1. परिचय (Introduction)
जस्ता (Zinc) एक अलौह धातु है जो औद्योगिक रूप से बहुत महत्वपूर्ण है। यह प्रकृति में स्वतंत्र रूप से नहीं पाया जाता है, बल्कि अयस्कों के रूप में मिलता है। इसका मुख्य अयस्क स्फेलेराइट (Sphalerite) है। जस्ता अक्सर सीसा (Lead) के साथ पाया जाता है, इसलिए इन्हें ‘जुड़वां खनिज’ (Twin Minerals) भी कहा जाता है।
2. गुण और उपयोग (Properties and Uses)
- गुण: यह एक भंगुर (brittle) धातु है जिसमें उत्कृष्ट संक्षारण-रोधी (anti-corrosion) गुण होते हैं।
- प्रमुख उपयोग:
- गैल्वनीकरण (Galvanizing): यह इसका सबसे महत्वपूर्ण उपयोग है। इसमें लोहे और इस्पात की वस्तुओं पर जंग लगने से बचाने के लिए जस्ते की एक पतली परत चढ़ाई जाती है।
- मिश्र धातु बनाना (Alloys): पीतल (Brass) बनाने के लिए इसे तांबे के साथ मिलाया जाता है।
- डाई-कास्टिंग: इसका उपयोग ऑटोमोबाइल और अन्य उद्योगों के लिए पुर्जे बनाने में होता है।
- अन्य उपयोग: ड्राई सेल बैटरी, पेंट और रासायनिक उद्योगों में।
3. भारत में प्रमुख जस्ता खदानें (Major Zinc Mines in India)
भारत के लगभग सभी जस्ता भंडार और उत्पादन राजस्थान में केंद्रित हैं।
- रामपुरा-आगुचा खदान (Rampura-Agucha Mine): यह भीलवाड़ा जिले में स्थित है। यह दुनिया की सबसे बड़ी और सबसे अमीर जस्ता खदानों में से एक है।
- जावर समूह की खदानें (Zawar Group of Mines): यह उदयपुर जिले में स्थित है। यह भारत का सबसे पुराना जस्ता खनन क्षेत्र है, जहाँ मध्यकाल से ही खनन हो रहा है।
- सिंदेसर खुर्द खदान (Sindesar Khurd Mine): यह राजसमंद जिले में स्थित है और यह एक बड़ी भूमिगत चांदी-सीसा-जस्ता खदान है।
4. प्रमुख उत्पादक राज्य (Major Producing State)
- राजस्थान (देश के कुल उत्पादन का लगभग 99% हिस्सा)
5. संबंधित संस्थान (Related Institutions)
- हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड (HZL): यह भारत की सबसे बड़ी और एकमात्र एकीकृत जस्ता-सीसा-चांदी उत्पादक कंपनी है। पहले यह एक सरकारी उपक्रम थी, लेकिन अब यह वेदांता समूह (Vedanta Group) का हिस्सा है। इसका मुख्यालय उदयपुर, राजस्थान में है।
6. आर्थिक महत्व (Economic Importance)
- औद्योगिक महत्व: यह इस्पात, ऑटोमोबाइल और निर्माण जैसे प्रमुख उद्योगों के लिए एक महत्वपूर्ण कच्चा माल है।
- आत्मनिर्भरता: कुशल खनन और प्रसंस्करण के कारण, भारत अब जस्ता में आत्मनिर्भर हो गया है और इसका निर्यात भी करता है।
7. चुनौतियाँ (Challenges)
- पर्यावरणीय चिंताएँ: जस्ता के खनन और प्रगलन (smelting) से भारी धातु प्रदूषण और अपशिष्ट निपटान जैसी पर्यावरणीय समस्याएं उत्पन्न होती हैं।
- गहन खनन: जैसे-जैसे सतही भंडार समाप्त हो रहे हैं, खनन अधिक गहराई में जा रहा है, जिससे लागत और जटिलता बढ़ रही है।
8. परीक्षा हेतु महत्वपूर्ण तथ्य (Important Facts for Exams)
- जस्ता का मुख्य उपयोग लोहे को जंग से बचाने के लिए गैल्वनीकरण में होता है।
- यह अक्सर सीसा के साथ पाया जाता है, इसलिए इन्हें ‘जुड़वां खनिज’ कहते हैं।
- राजस्थान भारत में जस्ता का लगभग एकमात्र उत्पादक राज्य है।
- राजस्थान में रामपुरा-आगुचा और जावर की खदानें जस्ते के लिए विश्व प्रसिद्ध हैं।
- हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड (HZL) भारत की सबसे बड़ी जस्ता उत्पादक कंपनी है।