
- मिट्टी: जैविक पदार्थों से भरपूर, अच्छी जल निकासी वाली दोमट मिट्टी (Well-drained loamy soil) सर्वोत्तम मानी जाती है।
- विशेष आवश्यकता: उच्च गुणवत्ता वाले फूलों के उत्पादन के लिए, विशेष रूप से निर्यात बाजार के लिए, ग्रीनहाउस या पॉलीहाउस जैसी नियंत्रित परिस्थितियों में खेती की जाती है।
3. प्रमुख उत्पादक राज्य (Major Producing States)
- तमिलनाडु
- कर्नाटक
- पश्चिम बंगाल
- मध्य प्रदेश
- महाराष्ट्र
- आंध्र प्रदेश
बेंगलुरु (कर्नाटक) को भारत की “फूलों की राजधानी” (Flower Capital of India) के रूप में जाना जाता है क्योंकि यहाँ देश का सबसे बड़ा फूल बाजार है।
4. फसल मौसम (Crop Season)
फूलों की खेती एक वर्ष भर चलने वाली गतिविधि है। हालांकि, त्योहारों और शादियों के मौसम (जैसे दिवाली, वैलेंटाइन डे) में फूलों की मांग और उत्पादन चरम पर होता है।
5. फूलों के प्रकार (Types of Flowers)
व्यावसायिक रूप से, फूलों को दो मुख्य श्रेणियों में बांटा गया है:
- खुले फूल (Loose Flowers): इन फूलों को बिना डंठल के तोड़ा जाता है। इनका उपयोग माला, गजरा, और मंदिरों में चढ़ाने के लिए होता है।
- प्रमुख फूल: गेंदा, चमेली, गुलदाउदी, रजनीगंधा।
- कट फ्लावर्स (Cut Flowers): इन फूलों को लंबे डंठल के साथ काटा जाता है। इनका उपयोग गुलदस्ते और सजावट के लिए होता है।
- प्रमुख फूल: गुलाब, जरबेरा, कारनेशन, ऑर्किड, लिली।
6. कृषि प्रथाएँ (Agricultural Practices)
- प्रवर्धन (Propagation): फूलों को बीज, कलम (cuttings), या टिश्यू कल्चर के माध्यम से उगाया जाता है।
- नियंत्रित खेती: निर्यात गुणवत्ता वाले फूलों के लिए ग्रीनहाउस और पॉलीहाउस का उपयोग आम है ताकि तापमान, आर्द्रता और प्रकाश को नियंत्रित किया जा सके।
- सूक्ष्म सिंचाई: पानी और उर्वरकों के कुशल उपयोग के लिए ड्रिप सिंचाई का व्यापक रूप से उपयोग किया जाता है।
7. उत्पादन और बाजार (Production and Market)
- बाजार: भारत में फूलों का एक विशाल घरेलू बाजार है। साथ ही, यह संयुक्त राज्य अमेरिका, ब्रिटेन, नीदरलैंड और जापान जैसे देशों को फूलों का एक महत्वपूर्ण निर्यातक भी है।
- सरकारी सहायता: APEDA (कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण) फूलों के निर्यात को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
8. परीक्षा हेतु महत्वपूर्ण तथ्य (Important Facts for Exams)
- पुष्पोत्पादन बागवानी की एक शाखा है।
- यह एक उच्च-मूल्य वाली कृषि गतिविधि है।
- तमिलनाडु फूलों का सबसे बड़ा उत्पादक राज्य है।
- बेंगलुरु को “भारत की फूलों की राजधानी” कहा जाता है।
- निर्यात के लिए फूल ग्रीनहाउस में उगाए जाते हैं।
9. अन्य महत्वपूर्ण तथ्य (Other Important Facts)
- बागवानी के एकीकृत विकास के लिए मिशन (Mission for Integrated Development of Horticulture – MIDH) एक केंद्र प्रायोजित योजना है जो पुष्पोत्पादन सहित बागवानी क्षेत्र के समग्र विकास को बढ़ावा देती है।
- फूलों से इत्र (perfume) और आवश्यक तेल (essential oils) भी निकाले जाते हैं।