मिट्टी का क्षरण और संरक्षण (Soil Degradation and Conservation)
मिट्टी का क्षरण (Soil Degradation)
मिट्टी का क्षरण मिट्टी की गुणवत्ता और उत्पादकता में गिरावट है, जो प्राकृतिक और मानवीय गतिविधियों के कारण होता है। यह कृषि, पर्यावरण, और खाद्य सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा है।
- अपरदन (Erosion): जल और हवा द्वारा मिट्टी की ऊपरी परत का हटना।
- लवणीकरण (Salinization): सिंचाई के कारण मिट्टी में नमक की मात्रा का बढ़ना।
- क्षारीकरण (Alkalization): मिट्टी में सोडियम की मात्रा बढ़ने से उसकी उर्वरता का कम होना।
मृदा संरक्षण तकनीकें (Soil Conservation Techniques)
मृदा संरक्षण तकनीकें मिट्टी को क्षरण से बचाने और उसकी गुणवत्ता को बनाए रखने के लिए उपयोग की जाती हैं।
- क्षैतिज कृषि (Contour Farming): ढलानों पर समोच्च रेखाओं के समानांतर खेती करना।
- टेरेसिंग (Terracing): पहाड़ी क्षेत्रों में सीढ़ीनुमा खेत बनाना।
- मल्चिंग (Mulching): मिट्टी की नमी बनाए रखने और क्षरण रोकने के लिए खेतों पर घास या पत्तियाँ बिछाना।
- अंतर फसल प्रणाली (Intercropping): दो या अधिक फसलों को एक साथ उगाना।
- वनरोपण (Afforestation): पेड़ लगाकर मिट्टी को स्थिर करना।
- जल पुनर्भरण (Rainwater Harvesting): वर्षा के पानी का संचयन और उपयोग।
- रोकधार निर्माण (Check Dams): जल प्रवाह को नियंत्रित करने के लिए छोटी बाधाएँ बनाना।