1. परिचय (Introduction)
इलेक्ट्रॉनिक्स और विद्युत उपकरण उद्योग भारत के औद्योगिक परिदृश्य के दो महत्वपूर्ण स्तंभ हैं। इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग उपभोक्ता उत्पादों जैसे मोबाइल फोन और टीवी से संबंधित है, जबकि विद्युत उपकरण उद्योग बिजली उत्पादन और वितरण के लिए आवश्यक भारी मशीनरी (जैसे टर्बाइन, ट्रांसफार्मर) से संबंधित है।
2. इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग (Electronics Industry)
- परिचय: यह एक ज्ञान-आधारित (Knowledge-based) उद्योग है, जो तेजी से तकनीकी परिवर्तनों से प्रेरित है। भारत दुनिया के सबसे बड़े इलेक्ट्रॉनिक्स बाजारों में से एक है।
- प्रमुख खंड:
- मोबाइल फोन: यह इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग का सबसे बड़ा खंड है। भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा मोबाइल फोन निर्माता बन गया है।
- उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स: टीवी, रेफ्रिजरेटर, वाशिंग मशीन आदि।
- कंप्यूटर हार्डवेयर: लैपटॉप, डेस्कटॉप और सर्वर।
- प्रमुख केंद्र: बेंगलुरु को ‘भारत की सिलिकॉन वैली’ कहा जाता है। अन्य प्रमुख केंद्र दिल्ली-एनसीआर (विशेषकर नोएडा), चेन्नई, हैदराबाद और पुणे हैं।
3. भारी विद्युत उपकरण उद्योग (Heavy Electrical Equipment Industry)
- परिचय: यह एक पूंजीगत सामान उद्योग (Capital Goods Industry) है जो देश के बिजली क्षेत्र के लिए बुनियादी ढाँचा प्रदान करता है।
- प्रमुख उत्पाद: टर्बाइन, बॉयलर, जनरेटर, ट्रांसफार्मर और स्विचगियर।
- प्रमुख सार्वजनिक उपक्रम: भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (Bharat Heavy Electricals Limited – BHEL) इस क्षेत्र में भारत की सबसे बड़ी इंजीनियरिंग और विनिर्माण कंपनी है।
- प्रमुख केंद्र: BHEL की प्रमुख इकाइयाँ भोपाल (मध्य प्रदेश), त्रिची (तमिलनाडु), हरिद्वार (उत्तराखंड), और हैदराबाद (तेलंगाना) में स्थित हैं।
4. सरकारी पहल (Government Initiatives)
- उत्पादन-लिंक्ड प्रोत्साहन (Production-Linked Incentive – PLI) योजना: इसका उद्देश्य इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण, विशेष रूप से मोबाइल फोन और उनके घटकों के घरेलू उत्पादन को बड़े पैमाने पर बढ़ावा देना है।
- राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स नीति (National Policy on Electronics – NPE): इसका लक्ष्य भारत को इलेक्ट्रॉनिक्स सिस्टम डिजाइन और विनिर्माण (ESDM) के लिए एक वैश्विक केंद्र बनाना है।
- मेक इन इंडिया (Make in India): इस पहल ने दोनों क्षेत्रों में घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
5. आर्थिक महत्व (Economic Importance)
- रोजगार: ये दोनों उद्योग लाखों लोगों को, विशेषकर कुशल और अर्ध-कुशल श्रमिकों को रोजगार प्रदान करते हैं।
- आयात प्रतिस्थापन: PLI जैसी योजनाओं ने इलेक्ट्रॉनिक्स के आयात को कम करने और निर्यात को बढ़ाने में मदद की है।
- बुनियादी ढाँचा विकास: विद्युत उपकरण उद्योग देश के बिजली के बुनियादी ढांचे के विकास के लिए महत्वपूर्ण है।
6. चुनौतियाँ (Challenges)
- आयात पर निर्भरता: इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग अभी भी प्रमुख घटकों, जैसे सेमीकंडक्टर चिप्स और डिस्प्ले पैनल, के लिए चीन और अन्य देशों पर बहुत अधिक निर्भर है।
- ई-कचरा (E-waste) प्रबंधन: इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादों की बढ़ती खपत से ई-कचरे का प्रबंधन एक बड़ी पर्यावरणीय चुनौती बन गया है।
- अनुसंधान एवं विकास (R&D): प्रौद्योगिकी में वैश्विक नेताओं के साथ प्रतिस्पर्धा करने के लिए R&D में अधिक निवेश की आवश्यकता है।
7. परीक्षा हेतु महत्वपूर्ण तथ्य (Important Facts for Exams)
- बेंगलुरु को ‘भारत की सिलिकॉन वैली’ कहा जाता है।
- भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा मोबाइल फोन निर्माता है।
- BHEL (भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड) भारत की सबसे बड़ी भारी विद्युत उपकरण कंपनी है।
- PLI योजना का उद्देश्य घरेलू इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण को बढ़ावा देना है।
- इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग प्रमुख घटकों (जैसे सेमीकंडक्टर) के लिए आयात पर निर्भर है।