महत्वपूर्ण तथ्य
- पहला समाचार पत्र: बंगाल गजट (1780)।
- पहला हिंदी समाचार पत्र: उदन्त मार्तण्ड (1826)।
- प्रेस का मुक्तिदाता: चार्ल्स मेटकाफ को भारतीय प्रेस का मुक्तिदाता कहा जाता है क्योंकि उन्होंने 1823 के कठोर लाइसेंसिंग नियमों को हटा दिया था।
- वर्नाक्युलर प्रेस एक्ट: 1878 में लॉर्ड लिटन द्वारा भारतीय भाषाओं के पत्रों पर प्रतिबंध लगाने के लिए लाया गया था।
1. प्रारंभिक दौर के समाचार पत्र (Early Phase)
हिकीज़ बंगाल गजट (Hicky’s Bengal Gazette)
स्थापना वर्ष: 1780
संस्थापक: जेम्स ऑगस्टस हिकी
भाषा: अंग्रेजी
स्थान: कलकत्ता (कोलकाता)
तथ्य: यह भारत में प्रकाशित होने वाला पहला समाचार पत्र था। इसे ‘कलकत्ता जनरल एडवरटाइजर’ भी कहा जाता था। सरकार की आलोचना के कारण इसे 1782 में बंद कर दिया गया।
संवाद कौमुदी (Sambad Kaumudi)
स्थापना वर्ष: 1821
संस्थापक: राजा राममोहन राय
भाषा: बंगाली
तथ्य: इस पत्र ने सती प्रथा के उन्मूलन के लिए जनमत तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
मिरात-उल-अखबार (Mirat-ul-Akhbar)
स्थापना वर्ष: 1822
संस्थापक: राजा राममोहन राय
भाषा: फारसी
तथ्य: यह भारत में प्रकाशित होने वाला पहला फारसी समाचार पत्र था।
बॉम्बे समाचार (Bombay Samachar)
स्थापना वर्ष: 1822
संस्थापक: फरदुनजी मर्ज़बान
भाषा: गुजराती
तथ्य: यह एशिया का सबसे पुराना समाचार पत्र है जो आज भी निरंतर प्रकाशित हो रहा है। इसका वर्तमान नाम ‘मुंबई समाचार’ है।
उदन्त मार्तण्ड (Udant Martand)
स्थापना वर्ष: 1826
संस्थापक/संपादक: जुगल किशोर शुक्ल
भाषा: हिंदी
स्थान: कलकत्ता
तथ्य: यह भारत का पहला हिंदी समाचार पत्र था। यह एक साप्ताहिक पत्र था।
2. सामाजिक सुधार और राष्ट्रवाद (Social Reform & Nationalism)
रास्त गोफ्तार (Rast Goftar)
स्थापना वर्ष: 1851
संस्थापक: दादाभाई नौरोजी
भाषा: गुजराती
तथ्य: इसका उद्देश्य पारसी समुदाय में सामाजिक सुधार करना और अंधविश्वासों को दूर करना था।
हिन्दू पैट्रियट (Hindu Patriot)
स्थापना वर्ष: 1853
संस्थापक/संपादक: गिरीश चंद्र घोष (बाद में हरीश चंद्र मुखर्जी)
भाषा: अंग्रेजी
तथ्य: इसने नील विद्रोह (Indigo Revolt) के दौरान किसानों की दुर्दशा को उजागर करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
सोम प्रकाश (Som Prakash)
स्थापना वर्ष: 1858
संस्थापक: ईश्वर चंद्र विद्यासागर
भाषा: बंगाली
तथ्य: नील किसानों के समर्थन के कारण यह वर्नाक्युलर प्रेस एक्ट का पहला निशाना बना था।
अमृत बाज़ार पत्रिका (Amrita Bazar Patrika)
स्थापना वर्ष: 1868
संस्थापक: शिशिर कुमार घोष और मोतीलाल घोष
भाषा: बंगाली (प्रारंभ में) और अंग्रेजी
तथ्य: 1878 के वर्नाक्युलर प्रेस एक्ट से बचने के लिए यह रातों-रात बंगाली से अंग्रेजी भाषा के अखबार में बदल गया।
द स्टेट्समैन (The Statesman)
स्थापना वर्ष: 1875
संस्थापक: रॉबर्ट नाइट
भाषा: अंग्रेजी
तथ्य: यह अपनी निष्पक्ष पत्रकारिता के लिए जाना जाता था और ब्रिटिश सरकार की नीतियों की आलोचना भी करता था।
द हिंदू (The Hindu)
स्थापना वर्ष: 1878
संस्थापक: जी. सुब्रमण्यम अय्यर
भाषा: अंग्रेजी
स्थान: मद्रास (चेन्नई)
तथ्य: शुरुआत में यह एक साप्ताहिक था, 1889 में दैनिक बना। अय्यर ने तमिल अखबार ‘स्वदेशमित्रन’ भी शुरू किया।
द ट्रिब्यून (The Tribune)
स्थापना वर्ष: 1881
संस्थापक: दयाल सिंह मजीठिया
भाषा: अंग्रेजी
स्थान: लाहौर (अब चंडीगढ़ से प्रकाशित)
तथ्य: यह पंजाब में उदारवादी राष्ट्रवादी विचारों का प्रचार करने वाला प्रमुख पत्र था।
केसरी और मराठा (Kesari & Maratha)
