1. परिचय (Introduction)
जलविद्युत ऊर्जा (Hydro Power Energy) नवीकरणीय ऊर्जा का एक प्रमुख स्रोत है, जो बहते पानी की गतिज ऊर्जा (Kinetic Energy) को विद्युत ऊर्जा में परिवर्तित करके उत्पन्न की जाती है। यह भारत में ऊर्जा का सबसे स्थापित और सबसे सस्ता स्रोत है। भारत में पहली जलविद्युत परियोजना 1897 में दार्जिलिंग के सिद्रापोंग में स्थापित की गई थी।
2. जलविद्युत कैसे काम करती है (How Hydropower Works)
जलविद्युत संयंत्र आमतौर पर एक नदी पर बांध बनाकर काम करते हैं:
- बांध (Dam): नदी के प्रवाह को रोककर एक बड़ा जलाशय (Reservoir) बनाया जाता है, जिसमें पानी की स्थितिज ऊर्जा (Potential Energy) संग्रहीत होती है।
- पेनस्टॉक (Penstock): एक बड़ी पाइपलाइन के माध्यम से जलाशय से पानी को नीचे की ओर प्रवाहित किया जाता है।
- टर्बाइन (Turbine): तेजी से बहता पानी टर्बाइन के ब्लेड से टकराता है, जिससे टर्बाइन घूमने लगती है।
- जनरेटर (Generator): घूमती हुई टर्बाइन एक जनरेटर से जुड़ी होती है, जो यांत्रिक ऊर्जा को विद्युत ऊर्जा में परिवर्तित करता है।
3. भारत की प्रमुख जलविद्युत परियोजनाएँ (Major Hydropower Projects in India)
| परियोजना का नाम | नदी | राज्य | महत्वपूर्ण तथ्य |
|---|---|---|---|
| टिहरी बांध | भागीरथी | उत्तराखंड | भारत का सबसे ऊंचा बांध (260.5 मीटर)। |
| भाखड़ा-नांगल | सतलुज | पंजाब/हिमाचल प्रदेश | भारत की सबसे बड़ी बहुउद्देशीय परियोजनाओं में से एक। |
| कोयना | कोयना | महाराष्ट्र | भारत की सबसे बड़ी पूर्ण जलविद्युत परियोजनाओं में से एक। |
| श्रीशैलम (Srisailam) | कृष्णा | आंध्र प्रदेश/तेलंगाना | भारत की दूसरी सबसे बड़ी क्षमता वाली जलविद्युत परियोजना। |
| नाथपा झाकड़ी | सतलुज | हिमाचल प्रदेश | एक बड़ी ‘रन-ऑफ-द-रिवर’ परियोजना। |
| इंदिरा सागर | नर्मदा | मध्य प्रदेश | भारत में सबसे बड़ा जलाशय बनाती है। |
| हीराकुंड | महानदी | ओडिशा | दुनिया के सबसे लंबे बांधों में से एक। |
4. प्रमुख उत्पादक राज्य (Major Producing States)
स्थापित क्षमता के आधार पर, प्रमुख राज्य हैं:
- कर्नाटक
- हिमाचल प्रदेश
- महाराष्ट्र
- आंध्र प्रदेश
- उत्तराखंड
5. संबंधित संस्थान (Related Institutions)
- एनएचपीसी लिमिटेड (NHPC Limited): (पूर्व में नेशनल हाइड्रोइलेक्ट्रिक पावर कॉर्पोरेशन) यह भारत सरकार का एक प्रमुख सार्वजनिक उपक्रम है और भारत में जलविद्युत विकास के लिए सबसे बड़ी कंपनी है।
6. लाभ (Advantages)
- स्वच्छ ऊर्जा: यह ग्रीनहाउस गैसों का उत्सर्जन नहीं करती है।
- कम परिचालन लागत: एक बार बांध बन जाने के बाद, बिजली पैदा करने की लागत बहुत कम होती है।
- बहुउद्देशीय लाभ: बांधों का उपयोग सिंचाई, बाढ़ नियंत्रण, पेयजल आपूर्ति और मत्स्य पालन के लिए भी किया जाता है।
- लंबा जीवनकाल: जलविद्युत संयंत्रों का जीवनकाल बहुत लंबा (50-100 वर्ष) होता है।
7. चुनौतियाँ और नुकसान (Challenges and Disadvantages)
- उच्च प्रारंभिक लागत: बांधों के निर्माण में भारी पूंजी निवेश और लंबा समय लगता है।
- सामाजिक विस्थापन: जलाशयों के निर्माण से बड़ी संख्या में लोगों, विशेषकर आदिवासियों को उनकी भूमि से विस्थापित होना पड़ता है।
- पर्यावरणीय प्रभाव: बांधों से बड़े पैमाने पर वनों की कटाई होती है, जलीय जीवन (विशेषकर मछलियों के प्रवास) में बाधा आती है, और भूकंपीय गतिविधि का खतरा बढ़ सकता है।
- गाद (Siltation): नदियों द्वारा लाई गई गाद जलाशयों में जमा हो जाती है, जिससे उनकी भंडारण क्षमता और जीवनकाल कम हो जाता है।
8. परीक्षा हेतु महत्वपूर्ण तथ्य (Important Facts for Exams)
- जलविद्युत ऊर्जा नवीकरणीय ऊर्जा का एक प्रमुख स्रोत है।
- भारत का पहला जलविद्युत संयंत्र दार्जिलिंग के सिद्रापोंग में स्थापित किया गया था।
- टिहरी बांध भारत का सबसे ऊंचा बांध है।
- कर्नाटक भारत का सबसे बड़ा जलविद्युत उत्पादक राज्य है।
- एनएचपीसी (NHPC) भारत की प्रमुख जलविद्युत कंपनी है।