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विद्युत चुंबक और स्थायी चुंबक

परिचय: चुंबक के प्रकार

चुंबक वे पदार्थ होते हैं जो चुंबकीय क्षेत्र उत्पन्न करते हैं। उन्हें मुख्य रूप से दो प्रकारों में वर्गीकृत किया जाता है: स्थायी चुंबक और विद्युत चुंबक।

स्थायी चुंबक (Permanent Magnets)

स्थायी चुंबक वे पदार्थ होते हैं जिन्हें एक बार चुंबकित करने के बाद वे लंबे समय तक अपना चुंबकीय गुण बनाए रखते हैं, भले ही बाहरी चुंबकीय क्षेत्र हटा दिया जाए।

  • पदार्थ: ये कठोर लौहचुंबकीय पदार्थों (hard ferromagnetic materials) से बने होते हैं।
  • गुण: इनके लिए उच्च धारणशीलता (High Retentivity) और उच्च निग्राहिता (High Coercivity) की आवश्यकता होती है।
  • उदाहरण: स्टील, एल्निको (Alnico), फेराइट।

विद्युत चुंबक (Electromagnets)

विद्युत चुंबक एक अस्थायी चुंबक होता है जो केवल तभी चुंबकीय व्यवहार प्रदर्शित करता है जब उसके चारों ओर लिपटी कुंडली में विद्युत धारा प्रवाहित होती है। धारा बंद करने पर इसका चुंबकत्व लगभग समाप्त हो जाता है।

  • पदार्थ: ये नरम लौहचुंबकीय पदार्थों (soft ferromagnetic materials) से बने होते हैं, जैसे नरम लोहा (soft iron)।
  • गुण: इनके लिए उच्च धारणशीलता (High Retentivity) लेकिन कम निग्राहिता (Low Coercivity) की आवश्यकता होती है।
  • उदाहरण: विद्युत घंटी, क्रेन, रिले।

शैथिल्य लूप (Hysteresis Loop)

शैथिल्य लूप एक ग्राफ है जो किसी लौहचुंबकीय पदार्थ के चुंबकन (B) और उस पर लगाए गए बाहरी चुंबकीय क्षेत्र (H) के बीच संबंध को दर्शाता है। इस लूप से हमें दो महत्वपूर्ण गुण पता चलते हैं:

  • धारणशीलता (Retentivity): बाहरी चुंबकीय क्षेत्र को शून्य करने के बाद भी पदार्थ में शेष चुंबकत्व।
  • निग्राहिता (Coercivity): पदार्थ के शेष चुंबकत्व को शून्य करने के लिए आवश्यक विपरीत चुंबकीय क्षेत्र।

स्थायी चुंबक और विद्युत चुंबक में अंतर

गुण स्थायी चुंबक विद्युत चुंबक
प्रकृति स्थायी चुंबकत्व अस्थायी चुंबकत्व (धारा पर निर्भर)
प्रबलता नियत और अपेक्षाकृत कमजोर परिवर्तनीय और बहुत प्रबल बनाया जा सकता है
ध्रुवीयता निश्चित धारा की दिशा बदलकर बदली जा सकती है
पदार्थ स्टील, एल्निको (उच्च धारणशीलता, उच्च निग्राहिता) नरम लोहा (उच्च धारणशीलता, कम निग्राहिता)
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