चित्र: भारत के प्रमुख भाषाई क्षेत्र (जल्द ही अपलोड किया जाएगा)
परीक्षा की दृष्टि से त्वरित तथ्य
- संवैधानिक स्थिति: संविधान की 8वीं अनुसूची में मान्यता प्राप्त भाषाओं की सूची है।
- कुल मान्यता प्राप्त भाषाएँ: वर्तमान में 22 भाषाएँ 8वीं अनुसूची में शामिल हैं।
- राजभाषा: संविधान के अनुच्छेद 343 के तहत संघ की राजभाषा देवनागरी लिपि में हिंदी है।
- शास्त्रीय भाषाएँ: कुल 11 भाषाओं को शास्त्रीय भाषा का दर्जा प्राप्त है।
भारत के प्रमुख भाषा परिवार
भारत की भाषाओं को बोलने वालों के प्रतिशत के आधार पर चार मुख्य परिवारों में बाँटा गया है:| भाषा परिवार | जनसंख्या प्रतिशत | प्रमुख भाषाएँ |
|---|---|---|
| भारोपीय | ~73% | हिंदी, बंगाली, मराठी, गुजराती, पंजाबी, सिंधी, ओडिया। |
| द्रविड़ | ~25% | तमिल, तेलुगु, कन्नड़, मलयालम। |
| ऑस्ट्रिक | ~1.3% | संथाली, खासी, मुंडा। |
| चीनी-तिब्बती | ~0.85% | मणिपुरी, बोडो, गारो, लद्दाखी। |
संविधान की 8वीं अनुसूची
मूल संविधान में केवल 14 भाषाएँ शामिल थीं। बाद में विभिन्न संविधान संशोधनों के माध्यम से अन्य भाषाओं को जोड़ा गया।संविधान संशोधन और जोड़ी गई भाषाएँ:
- 21वां संशोधन (1967): सिंधी को जोड़ा गया।
- 71वां संशोधन (1992): कोंकणी, मणिपुरी और नेपाली (KMN) को जोड़ा गया।
- 92वां संशोधन (2003): बोडो, डोगरी, मैथिली और संथाली (BDMS) को जोड़ा गया।
वर्तमान 22 भाषाएँ: असमिया, बंगाली, गुजराती, हिंदी, कन्नड़, कश्मीरी, कोंकणी, मलयालम, मणिपुरी, मराठी, नेपाली, ओडिया, पंजाबी, संस्कृत, सिंधी, तमिल, तेलुगु, उर्दू, बोडो, संथाली, मैथिली और डोगरी।
भारत की शास्त्रीय भाषाएँ
शास्त्रीय भाषा का दर्जा उन भाषाओं को दिया जाता है जिनका इतिहास प्राचीन (1500-2000 वर्ष पुराना) हो और जिनका साहित्य मौलिक हो। अक्टूबर 2024 में 5 नई भाषाओं को यह दर्जा मिलने के बाद अब इनकी कुल संख्या 11 हो गई है।शास्त्रीय भाषा का दर्जा देने के मानदंड
संस्कृति मंत्रालय द्वारा निर्धारित मानदंड निम्नलिखित हैं:
- इसके प्रारंभिक ग्रंथों या दर्ज इतिहास की उच्च प्राचीनता (1500-2000 वर्ष से अधिक) होनी चाहिए।
- प्राचीन साहित्य या ग्रंथों का एक ऐसा समूह होना चाहिए जिसे वक्ताओं की पीढ़ियों द्वारा एक अमूल्य विरासत माना जाता हो।
- साहित्यिक परंपरा मौलिक होनी चाहिए और किसी अन्य भाषाई समुदाय से उधार नहीं ली गई होनी चाहिए।
- शास्त्रीय भाषा और साहित्य आधुनिक भाषा और साहित्य से भिन्न होने चाहिए; इसलिए, इसके और इसके बाद के रूपों या इसकी शाखाओं के बीच असंततता हो सकती है।
| भाषा | घोषणा वर्ष | विशेषता |
|---|---|---|
| तमिल | 2004 | पहली शास्त्रीय भाषा। |
| संस्कृत | 2005 | प्राचीनतम साहित्य। |
| कन्नड़ | 2008 | द्रविड़ परिवार। |
| तेलुगु | 2008 | द्रविड़ परिवार। |
| मलयालम | 2013 | द्रविड़ परिवार। |
| ओडिया | 2014 | भारोपीय परिवार की पहली शास्त्रीय भाषा। |
| मराठी, पाली, प्राकृत, असमिया, बंगाली | 2024 | नवीनतम शामिल भाषाएँ। |
महत्वपूर्ण संवैधानिक अनुच्छेद
- अनुच्छेद 343: संघ की राजभाषा हिंदी और लिपि देवनागरी होगी।
- अनुच्छेद 345: राज्य की राजभाषाएँ।
- अनुच्छेद 348: सर्वोच्च न्यायालय और उच्च न्यायालयों में प्रयोग की जाने वाली भाषा (अंग्रेजी)।
- अनुच्छेद 351: हिंदी भाषा के विकास और प्रसार के लिए निर्देश।