1. परिचय (Introduction)
नवीकरणीय ऊर्जा (Renewable Energy), जिसे ‘अक्षय ऊर्जा’ या ‘स्वच्छ ऊर्जा’ भी कहा जाता है, उन प्राकृतिक स्रोतों से प्राप्त होती है जो समय के साथ स्वाभाविक रूप से पुन: भर जाते हैं। इनमें सौर ऊर्जा, पवन ऊर्जा, जलविद्युत, बायोमास और भूतापीय ऊर्जा शामिल हैं। भारत अपनी ऊर्जा सुरक्षा बढ़ाने, जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता कम करने और जलवायु परिवर्तन का मुकाबला करने के लिए नवीकरणीय ऊर्जा को तेजी से अपना रहा है।
2. भारत में प्रमुख नवीकरणीय ऊर्जा स्रोत (Major Renewable Energy Sources in India)
| ऊर्जा स्रोत | विवरण | प्रमुख उत्पादक राज्य |
|---|---|---|
| सौर ऊर्जा (Solar Energy) | भारत एक उष्णकटिबंधीय देश है, जिसे वर्ष में 300 से अधिक दिन प्रचुर धूप प्राप्त होती है। फोटोवोल्टिक (PV) तकनीक का उपयोग करके सूर्य के प्रकाश को सीधे बिजली में परिवर्तित किया जाता है। | 1. राजस्थान 2. गुजरात 3. कर्नाटक |
| पवन ऊर्जा (Wind Energy) | पवन टर्बाइनों का उपयोग करके हवा की गतिज ऊर्जा को बिजली में परिवर्तित किया जाता है। भारत दुनिया में चौथी सबसे बड़ी पवन ऊर्जा स्थापित क्षमता वाला देश है। | 1. तमिलनाडु 2. गुजरात 3. कर्नाटक |
| जलविद्युत (Hydropower) | नदियों पर बांध बनाकर बहते पानी की ऊर्जा से टर्बाइन चलाकर बिजली उत्पन्न की जाती है। यह नवीकरणीय ऊर्जा का सबसे पुराना और सबसे स्थापित रूप है। | 1. कर्नाटक 2. हिमाचल प्रदेश 3. महाराष्ट्र |
| बायोमास (Biomass) | इसमें कृषि अवशेषों, गन्ने की खोई और अन्य जैविक पदार्थों को जलाकर बिजली पैदा की जाती है। यह ग्रामीण क्षेत्रों के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है। | 1. महाराष्ट्र 2. उत्तर प्रदेश 3. कर्नाटक |
3. सरकारी पहल और नीतियां (Government Initiatives and Policies)
- नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (MNRE): यह भारत में नवीकरणीय ऊर्जा से संबंधित सभी मामलों के लिए नोडल मंत्रालय है।
- राष्ट्रीय सौर मिशन (National Solar Mission): यह जलवायु परिवर्तन पर राष्ट्रीय कार्य योजना (NAPCC) का एक हिस्सा है। इसका उद्देश्य भारत को सौर ऊर्जा में एक वैश्विक नेता के रूप में स्थापित करना है।
- प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान (PM-KUSUM): इस योजना का उद्देश्य किसानों को अपनी बंजर भूमि पर सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित करने और ग्रिड को बिजली बेचने में मदद करना है, जिससे उन्हें अतिरिक्त आय प्राप्त हो सके।
- अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन (International Solar Alliance – ISA): भारत और फ्रांस की एक संयुक्त पहल, जिसका मुख्यालय गुरुग्राम, हरियाणा में है। इसका उद्देश्य सौर ऊर्जा संपन्न देशों को एक साथ लाना है।
4. आर्थिक और पर्यावरणीय महत्व (Economic and Environmental Importance)
- ऊर्जा सुरक्षा: यह जीवाश्म ईंधन के आयात पर भारत की निर्भरता को कम करता है, जिससे विदेशी मुद्रा की बचत होती है।
- पर्यावरण संरक्षण: नवीकरणीय ऊर्जा स्रोत कार्बन डाइऑक्साइड और अन्य ग्रीनहाउस गैसों का उत्सर्जन नहीं करते हैं, जिससे वायु प्रदूषण कम होता है और जलवायु परिवर्तन से लड़ने में मदद मिलती है।
- रोजगार सृजन: सौर और पवन ऊर्जा क्षेत्रों के विस्तार से विनिर्माण, स्थापना और रखरखाव में लाखों नौकरियां पैदा हो रही हैं।
- ग्रामीण विद्युतीकरण: सौर ऊर्जा दूरदराज के गांवों तक बिजली पहुंचाने का एक प्रभावी और सस्ता तरीका है।
5. चुनौतियाँ (Challenges)
- आंतरायिकता (Intermittency): सौर और पवन ऊर्जा प्रकृति में आंतरायिक हैं (यानी, वे 24×7 उपलब्ध नहीं हैं), जिससे ग्रिड को स्थिर रखना एक चुनौती है।
- उच्च प्रारंभिक लागत: सौर और पवन फार्म स्थापित करने के लिए भारी प्रारंभिक निवेश की आवश्यकता होती है।
- भूमि अधिग्रहण: बड़े पैमाने पर सौर और पवन परियोजनाओं के लिए भूमि का अधिग्रहण एक प्रमुख बाधा है।
- ग्रिड एकीकरण: मौजूदा पावर ग्रिड को नवीकरणीय ऊर्जा को एकीकृत करने के लिए अपग्रेड करने की आवश्यकता है।
6. परीक्षा हेतु महत्वपूर्ण तथ्य (Important Facts for Exams)
- भारत दुनिया में नवीकरणीय ऊर्जा की चौथी सबसे बड़ी स्थापित क्षमता रखता है।
- राजस्थान सौर ऊर्जा का सबसे बड़ा उत्पादक है।
- तमिलनाडु पवन ऊर्जा का सबसे बड़ा उत्पादक है।
- भारत का लक्ष्य 2030 तक अपनी स्थापित बिजली क्षमता का 50% गैर-जीवाश्म ईंधन स्रोतों से प्राप्त करना है।
- अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन (ISA) का मुख्यालय गुरुग्राम, भारत में है।