1. परिचय (Introduction)
अरहर (Pigeon Pea), जिसे ‘तुर’ (Tur) या ‘Red Gram’ भी कहा जाता है, चने के बाद भारत की दूसरी सबसे महत्वपूर्ण दलहन फसल है। यह प्रोटीन का एक प्रमुख स्रोत है और ‘दाल’ के रूप में भारतीय आहार का एक अनिवार्य हिस्सा है। भारत दुनिया में अरहर का सबसे बड़ा उत्पादक और उपभोक्ता है।
2. जलवायु आवश्यकताएँ (Climatic Requirements)
- तापमान: यह एक उष्णकटिबंधीय और उपोष्णकटिबंधीय फसल है जिसे 25°C से 35°C के बीच गर्म और आर्द्र जलवायु की आवश्यकता होती है। पाला इसके लिए बहुत हानिकारक है।
- वर्षा: इसे 60 सेमी से 100 सेमी की मध्यम वर्षा की आवश्यकता होती है। यह अपनी गहरी जड़ प्रणाली के कारण अत्यधिक सूखा-सहिष्णु (Drought-tolerant) है।
- मिट्टी: यह विभिन्न प्रकार की मिट्टी में उग सकती है, लेकिन अच्छी जल निकासी वाली, हल्की से मध्यम दोमट मिट्टी (Light to medium loamy soils) सर्वोत्तम है।
3. प्रमुख उत्पादक राज्य (Major Producing States)
- महाराष्ट्र (सबसे बड़ा उत्पादक)
- कर्नाटक
- मध्य प्रदेश
- उत्तर प्रदेश
- गुजरात
4. फसल मौसम (Crop Season)
अरहर लगभग विशेष रूप से एक खरीफ फसल है।
- बुवाई का समय: जून-जुलाई (मानसून की शुरुआत के साथ)।
- कटाई का समय: यह एक लंबी अवधि की फसल है, जिसे पकने में 6 से 8 महीने लगते हैं। कटाई आमतौर पर दिसंबर से मार्च तक होती है।
5. उन्नत किस्में (High Yielding Varieties)
- उपास-120 (UPAS-120)
- पूसा-9 (Pusa-9), पूसा-992 (Pusa-992)
- आईसीपीएल-87 (ICPL-87)
- बहार (Bahar)
6. कृषि प्रथाएँ (Agricultural Practices)
- मिश्रित फसल: अरहर को अक्सर मिश्रित या अंत:फसल (Mixed/Inter-cropping) के रूप में ज्वार, बाजरा, कपास और मूंगफली जैसी खरीफ फसलों के साथ उगाया जाता है।
- नाइट्रोजन स्थिरीकरण: यह एक फलीदार (Leguminous) फसल है जो वायुमंडलीय नाइट्रोजन को मिट्टी में स्थिर करके उसकी उर्वरता को बढ़ाती है।
7. उत्पादन और उपज (Production and Yield)
- उत्पादन: भारत अरहर का सबसे बड़ा उत्पादक है, जो दुनिया के कुल उत्पादन का 70% से अधिक हिस्सा है।
- महत्व: यह शुष्क भूमि कृषि (Dryland Farming) के लिए एक महत्वपूर्ण फसल है, जो किसानों को जोखिम कम करने में मदद करती है।
8. परीक्षा हेतु महत्वपूर्ण तथ्य (Important Facts for Exams)
- अरहर भारत की दूसरी सबसे महत्वपूर्ण दलहन फसल है।
- यह एक खरीफ फसल है।
- महाराष्ट्र भारत का सबसे बड़ा अरहर उत्पादक राज्य है।
- यह एक फलीदार फसल है जो नाइट्रोजन स्थिरीकरण करती है।
- यह अपनी गहरी जड़ों के कारण सूखा-सहिष्णु है।
9. अन्य महत्वपूर्ण तथ्य (Other Important Facts)
- भारतीय दलहन अनुसंधान संस्थान (Indian Institute of Pulses Research) कानपुर, उत्तर प्रदेश में स्थित है।
- अरहर की दाल प्रोटीन का एक महत्वपूर्ण स्रोत है, खासकर शाकाहारी आबादी के लिए।
- इसके डंठल का उपयोग ईंधन, छप्पर बनाने और टोकरियाँ बनाने में किया जाता है। पत्तियों का उपयोग पशुओं के चारे के रूप में होता है।