स्थापना वर्ष: 1881
संस्थापक: बाल गंगाधर तिलक
भाषा: केसरी (मराठी) और मराठा (अंग्रेजी)
तथ्य: तिलक ने इन पत्रों का उपयोग राष्ट्रीय चेतना जगाने के लिए किया। उन्होंने ‘स्वराज मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है’ का नारा इन्हीं पत्रों के माध्यम से दिया।
सुधारक (Sudharak)
स्थापना वर्ष: 1888
संस्थापक: गोपाल गणेश आगरकर
भाषा: मराठी और अंग्रेजी
तथ्य: आगरकर, तिलक के सहयोगी थे, लेकिन सामाजिक सुधारों को लेकर मतभेद के बाद उन्होंने अपना अलग अखबार शुरू किया।
3. स्वतंत्रता संग्राम और गांधीवादी युग (Freedom Struggle & Gandhian Era)
इंडियन ओपिनियन (Indian Opinion)
स्थापना वर्ष: 1903
संस्थापक: महात्मा गांधी
स्थान: दक्षिण अफ्रीका
तथ्य: गांधीजी ने दक्षिण अफ्रीका में नस्लीय भेदभाव के खिलाफ लड़ने के लिए इसे शुरू किया।
वंदे मातरम (Vande Mataram)
स्थापना वर्ष: 1905
संपादक: अरबिंदो घोष (संस्थापक बिपिन चंद्र पाल)
भाषा: अंग्रेजी
तथ्य: यह स्वदेशी आंदोलन के दौरान उग्रवादी विचारधारा का मुखपत्र था।
कॉमरेड (Comrade)
स्थापना वर्ष: 1911
संस्थापक: मौलाना मोहम्मद अली जौहर
भाषा: अंग्रेजी
तथ्य: इस पत्र ने मुस्लिम समुदाय के बीच आधुनिक विचारों और खिलाफत आंदोलन के प्रचार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने उर्दू में ‘हमदर्द’ भी शुरू किया।
अल-हिलाल (Al-Hilal)
स्थापना वर्ष: 1912
संस्थापक: अबुल कलाम आजाद
भाषा: उर्दू
तथ्य: यह अपनी साहित्यिक गुणवत्ता और ब्रिटिश विरोधी रुख के लिए जाना जाता था। इसे 1914 में प्रतिबंधित कर दिया गया था।
प्रताप (Pratap)
स्थापना वर्ष: 1913
संस्थापक: गणेश शंकर विद्यार्थी
भाषा: हिंदी
तथ्य: यह कानपुर से प्रकाशित होता था और इसने किसानों और मजदूरों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया।
गदर (Ghadar)
स्थापना वर्ष: 1913
प्रकाशक: गदर पार्टी (लाला हरदयाल)
स्थान: सैन फ्रांसिस्को (अमेरिका)
तथ्य: इसके पहले अंक में लिखा था: “हमारा नाम? गदर। हमारा काम? गदर। यह कहाँ होगा? भारत में।”
न्यू इंडिया और कॉमनवील (New India & Commonweal)
स्थापना वर्ष: 1914
संस्थापक: एनी बेसेंट
भाषा: अंग्रेजी
तथ्य: इन पत्रों का उपयोग एनी बेसेंट ने होम रूल लीग आंदोलन के प्रचार के लिए किया।
यंग इंडिया और नवजीवन (Young India & Navjivan)
स्थापना वर्ष: 1919
संस्थापक: महात्मा गांधी
भाषा: यंग इंडिया (अंग्रेजी), नवजीवन (गुजराती)
तथ्य: इनका उपयोग गांधीजी ने अपने अहिंसा और असहयोग के विचारों को फैलाने के लिए किया।
द इंडिपेंडेंट (The Independent)
स्थापना वर्ष: 1919
संस्थापक: मोतीलाल नेहरू
भाषा: अंग्रेजी
स्थान: इलाहाबाद
तथ्य: इसकी शुरुआत स्वशासन की मांग करने और ब्रिटिश समर्थक पत्रों का मुकाबला करने के लिए की गई थी।
मूकनायक (Mooknayak)
स्थापना वर्ष: 1920
संस्थापक: बी.आर. अंबेडकर
भाषा: मराठी
तथ्य: यह दलितों की आवाज़ उठाने वाला एक पाक्षिक पत्र था। अंबेडकर ने बाद में ‘बहिष्कृत भारत’ (1927) भी शुरू किया।
हरिजन (Harijan)
स्थापना वर्ष: 1933
संस्थापक: महात्मा गांधी
भाषा: अंग्रेजी (हरिजन), हिंदी (हरिजन सेवक), गुजराती (हरिजन बंधु)
तथ्य: यह अस्पृश्यता के खिलाफ अभियान और सामाजिक कार्यों के लिए समर्पित था।
नेशनल हेराल्ड (National Herald)
स्थापना वर्ष: 1938
संस्थापक: जवाहरलाल नेहरू
भाषा: अंग्रेजी
स्थान: लखनऊ
तथ्य: इसे भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का मुखपत्र माना जाता था और इसने स्वतंत्रता आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।