प्रारंभिक परीक्षाओं के लिए त्वरित तथ्य (Quick Facts for Prelims)
- संगठन: यूनेस्को – संयुक्त राष्ट्र शैक्षिक, वैज्ञानिक तथा सांस्कृतिक संगठन (United Nations Educational, Scientific and Cultural Organization)।
- मुख्यालय: पेरिस, फ्रांस।
- विश्व धरोहर सम्मेलन: 1972 में अपनाया गया।
- सबसे अधिक स्थल वाला देश: इटली।
- स्थलों के प्रकार: सांस्कृतिक, प्राकृतिक, और मिश्रित।
विश्व धरोहर स्थल कार्यक्रम
यह कार्यक्रम विश्व सांस्कृतिक और प्राकृतिक धरोहर के संरक्षण से संबंधित सम्मेलन द्वारा शासित है, जिसे 1972 में यूनेस्को के आम सम्मेलन द्वारा अपनाया गया था। इसका मुख्य उद्देश्य दुनिया भर में उन सांस्कृतिक और प्राकृतिक धरोहरों की पहचान करना और उन्हें संरक्षित करना है जिनका मानवता के लिए उत्कृष्ट मूल्य है।विश्व धरोहर स्थल बनने के मानदंड
किसी स्थल को विश्व धरोहर सूची में शामिल करने के लिए, उसे दस मानदंडों में से कम से कम एक को पूरा करना होता है। कुछ प्रमुख मानदंड हैं:- मानव रचनात्मक प्रतिभा की उत्कृष्ट कृति का प्रतिनिधित्व करना।
- किसी सांस्कृतिक परंपरा या सभ्यता का अनूठा या कम से कम असाधारण प्रमाण होना।
- असाधारण प्राकृतिक सुंदरता और सौंदर्य महत्व वाले क्षेत्रों को शामिल करना।
- जैव विविधता के संरक्षण के लिए सबसे महत्वपूर्ण प्राकृतिक आवासों को शामिल करना।
स्थलों के प्रकार (Types of Sites)
विश्व धरोहर स्थलों को तीन श्रेणियों में बांटा गया है:- सांस्कृतिक स्थल (Cultural Sites): इनमें ऐतिहासिक इमारतें, शहर स्थल, महत्वपूर्ण पुरातात्विक स्थल और स्मारकीय मूर्तिकला या पेंटिंग कार्य शामिल हैं। उदाहरण: ताजमहल (भारत), गीजा के पिरामिड (मिस्र), चीन की महान दीवार।
- प्राकृतिक स्थल (Natural Sites): ये स्थल प्राकृतिक विशेषताओं से युक्त होते हैं, जैसे अद्वितीय पारिस्थितिकी तंत्र, दुर्लभ या लुप्तप्राय प्रजातियों के आवास, या असाधारण भूवैज्ञानिक घटनाएं। उदाहरण: ग्रेट बैरियर रीफ (ऑस्ट्रेलिया), काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान (भारत), विक्टोरिया फॉल्स (जाम्बिया/जिम्बाब्वे)।
- मिश्रित स्थल (Mixed Sites): इन स्थलों में प्राकृतिक और सांस्कृतिक दोनों प्रकार के तत्व होते हैं। उदाहरण: कंचनजंघा राष्ट्रीय उद्यान (भारत)।
खतरे में विश्व धरोहर (World Heritage in Danger)
यूनेस्को “खतरे में विश्व धरोहर की सूची” भी रखता है। इस सूची में उन स्थलों को शामिल किया जाता है जिन्हें सशस्त्र संघर्ष, प्राकृतिक आपदाओं, अनियंत्रित शहरीकरण या अवैध शिकार जैसे गंभीर खतरों का सामना करना पड़ता है। इसका उद्देश्य इन स्थलों के लिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय का ध्यान आकर्षित करना और संरक्षण के प्रयासों को बढ़ावा देना है।भारत में विश्व धरोहर स्थल
