1. परिचय (Introduction)
पेट्रोलियम, जिसे कच्चा तेल (Crude Oil) या खनिज तेल (Mineral Oil) भी कहा जाता है, एक जीवाश्म ईंधन है। यह कोयले के बाद भारत का दूसरा प्रमुख ऊर्जा स्रोत है। यह परिवहन क्षेत्र के लिए ईंधन (पेट्रोल, डीजल) और कई उद्योगों (जैसे पेट्रोकेमिकल्स, उर्वरक, सिंथेटिक फाइबर) के लिए एक आवश्यक कच्चा माल प्रदान करता है। इसके अत्यधिक आर्थिक महत्व के कारण इसे ‘तरल सोना’ (Liquid Gold) भी कहा जाता है।
2. पेट्रोलियम का निर्माण और प्राप्ति (Formation and Occurrence)
- निर्माण: पेट्रोलियम का निर्माण लाखों साल पहले समुद्री जीवों (जैसे प्लैंकटन) के अवशेषों के समुद्र तल पर दबने और उच्च ताप तथा दाब के कारण हुआ।
- प्राप्ति: यह मुख्य रूप से टर्शियरी युग (Tertiary period) की अवसादी चट्टानों (Sedimentary Rocks) के छिद्रों में पाया जाता है।
3. भारत में प्रमुख पेट्रोलियम उत्पादन क्षेत्र (Major Petroleum Producing Regions in India)
भारत में तेल उत्पादन क्षेत्रों को दो मुख्य भागों में बांटा जा सकता है:
A. अपतटीय क्षेत्र (Offshore Fields)
- मुंबई हाई: यह भारत का सबसे बड़ा तेल क्षेत्र है, जो देश के कुल उत्पादन का 60% से अधिक हिस्सा है। यह मुंबई तट से लगभग 160 किमी दूर अरब सागर में स्थित है।
- बसीन (Bassein): यह मुंबई हाई के दक्षिण में स्थित है और प्राकृतिक गैस के विशाल भंडार के लिए प्रसिद्ध है।
- पूर्वी तट: कृष्णा-गोदावरी (KG) बेसिन पूर्वी तट पर एक महत्वपूर्ण तेल और गैस उत्पादक क्षेत्र है।
B. तटवर्ती क्षेत्र (Onshore Fields)
- असम (सबसे पुराना उत्पादक): डिगबोई (भारत का सबसे पुराना तेल क्षेत्र), नहरकटिया, और मोरन-हुगरीजन ब्रह्मपुत्र घाटी के महत्वपूर्ण तेल क्षेत्र हैं।
- गुजरात (दूसरा सबसे बड़ा उत्पादक): अंकलेश्वर, खंभात, कलोल और मेहसाणा प्रमुख उत्पादन क्षेत्र हैं।
- राजस्थान (सबसे बड़ा तटवर्ती उत्पादक): बाड़मेर जिला (मंगला, भाग्यम, ऐश्वर्या तेल क्षेत्र) भारत का सबसे बड़ा तटवर्ती तेल उत्पादक क्षेत्र बन गया है।
4. प्रमुख उत्पादक राज्य/क्षेत्र (Major Producing States/Regions)
- अपतटीय क्षेत्र (Offshore Fields) – (सबसे बड़ा योगदानकर्ता)
- राजस्थान
- गुजरात
- असम
5. तेल शोधनशालाएं (Oil Refineries)
कच्चे तेल को सीधे उपयोग नहीं किया जा सकता है। इसे तेल रिफाइनरियों में संसाधित करके पेट्रोल, डीजल, केरोसिन, और एलपीजी जैसे विभिन्न उपयोगी उत्पाद प्राप्त किए जाते हैं। भारत में दो प्रकार की रिफाइनरियां हैं:
- क्षेत्र आधारित (Field-based): जो तेल क्षेत्रों के पास स्थित हैं, जैसे डिगबोई।
- बाजार आधारित (Market-based): जो खपत क्षेत्रों या बंदरगाहों के पास स्थित हैं, जैसे मथुरा (उत्तर प्रदेश), पानीपत (हरियाणा), और जामनगर (गुजरात)। जामनगर रिफाइनरी (रिलायंस इंडस्ट्रीज) दुनिया की सबसे बड़ी तेल रिफाइनरी है।
6. आर्थिक महत्व और चुनौतियाँ (Economic Importance & Challenges)
- आर्थिक महत्व: यह परिवहन, उद्योग और कृषि क्षेत्रों के लिए ऊर्जा का एक महत्वपूर्ण स्रोत है।
- चुनौतियाँ: भारत का घरेलू कच्चा तेल उत्पादन इसकी जरूरतों का केवल 15-20% ही पूरा करता है। अपनी ऊर्जा सुरक्षा के लिए, भारत बड़े पैमाने पर आयात पर निर्भर है, जो इसे वैश्विक तेल कीमतों में उतार-चढ़ाव के प्रति संवेदनशील बनाता है।
7. संबंधित संस्थान (Related Institutions)
- तेल और प्राकृतिक गैस निगम (ONGC): यह भारत की सबसे बड़ी कच्चा तेल और प्राकृतिक गैस कंपनी है।
- ऑयल इंडिया लिमिटेड (OIL): यह मुख्य रूप से उत्तर-पूर्वी भारत में तेल और गैस की खोज और उत्पादन में लगी हुई है।
- इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (IOCL): यह भारत की सबसे बड़ी तेल विपणन और रिफाइनिंग कंपनी है।
8. परीक्षा हेतु महत्वपूर्ण तथ्य (Important Facts for Exams)
- पेट्रोलियम को ‘तरल सोना’ कहा जाता है और यह टर्शियरी युग की अवसादी चट्टानों में पाया जाता है।
- मुंबई हाई भारत का सबसे बड़ा तेल उत्पादक क्षेत्र है।
- राजस्थान भारत का सबसे बड़ा तटवर्ती तेल उत्पादक राज्य है।
- डिगबोई, असम भारत का सबसे पुराना तेल क्षेत्र है।
- भारत अपनी पेट्रोलियम जरूरतों का 80% से अधिक हिस्सा आयात करता है।
- जामनगर, गुजरात में दुनिया की सबसे बड़ी तेल रिफाइनरी है।