प्रसून जोशी: एक परिचय
प्रसून जोशी भारतीय विज्ञापन जगत, साहित्य और फिल्म उद्योग के एक प्रतिष्ठित व्यक्तित्व हैं। वे एक प्रसिद्ध कवि, गीतकार, पटकथा लेखक और विज्ञापन गुरु (Ad Guru) के रूप में जाने जाते हैं। वर्तमान में वे केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) के अध्यक्ष के रूप में कार्यरत हैं।
प्रारंभिक जीवन और शिक्षा
- जन्म: उनका जन्म 16 सितंबर, 1971 को उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले में हुआ था।
- पारिवारिक पृष्ठभूमि: उनके पिता डी.के. जोशी एक शिक्षा अधिकारी थे और उनकी माता सुषमा जोशी एक शास्त्रीय गायिका थीं।
- शिक्षा: उन्होंने बीएससी और एमएससी (भौतिक विज्ञान) की पढ़ाई पूरी करने के बाद आईएमटी गाजियाबाद से एमबीए (MBA) की डिग्री प्राप्त की।
- साहित्यिक रुचि: उन्हें बचपन से ही लिखने का शौक था और उनकी पहली पुस्तक ‘मैं और वो’ मात्र 17 वर्ष की आयु में प्रकाशित हुई थी।
विज्ञापन जगत (Advertising Career) में योगदान
प्रसून जोशी ने अपने करियर की शुरुआत विज्ञापन एजेंसी ‘ओगिल्वी एंड माथर’ (O&M) से की। उन्हें विज्ञापन की दुनिया में एक रचनात्मक क्रांति लाने का श्रेय दिया जाता है।
- वे वर्तमान में मैककैन वर्ल्डग्रुप इंडिया (McCann Worldgroup India) के सीईओ और एशिया प्रशांत के अध्यक्ष हैं।
- प्रसिद्ध अभियान: उन्होंने ‘ठंडा मतलब कोका-कोला’, ‘हैप्पी डेंट व्हाइट’ और ‘क्लोरमिंट’ जैसे यादगार विज्ञापन अभियान बनाए हैं।
- उनके विज्ञापनों में अक्सर भारतीय संस्कृति और लोक भाषा का गहरा समावेश देखा जाता है।
भारतीय सिनेमा और साहित्य
प्रमुख फिल्में और गीत
एक गीतकार के रूप में उन्होंने बॉलीवुड को कई अर्थपूर्ण और संवेदनशील गीत दिए हैं। उनकी प्रमुख फिल्मों में शामिल हैं:
- रंग दे बसंती: इस फिल्म के गीतों के लिए उन्हें व्यापक पहचान मिली।
- तारे ज़मीन पर: ‘माँ’ गीत के लिए उन्होंने राष्ट्रीय पुरस्कार जीता।
- भाग मिल्खा भाग: उन्होंने इस फिल्म के गीत और पटकथा दोनों लिखे।
- ब्लैक: संजय लीला भंसाली की इस फिल्म से उन्होंने गीतकार के रूप में प्रसिद्धि प्राप्त की।
साहित्यिक कृतियाँ
उनकी कविताओं का संग्रह ‘सनशाइन लेन्स’ (Sunshine Lanes) और ‘थिंकिंग अलाउड’ काफी लोकप्रिय रहा है।
पुरस्कार और सम्मान
प्रसून जोशी को उनके कलात्मक योगदान के लिए कई राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय सम्मानों से नवाजा गया है:
- पद्म श्री (2015): कला, साहित्य और विज्ञापन के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए भारत सरकार द्वारा सम्मानित।
- राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार: दो बार सर्वश्रेष्ठ गीतकार का पुरस्कार (फिल्म ‘तारे ज़मीन पर’ और ‘चिट्टागोंग’ के लिए)।
- फिल्मफेयर पुरस्कार: कई बार सर्वश्रेष्ठ गीतकार का पुरस्कार।
- कान्स लायंस (Cannes Lions): विज्ञापन के क्षेत्र में प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार।
महत्वपूर्ण पद
- अगस्त 2017 में उन्हें केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) का अध्यक्ष नियुक्त किया गया, जहाँ उन्होंने पहलाज निहलानी का स्थान लिया।
- वे प्रधानमंत्री की ‘स्वच्छ भारत अभियान’ और अन्य सामाजिक पहलों से भी सक्रिय रूप से जुड़े रहे हैं।


