1. परिचय (Introduction)
चमड़ा उद्योग (Leather Industry) भारत के सबसे पुराने विनिर्माण क्षेत्रों में से एक है। यह एक अत्यधिक निर्यात-उन्मुख और श्रम-गहन उद्योग है। यह उद्योग अपनी ताकत भारत की विशाल पशुधन आबादी से प्राप्त करता है, जो इसे प्रचुर मात्रा में कच्चा माल प्रदान करती है।
2. आवश्यक कच्चा माल (Raw Materials Required)
चमड़ा उद्योग का मुख्य कच्चा माल पशुओं की खाल है, जिसे दो श्रेणियों में बांटा गया है:
- चमड़ी (Hides): यह बड़े जानवरों जैसे गाय और भैंस से प्राप्त होती है।
- खाल (Skins): यह छोटे जानवरों जैसे बकरी और भेड़ से प्राप्त होती है। भारत उच्च गुणवत्ता वाली बकरी की खाल के लिए विश्व प्रसिद्ध है।
3. स्थानीयकरण के कारक (Factors of Localisation)
चमड़ा उद्योग के केंद्र कुछ विशेष क्षेत्रों में विकसित हुए हैं, जिसके मुख्य कारण हैं:
- कच्चे माल की उपलब्धता: उद्योग उन क्षेत्रों के पास स्थित है जहाँ पशुधन की आबादी अधिक है।
- जल की उपलब्धता: चमड़े की टैनिंग (शोधन) प्रक्रिया में भारी मात्रा में पानी की आवश्यकता होती है।
- कुशल श्रम: टैनिंग और चमड़े की वस्तुओं के निर्माण के लिए पारंपरिक रूप से कुशल श्रमिकों की उपलब्धता।
- बाजार और बंदरगाह: घरेलू बाजारों और निर्यात के लिए बंदरगाहों की निकटता।
4. भारत के प्रमुख चमड़ा उद्योग केंद्र (Major Leather Industry Hubs in India)
| केंद्र | राज्य | विशेषता |
|---|---|---|
| कानपुर | उत्तर प्रदेश | इसे ‘पूर्व का मैनचेस्टर’ और ‘विश्व का चमड़ा शहर’ (Leather City of the World) कहा जाता है। यह भारी चमड़े के सामान, विशेषकर सैडलरी और हार्नेस के लिए प्रसिद्ध है। |
| आगरा | उत्तर प्रदेश | भारत में जूता उद्योग का सबसे बड़ा केंद्र। |
| चेन्नई | तमिलनाडु | दक्षिण भारत का सबसे बड़ा चमड़ा केंद्र। चेन्नई, अंबुर, रानीपेट और वेल्लोर प्रमुख केंद्र हैं। |
| कोलकाता | पश्चिम बंगाल | चमड़े के सामान और परिधानों का एक प्रमुख केंद्र। |
| जालंधर | पंजाब | चमड़े से बने खेल के सामान के लिए प्रसिद्ध है। |
5. सरकारी पहल और संस्थान (Government Initiatives and Institutions)
- चमड़ा निर्यात परिषद (Council for Leather Exports – CLE): यह वाणिज्य मंत्रालय के तहत चमड़े और चमड़े के उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा देने के लिए शीर्ष निकाय है।
- केंद्रीय चमड़ा अनुसंधान संस्थान (Central Leather Research Institute – CLRI): इसका मुख्यालय चेन्नई में है। यह चमड़ा विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में दुनिया का सबसे बड़ा अनुसंधान संस्थान है।
6. आर्थिक महत्व (Economic Importance)
- निर्यात: यह भारत के शीर्ष निर्यात आय अर्जकों में से एक है।
- रोजगार: यह एक अत्यधिक श्रम-गहन उद्योग है जो लाखों लोगों को रोजगार प्रदान करता है, जिनमें से कई कमजोर वर्गों से हैं और बड़ी संख्या में महिलाएं शामिल हैं।
7. चुनौतियाँ (Challenges)
- पर्यावरणीय प्रदूषण: टैनिंग (Tanning) या चमड़े की शोधन प्रक्रिया एक अत्यधिक प्रदूषणकारी गतिविधि है। टैनरियों से निकलने वाले रसायन, विशेषकर क्रोमियम, गंगा जैसी नदियों में भारी जल प्रदूषण का कारण बनते हैं।
- कच्चे माल की गुणवत्ता: भारत के पास विशाल पशुधन है, लेकिन वध की खराब प्रथाओं के कारण खाल की गुणवत्ता अक्सर खराब होती है।
- अंतर्राष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा: चीन, ब्राजील और वियतनाम जैसे देशों से कड़ी प्रतिस्पर्धा।
8. परीक्षा हेतु महत्वपूर्ण तथ्य (Important Facts for Exams)
- चमड़ा उद्योग एक निर्यात-उन्मुख और श्रम-गहन क्षेत्र है।
- कानपुर को ‘विश्व का चमड़ा शहर’ कहा जाता है।
- आगरा भारत का सबसे बड़ा जूता निर्माण केंद्र है।
- टैनिंग प्रक्रिया से होने वाला जल प्रदूषण इस उद्योग की सबसे बड़ी चुनौती है।
- CLRI (केंद्रीय चमड़ा अनुसंधान संस्थान) चेन्नई में स्थित है।