धातुओं से संबंधित परीक्षा-उपयोगी तथ्य (भाग 3)
- लोहे का शुद्धतम रूप: पिटवां लोहा (Wrought Iron) लोहे का सबसे शुद्ध वाणिज्यिक रूप है।
- लोहे का सबसे अशुद्ध रूप: ढलवां लोहा (Pig Iron) लोहे का सबसे अशुद्ध रूप है, जिसमें कार्बन की मात्रा अधिक होती है।
- जिंक का उपयोग: जिंक का उपयोग लोहे के गैल्वेनाइजेशन के अलावा बैटरी सेल बनाने में भी होता है।
- चांदी के चम्मच: चांदी के चम्मच से अंडा खाना वर्जित है क्योंकि अंडे में मौजूद सल्फर, चांदी से अभिक्रिया कर सिल्वर सल्फाइड (Ag2S) का काला अवक्षेप बनाता है।
- टंगस्टन का प्रतीक: टंगस्टन का प्रतीक ‘W’ इसके जर्मन नाम ‘वोल्फ्राम’ (Wolfram) से लिया गया है।
- पारा (Mercury): पारे को ‘क्विकसिल्वर’ (Quicksilver) भी कहा जाता है।
- सीसा (Lead): सीसा का उपयोग भंडारण बैटरी (Storage Batteries) और एक्स-रे से सुरक्षा के लिए शील्ड बनाने में होता है।
- कैडमियम की छड़ें: कैडमियम (Cd) की छड़ों का उपयोग परमाणु रिएक्टरों में न्यूट्रॉन को अवशोषित करने के लिए नियंत्रक छड़ों के रूप में किया जाता है।
- सोने की शुद्धता: सोने की शुद्धता कैरेट (Karat) में मापी जाती है। 24 कैरेट सोना शुद्ध सोना होता है।
- आभूषणों का सोना: आभूषण बनाने के लिए सोने में तांबा (Cu) या चांदी (Ag) मिलाकर उसे कठोर बनाया जाता है। 22 कैरेट सोने का अर्थ है 22 भाग सोना और 2 भाग अन्य धातु।
- सोडियम वाष्प लैंप: सड़कों पर प्रकाश के लिए उपयोग होने वाले लैंपों में सोडियम (Na) वाष्प का उपयोग होता है, जो पीला प्रकाश देता है।
- मैग्नीशियम रिबन: मैग्नीशियम (Mg) रिबन हवा में एक चकाचौंध करने वाली सफेद रोशनी के साथ जलता है।
- एल्युमिनियम फॉयल: एल्युमिनियम की उच्च आघातवर्धनीयता के कारण इसका उपयोग भोजन लपेटने के लिए फॉयल बनाने में होता है।
- थर्माइट वेल्डिंग: थर्मिट अभिक्रिया से उत्पन्न अत्यधिक ऊष्मा का उपयोग टूटे हुए मशीनी पुर्जों और रेल की पटरियों को जोड़ने के लिए किया जाता है।
- गैलियम की विशेषता: गैलियम (Ga) का गलनांक बहुत कम (लगभग 29.8°C) होता है, लेकिन क्वथनांक बहुत अधिक (2403°C) होता है, जिससे यह उच्च-तापमान थर्मामीटर के लिए उपयोगी है।
- सीज़ियम का उपयोग: सीज़ियम (Cs) का उपयोग ‘परमाणु घड़ियों’ (Atomic Clocks) में किया जाता है।
- लिथियम का उपयोग: लिथियम का उपयोग मोबाइल फोन और लैपटॉप की रिचार्जेबल बैटरी बनाने में होता है।
- टाइटेनियम डाइऑक्साइड (TiO2): यह एक सफेद वर्णक (pigment) है जिसका उपयोग पेंट, प्लास्टिक और सनस्क्रीन में किया जाता है।
- क्रोमियम का उपयोग: क्रोमियम (Cr) का उपयोग स्टील को कठोर बनाने और कारों पर चमकदार परत चढ़ाने (क्रोम प्लेटिंग) के लिए किया जाता है।
- मैंगनीज (Mn): मैंगनीज स्टील को मजबूती और कठोरता प्रदान करने के लिए एक महत्वपूर्ण मिश्रधातु तत्व है।
- कोबाल्ट-60: कोबाल्ट-60, कोबाल्ट का एक रेडियोधर्मी समस्थानिक, का उपयोग कैंसर के इलाज (रेडियोथेरेपी) में किया जाता है।
- निकल (Ni): निकल का उपयोग स्टेनलेस स्टील बनाने और रिचार्जेबल बैटरी (Ni-Cd बैटरी) में होता है।
- प्लूटोनियम (Pu): यह एक मानव निर्मित, अत्यधिक विषैला और रेडियोधर्मी तत्व है जिसका उपयोग परमाणु हथियारों और ऊर्जा स्रोतों में होता है।
- जिरकोनियम (Zr): इस धातु का उपयोग परमाणु रिएक्टरों में किया जाता है क्योंकि यह न्यूट्रॉन को अवशोषित नहीं करता है।
