1. परिचय (Introduction)
लौह और इस्पात उद्योग को एक आधारभूत उद्योग (Basic Industry) माना जाता है क्योंकि इसके उत्पाद (जैसे स्टील) अन्य सभी उद्योगों – भारी, मध्यम और हल्के – के लिए कच्चे माल के रूप में काम करते हैं। किसी देश के औद्योगिक विकास को अक्सर उसके इस्पात के उत्पादन और खपत से मापा जाता है।
2. स्थानीयकरण के कारक (Factors of Localisation)
लौह और इस्पात एक वजन-ह्रासी (Weight-losing) उद्योग है, जिसका अर्थ है कि इसके कच्चे माल (लौह अयस्क, कोयला) भारी होते हैं और अंतिम उत्पाद (स्टील) हल्का होता है। इसलिए, अधिकांश संयंत्र कच्चे माल के स्रोतों के पास स्थित होते हैं। भारत के अधिकांश लोहा और इस्पात संयंत्र छोटानागपुर पठार क्षेत्र में केंद्रित हैं क्योंकि:
- कम लागत वाले लौह अयस्क की प्रचुर उपलब्धता।
- उच्च श्रेणी के कोकिंग कोल की निकटता।
- सस्ता श्रम और घरेलू बाजार की निकटता।
3. भारत में प्रमुख एकीकृत इस्पात संयंत्र (Major Integrated Steel Plants in India)
भारत में अधिकांश इस्पात का उत्पादन बड़े एकीकृत इस्पात संयंत्रों द्वारा किया जाता है।
A. सार्वजनिक क्षेत्र के संयंत्र (Public Sector Plants) – (SAIL के तहत)
| संयंत्र | स्थान (राज्य) | सहयोग | महत्वपूर्ण तथ्य |
|---|---|---|---|
| राउरकेला इस्पात संयंत्र (RSP) | ओडिशा | जर्मनी | सुंदरगढ़ जिले में स्थित है। इसे पास की खदानों से लौह अयस्क और चूना पत्थर मिलता है। |
| भिलाई इस्पात संयंत्र (BSP) | छत्तीसगढ़ | रूस (सोवियत संघ) | दुर्ग जिले में स्थित है। इसे दल्ली-राजहरा की खदानों से लौह अयस्क मिलता है। |
| दुर्गापुर इस्पात संयंत्र (DSP) | पश्चिम बंगाल | यूनाइटेड किंगडम (UK) | रानीगंज और झरिया से कोयला प्राप्त करता है। |
| बोकारो इस्पात संयंत्र (BSL) | झारखंड | रूस (सोवियत संघ) | यह स्वदेशी आंदोलन के तहत स्थापित किया गया था और बाद में सार्वजनिक क्षेत्र में आ गया। |
| IISCO इस्पात संयंत्र | बर्नपुर (पश्चिम बंगाल) | – | इंडियन आयरन एंड स्टील कंपनी का सरकार द्वारा अधिग्रहण कर लिया गया। |
B. निजी क्षेत्र के संयंत्र (Private Sector Plants)
| संयंत्र | स्थान (राज्य) | कंपनी | महत्वपूर्ण तथ्य |
|---|---|---|---|
| टाटा आयरन एंड स्टील कंपनी (TISCO) | जमशेदपुर (झारखंड) | टाटा स्टील | भारत का पहला और सबसे पुराना एकीकृत इस्पात संयंत्र (1907)। |
| विशाखापत्तनम इस्पात संयंत्र (VSP) | आंध्र प्रदेश | RINL | यह भारत का पहला तट-आधारित (Port-based) इस्पात संयंत्र है। |
| JSW स्टील | विजयनगर (कर्नाटक) | JSW ग्रुप | स्वदेशी तकनीक पर आधारित एक प्रमुख निजी संयंत्र। |
4. मिनी इस्पात संयंत्र (Mini Steel Plants)
ये छोटे संयंत्र होते हैं जो स्टील स्क्रैप और स्पंज आयरन का उपयोग करते हैं। इन्हें कम पूंजी की आवश्यकता होती है और ये कहीं भी स्थापित किए जा सकते हैं। वे मुख्य रूप से माइल्ड और अलॉय स्टील का उत्पादन करते हैं।
5. चुनौतियाँ (Challenges)
- कोकिंग कोल: उच्च श्रेणी के कोकिंग कोल की सीमित उपलब्धता और उच्च लागत, जिसके कारण इसका आयात करना पड़ता है।
- उत्पादकता: प्रति श्रमिक उत्पादकता का निम्न स्तर।
- अवसंरचना: ऊर्जा की अनियमित आपूर्ति और अविकसित अवसंरचना।
- पर्यावरणीय चिंताएँ: यह एक अत्यधिक प्रदूषणकारी उद्योग है।
6. परीक्षा हेतु महत्वपूर्ण तथ्य (Important Facts for Exams)
- लौह और इस्पात एक आधारभूत उद्योग है।
- अधिकांश संयंत्र छोटानागपुर पठार में स्थित हैं क्योंकि यह एक वजन-ह्रासी उद्योग है।
- TISCO, जमशेदपुर भारत का पहला निजी एकीकृत इस्पात संयंत्र था।
- विशाखापत्तनम इस्पात संयंत्र पहला तट-आधारित संयंत्र है।
- भारत दुनिया में कच्चे इस्पात का दूसरा सबसे बड़ा उत्पादक (चीन के बाद) है।