1. परिचय (Introduction)
शहरीकरण (Urbanization) ग्रामीण क्षेत्रों से शहरी क्षेत्रों में जनसंख्या के स्थानांतरण और शहरों के आकार तथा प्रभाव में वृद्धि की प्रक्रिया है। यह आधुनिकीकरण और आर्थिक विकास का एक महत्वपूर्ण संकेतक है। 2011 की जनगणना के अनुसार, भारत की 31.2% आबादी शहरी क्षेत्रों में रहती थी, और यह आंकड़ा लगातार बढ़ रहा है।
2. शहरीकरण के कारण (Causes of Urbanization)
भारत में शहरीकरण मुख्य रूप से ग्रामीण-से-शहरी प्रवासन (Rural-to-Urban Migration) के कारण होता है, जिसे पुश और पुल कारक प्रेरित करते हैं:
- पुश कारक (Push Factors): वे कारण जो लोगों को ग्रामीण क्षेत्रों को छोड़ने के लिए मजबूर करते हैं, जैसे कृषि में रोजगार के अवसरों की कमी, गरीबी, प्राकृतिक आपदाएं (सूखा, बाढ़), और सामाजिक पिछड़ापन।
- पुल कारक (Pull Factors): वे कारण जो लोगों को शहरी क्षेत्रों की ओर आकर्षित करते हैं, जैसे बेहतर रोजगार के अवसर, उच्च वेतन, बेहतर शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाएँ, और आधुनिक जीवन शैली का आकर्षण।
3. भारत के प्रमुख शहरी समूह (Major Urban Agglomerations in India)
भारत कई बड़े शहरों का घर है, जिन्हें अक्सर उनकी जनसंख्या के आधार पर वर्गीकृत किया जाता है। 10 मिलियन से अधिक आबादी वाले शहरों को मेगासिटी (Megacities) कहा जाता है।
| मेगासिटी (2011 जनगणना) | राज्य |
|---|---|
| ग्रेटर मुंबई | महाराष्ट्र |
| दिल्ली | दिल्ली |
| कोलकाता | पश्चिम बंगाल |
2011 के बाद, बेंगलुरु और चेन्नई भी मेगासिटी बन गए हैं।
4. शहरीकरण के सकारात्मक प्रभाव (Positive Impacts of Urbanization)
- आर्थिक विकास का इंजन: शहर नवाचार, व्यापार और औद्योगीकरण के केंद्र होते हैं, जो देश के आर्थिक विकास को गति देते हैं।
- बेहतर सुविधाएँ: शहरी क्षेत्रों में आमतौर पर बेहतर शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, स्वच्छता और मनोरंजन की सुविधाएँ होती हैं।
- सामाजिक गतिशीलता: शहरीकरण जाति और पारंपरिक सामाजिक बाधाओं को तोड़ने में मदद करता है और लोगों को सामाजिक रूप से ऊपर उठने के अवसर प्रदान करता है।
5. शहरीकरण की चुनौतियाँ (Challenges of Urbanization)
भारत में तीव्र और अनियोजित शहरीकरण ने कई गंभीर समस्याओं को जन्म दिया है:
- अत्यधिक भीड़भाड़ और झुग्गी-झोपड़ियाँ (Slums): आवास की कमी के कारण शहरों में बड़ी संख्या में झुग्गी-झोपड़ियाँ बन गई हैं, जहाँ बुनियादी सुविधाओं का अभाव होता है (जैसे, मुंबई में धारावी)।
- बुनियादी ढांचे पर दबाव: पानी की आपूर्ति, सीवेज, बिजली और सार्वजनिक परिवहन जैसी नागरिक सुविधाओं पर अत्यधिक दबाव।
- पर्यावरणीय प्रदूषण: वाहनों और उद्योगों से होने वाला वायु प्रदूषण, अनुपचारित सीवेज से जल प्रदूषण, और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन की समस्या।
- सामाजिक समस्याएँ: अपराध दर में वृद्धि, सामाजिक अलगाव और जीवन की उच्च लागत।
6. सरकारी पहल (Government Initiatives)
- स्मार्ट सिटीज मिशन (Smart Cities Mission): इसका उद्देश्य 100 चयनित शहरों को “स्मार्ट” शहरों के रूप में विकसित करना है, जहाँ मुख्य बुनियादी ढाँचा, स्वच्छ और टिकाऊ वातावरण और नागरिकों के लिए जीवन की अच्छी गुणवत्ता हो।
- अमृत (AMRUT – Atal Mission for Rejuvenation and Urban Transformation): इसका उद्देश्य 500 शहरों में जलापूर्ति, सीवेज और शहरी परिवहन जैसे बुनियादी शहरी बुनियादी ढांचे को सुनिश्चित करना है।
- प्रधानमंत्री आवास योजना – शहरी (PMAY-U): इसका लक्ष्य 2022 तक शहरी गरीबों को किफायती आवास उपलब्ध कराना था।
7. परीक्षा हेतु महत्वपूर्ण तथ्य (Important Facts for Exams)
- 2011 की जनगणना के अनुसार, भारत की 31.2% आबादी शहरी है।
- गोवा प्रतिशत की दृष्टि से सबसे अधिक शहरीकृत राज्य है।
- महाराष्ट्र में सबसे अधिक शहरी आबादी है।
- मेगासिटी 10 मिलियन (1 करोड़) से अधिक आबादी वाले शहर हैं।
- स्मार्ट सिटीज मिशन और अमृत (AMRUT) शहरी विकास से संबंधित प्रमुख योजनाएं हैं।