प्रारंभिक परीक्षाओं के लिए त्वरित तथ्य (Quick Facts for Prelims)
- विश्व का सबसे बड़ा धर्म: ईसाई धर्म (लगभग 2.4 बिलियन अनुयायी)।
- विश्व का दूसरा सबसे बड़ा धर्म: इस्लाम (लगभग 1.9 बिलियन अनुयायी)।
- सबसे पुराने प्रमुख धर्मों में से एक: हिन्दू धर्म।
- अब्राहमिक धर्म: यहूदी धर्म, ईसाई धर्म, और इस्लाम।
- भारतीय मूल के धर्म: हिन्दू धर्म, बौद्ध धर्म, जैन धर्म, और सिख धर्म।
विश्व के प्रमुख धर्म
1. ईसाई धर्म (Christianity)
यह एकेश्वरवादी धर्म है जो यीशु मसीह के जीवन और शिक्षाओं पर आधारित है। ईसाई मानते हैं कि यीशु ईश्वर के पुत्र हैं और मानवता के उद्धारकर्ता हैं।- संस्थापक/प्रमुख व्यक्ति: यीशु मसीह (Jesus Christ)
- पवित्र ग्रंथ: बाइबल (The Bible), जिसमें पुराना नियम और नया नियम शामिल है।
- मूल सिद्धांत: ईश्वर में विश्वास, यीशु का दिव्य पुत्र होना, पवित्र त्रिमूर्ति (पिता, पुत्र और पवित्र आत्मा), और यीशु के पुनरुत्थान में विश्वास।
- प्रमुख शाखाएं: कैथोलिक, प्रोटेस्टेंट, और पूर्वी रूढ़िवादी।
2. इस्लाम धर्म (Islam)
इस्लाम एक एकेश्वरवादी धर्म है, जिसका अर्थ है “ईश्वर (अल्लाह) के प्रति समर्पण”। मुसलमान मानते हैं कि अल्लाह एक है और मुहम्मद उनके अंतिम पैगंबर हैं।- संस्थापक/प्रमुख व्यक्ति: पैगंबर मुहम्मद (Prophet Muhammad)
- पवित्र ग्रंथ: कुरान (The Quran), जिसे अल्लाह का शब्द माना जाता है।
- मूल सिद्धांत: इस्लाम के पांच स्तंभ – शहादा (विश्वास), सलात (प्रार्थना), ज़कात (दान), सौम (रोज़ा), और हज (मक्का की तीर्थयात्रा)।
- प्रमुख शाखाएं: सुन्नी और शिया।
3. हिन्दू धर्म (Hinduism)
यह दुनिया के सबसे पुराने धर्मों में से एक है, जिसे अक्सर “सनातन धर्म” कहा जाता है। यह विविध मान्यताओं और परंपराओं का एक संग्रह है। इसका कोई एक संस्थापक नहीं है।- पवित्र ग्रंथ: वेद, उपनिषद, पुराण, रामायण, महाभारत, भगवद गीता, और आगम।
- मूल सिद्धांत: धर्म (नैतिकता), कर्म (कार्रवाई और परिणाम), संसार (जन्म और मृत्यु का चक्र), और मोक्ष (मुक्ति)। त्रिदेव (ब्रह्मा, विष्णु, महेश) की अवधारणा प्रमुख है।
- प्रमुख शाखाएं: वैष्णववाद, शैववाद, शक्तिवाद, और स्मार्तवाद।
4. बौद्ध धर्म (Buddhism)
यह सिद्धार्थ गौतम (बुद्ध) की शिक्षाओं पर आधारित एक धर्म और दर्शन है। इसका मुख्य उद्देश्य दुख से मुक्ति और निर्वाण की प्राप्ति है।- संस्थापक/प्रमुख व्यक्ति: गौतम बुद्ध
- पवित्र ग्रंथ: त्रिपिटक (Tripitaka)।
- मूल सिद्धांत: चार आर्य सत्य (दुख है, दुख का कारण है, दुख का निरोध है, निरोध का मार्ग है) और अष्टांगिक मार्ग।
- प्रमुख शाखाएं: महायान और थेरवाद।
5. सिख धर्म (Sikhism)
यह 15वीं शताब्दी में पंजाब क्षेत्र में उत्पन्न एक एकेश्वरवादी धर्म है।- संस्थापक/प्रमुख व्यक्ति: गुरु नानक देव और उनके नौ उत्तराधिकारी गुरु।
- पवित्र ग्रंथ: गुरु ग्रंथ साहिब, जिसे जीवित गुरु माना जाता है।
- मूल सिद्धांत: एक ईश्वर (“एक ओंकार”) में विश्वास, मानव समानता, निस्वार्थ सेवा, और ईमानदार जीवन। पांच ‘क’ (केश, कंघा, कड़ा, कछैरा, कृपाण) का पालन महत्वपूर्ण है।
6. यहूदी धर्म (Judaism)
यह सबसे पुराने एकेश्वरवादी धर्मों में से एक है और ईसाई व इस्लाम धर्म का आधार है। यहूदी मानते हैं कि ईश्वर का मनुष्यों के साथ एक विशेष अनुबंध (covenant) है।- संस्थापक/प्रमुख व्यक्ति: अब्राहम (Abraham) को संस्थापक पिता माना जाता है, और मूसा (Moses) को प्रमुख पैगंबर।
- पवित्र ग्रंथ: तोराह (Torah), जो पुराने नियम का पहला भाग है।
- मूल सिद्धांत: एक ईश्वर में विश्वास, ईश्वर के नियमों का पालन, और मसीहा के आने की प्रतीक्षा।
- प्रमुख शाखाएं: रूढ़िवादी, सुधार, और रूढ़िवादी यहूदी धर्म।
7. जैन धर्म (Jainism)
यह एक प्राचीन भारतीय धर्म है जो अहिंसा (non-violence) के सिद्धांत पर अत्यधिक जोर देता है। जैन मानते हैं कि आत्म-नियंत्रण और तपस्या के माध्यम से आत्मा को मुक्ति मिल सकती है।- संस्थापक/प्रमुख व्यक्ति: जैन धर्म 24 तीर्थंकरों की शिक्षाओं पर आधारित है, जिनमें से अंतिम और सबसे प्रमुख महावीर थे।
- पवित्र ग्रंथ: आगम सूत्र।
- मूल सिद्धांत: तीन रत्न – सम्यक् दर्शन (सही विश्वास), सम्यक् ज्ञान (सही ज्ञान), और सम्यक् चरित्र (सही आचरण)। अहिंसा, सत्य, अस्तेय (चोरी न करना), ब्रह्मचर्य और अपरिग्रह (गैर-आसक्ति) के पांच व्रत।
- प्रमुख शाखाएं: दिगंबर और श्वेतांबर।