- वैनेडियम पेंटोक्साइड (V2O5): इसका उपयोग सल्फ्यूरिक एसिड के निर्माण में उत्प्रेरक (catalyst) के रूप में होता है।
- मोलिब्डेनम (Mo): इसका उपयोग स्टील की कठोरता और मजबूती को उच्च तापमान पर बनाए रखने के लिए किया जाता है।
- एंटीमनी (Sb): इसका उपयोग सीसा को कठोर बनाने और माचिस उद्योग में किया जाता है।
- बिस्मथ (Bi): यह सबसे कम तापीय चालकता वाली धातुओं में से एक है।
- ऑरिक क्लोराइड (AuCl3): इसका उपयोग सर्पदंश के इलाज के लिए इंजेक्शन में किया जाता है।
- पोटैशियम कार्बोनेट (K2CO3): इसे ‘पर्ल ऐश’ (Pearl Ash) भी कहा जाता है।
- पोटैशियम नाइट्रेट (KNO3): इसे ‘साल्टपीटर’ (Saltpetre) कहते हैं और इसका उपयोग बारूद बनाने में होता है।
- कैल्शियम हाइड्रॉक्साइड [Ca(OH)2]: इसे ‘बुझा हुआ चूना’ (Slaked Lime) कहते हैं।
- ब्लीचिंग पाउडर: यह कैल्शियम ऑक्सीक्लोराइड (CaOCl2) होता है।
- मैग्नीशिया (MgO): मैग्नीशियम ऑक्साइड को मैग्नीशिया कहते हैं, जिसका उपयोग पेट की अम्लता दूर करने में होता है।
- बेसिक कॉपर क्लोराइड: इसका उपयोग एक कवकनाशी (fungicide) के रूप में किया जाता है।
- जिंक क्लोराइड (ZnCl2): इसका उपयोग लकड़ी को कीड़ों से बचाने के लिए किया जाता है।
- व्हाइट लेड: बेसिक लेड कार्बोनेट [2PbCO3·Pb(OH)2] को व्हाइट लेड कहते हैं, जो एक सफेद पेंट है।
- रेड लेड (सिंदूर): ट्राइलेड टेट्रोक्साइड (Pb3O4) को रेड लेड या सिंदूर कहते हैं।
- लिथार्ज (Litharge): लेड मोनोऑक्साइड (PbO) को लिथार्ज कहते हैं।
- यूरेनियम कार्बाइड: इसका उपयोग हेबर प्रक्रिया में अमोनिया के उत्पादन के लिए उत्प्रेरक के रूप में किया जाता है।
- लोहे पर भाप: लोहा ठंडे या गर्म पानी से अभिक्रिया नहीं करता, लेकिन लाल-गर्म लोहा भाप (steam) से अभिक्रिया करके मैग्नेटिक ऑक्साइड ($Fe_3O_4$) बनाता है।
- सोडियम पेरोक्साइड: इसका उपयोग पनडुब्बियों और अस्पतालों में हवा को शुद्ध करने के लिए किया जाता है।
- टिन प्लेटिंग: खाद्य पदार्थों के डिब्बे लोहे के बने होते हैं जिन पर टिन (Sn) की परत चढ़ी होती है, क्योंकि टिन लोहे से कम अभिक्रियाशील होता है।
- धातुओं की ऑक्साइड प्रकृति: धातु ऑक्साइड सामान्यतः क्षारीय (basic) होते हैं।
- अधातुओं की ऑक्साइड प्रकृति: अधातु ऑक्साइड सामान्यतः अम्लीय (acidic) होते हैं।
- उत्प्रेरक वर्धक: हेबर प्रक्रिया में, मोलिब्डेनम (Mo) लोहे (उत्प्रेरक) के लिए वर्धक (promoter) का काम करता है।
- हाइड्रोजनीकरण में उत्प्रेरक: वनस्पति तेलों के हाइड्रोजनीकरण में निकल (Ni) का उपयोग उत्प्रेरक के रूप में किया जाता है।
- डेवी लैंप: खानों में सुरक्षा के लिए उपयोग होने वाले डेवी लैंप की जाली तांबे (Cu) की बनी होती है।
- पाइराइट अयस्क: पाइराइट अयस्कों को जलाने पर सल्फर डाइऑक्साइड (SO2) गैस निकलती है।
अभ्यास प्रश्न (MCQs)
1. लोहे का सबसे शुद्ध वाणिज्यिक रूप कौन सा है?
2. परमाणु घड़ियों (Atomic Clocks) में किस धातु का उपयोग किया जाता है?
3. ‘पर्ल ऐश’ (Pearl Ash) किस यौगिक का सामान्य नाम है?
4. खाद्य पदार्थों के डिब्बों पर टिन का लेप किया जाता है, जिंक का नहीं, क्योंकि:
5. फोटोग्राफी में ‘फिक्सर’ के रूप में किस रसायन का उपयोग किया जाता है?
6. कैंसर के इलाज में उपयोग होने वाला ‘सिसप्लेटिन’ किस धातु का यौगिक है?
7. ‘नीला थोथा’ (Blue Vitriol) का रासायनिक नाम क्या है?
8. किस धातु का ऑक्साइड अम्ल और क्षार दोनों के साथ अभिक्रिया करता है?