भारत में कुल 42 यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल हैं। इनमें 34 सांस्कृतिक, 7 प्राकृतिक और 1 मिश्रित स्थल शामिल हैं।सांस्कृतिक स्थल (Cultural Sites)
- आगरा का किला (उत्तर प्रदेश) – 1983
- अजंता की गुफाएं (महाराष्ट्र) – 1983
- एलोरा की गुफाएं (महाराष्ट्र) – 1983
- ताजमहल (उत्तर प्रदेश) – 1983
- महाबलीपुरम में स्मारकों का समूह (तमिलनाडु) – 1984
- कोणार्क का सूर्य मंदिर (ओडिशा) – 1984
- गोवा के चर्च और कॉन्वेंट (गोवा) – 1986
- फतेहपुर सीकरी (उत्तर प्रदेश) – 1986
- हम्पी में स्मारकों का समूह (कर्नाटक) – 1986
- खजुराहो के स्मारकों का समूह (मध्य प्रदेश) – 1986
- एलिफेंटा की गुफाएं (महाराष्ट्र) – 1987
- ग्रेट लिविंग चोल मंदिर (तमिलनाडु) – 1987, 2004
- पट्टदकल में स्मारकों का समूह (कर्नाटक) – 1987
- सांची के बौद्ध स्मारक (मध्य प्रदेश) – 1989
- हुमायूं का मकबरा (दिल्ली) – 1993
- कुतुब मीनार और उसके स्मारक (दिल्ली) – 1993
- भारत के पर्वतीय रेलवे (पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, हिमाचल प्रदेश) – 1999, 2005, 2008
- बोधगया में महाबोधि मंदिर परिसर (बिहार) – 2002
- भीमबेटका के शैलाश्रय (मध्य प्रदेश) – 2003
- चंपानेर-पावागढ़ पुरातत्व पार्क (गुजरात) – 2004
- छत्रपति शिवाजी टर्मिनस (महाराष्ट्र) – 2004
- लाल किला परिसर (दिल्ली) – 2007
- जंतर मंतर, जयपुर (राजस्थान) – 2010
- राजस्थान के पहाड़ी किले (राजस्थान) – 2013
- रानी की वाव, पाटन (गुजरात) – 2014
- नालंदा महाविहार का पुरातत्व स्थल (बिहार) – 2016
- ले कॉर्बुजिए का वास्तुशिल्प कार्य (चंडीगढ़) – 2016
- अहमदाबाद का ऐतिहासिक शहर (गुजरात) – 2017
- मुंबई के विक्टोरियन गोथिक और आर्ट डेको एन्सेम्बल (महाराष्ट्र) – 2018
- जयपुर शहर (राजस्थान) – 2019
- काकतीय रुद्रेश्वर (रामप्पा) मंदिर (तेलंगाना) – 2021
- धोलावीरा: एक हड़प्पा शहर (गुजरात) – 2021
- शांतिनिकेतन (पश्चिम बंगाल) – 2023
- होयसल के पवित्र मंदिर समूह (कर्नाटक) – 2023
प्राकृतिक स्थल (Natural Sites)
- काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान (असम) – 1985
- केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान (राजस्थान) – 1985
- मानस वन्यजीव अभयारण्य (असम) – 1985
- सुंदरबन राष्ट्रीय उद्यान (पश्चिम बंगाल) – 1987
- नंदा देवी और फूलों की घाटी राष्ट्रीय उद्यान (उत्तराखंड) – 1988, 2005
- पश्चिमी घाट (महाराष्ट्र, गोवा, कर्नाटक, तमिलनाडु, केरल) – 2012
- ग्रेट हिमालयन नेशनल पार्क (हिमाचल प्रदेश) – 2014
मिश्रित स्थल (Mixed Site)
- कंचनजंघा राष्ट्रीय उद्यान (सिक्किम) – 2016