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Hooke’s Law– हुक का नियम

परिचय: हुक का नियम (Hooke’s Law)

17वीं शताब्दी में रॉबर्ट हुक द्वारा प्रतिपादित, हुक का नियम प्रत्यास्थता के सिद्धांत का एक आधार है। यह नियम बताता है कि किसी प्रत्यास्थ वस्तु पर बल लगाने पर उसमें उत्पन्न विरूपण (deformation) उस बल के समानुपाती होता है।

नियम का कथन और सूत्र

कथन: “प्रत्यास्थता की सीमा (elastic limit) के भीतर, किसी पदार्थ में उत्पन्न प्रतिबल (stress) उसमें उत्पन्न विकृति (strain) के समानुपाती होता है।”

सूत्र

प्रतिबल ∝ विकृति
प्रतिबल = E × विकृति

जहाँ E एक आनुपातिकता नियतांक है जिसे प्रत्यास्थता गुणांक (Modulus of Elasticity) कहते हैं। इसका मान पदार्थ की प्रकृति पर निर्भर करता है और यह पदार्थ की कठोरता का माप है।

स्प्रिंग के लिए, इस नियम को अक्सर F = -kx के रूप में लिखा जाता है, जहाँ F प्रत्यानयन बल, x विस्थापन, और k स्प्रिंग नियतांक है।

प्रतिबल-विकृति वक्र (Stress-Strain Curve)

यह वक्र किसी पदार्थ पर भार बढ़ाने पर उसके व्यवहार को दर्शाता है।

  • आनुपातिकता सीमा (Proportional Limit): वह बिंदु जहाँ तक प्रतिबल, विकृति के समानुपाती होता है (हुक का नियम लागू होता है)।
  • प्रत्यास्थता सीमा (Elastic Limit): वह अधिकतम प्रतिबल जहाँ तक वस्तु प्रत्यास्थ बनी रहती है। इस बिंदु के बाद वस्तु में स्थायी विरूपण आ जाता है।
  • विभंजन बिंदु (Breaking Point): वह बिंदु जहाँ पर पदार्थ टूट जाता है।

प्रत्यास्थ स्थितिज ऊर्जा (Elastic Potential Energy)

किसी प्रत्यास्थ वस्तु (जैसे स्प्रिंग) को खींचने या दबाने में किया गया कार्य उसमें स्थितिज ऊर्जा के रूप में संग्रहीत हो जाता है, जिसे प्रत्यास्थ स्थितिज ऊर्जा कहते हैं।

सूत्र की व्युत्पत्ति

मान लीजिए एक स्प्रिंग को उसकी साम्यावस्था से x दूरी तक खींचा जाता है।
हुक के नियम से, आवश्यक बल F, विस्थापन x के समानुपाती होता है: F = kx
औसत बल Fₐᵥ = (प्रारंभिक बल + अंतिम बल) / 2 = (0 + kx) / 2 = ½kx
किया गया कार्य (W) = औसत बल × विस्थापन
W = (½kx) × x = ½kx²
यह कार्य ऊर्जा के रूप में संग्रहीत हो जाता है।
अतः, PE = ½kx²

संख्यात्मक उदाहरण

उदाहरण

प्रश्न: एक स्प्रिंग का बल नियतांक 800 N/m है। इसे 5 cm तक खींचने में कितनी प्रत्यास्थ स्थितिज ऊर्जा संग्रहीत होगी?

हल:
दिया है:
k = 800 N/m
x = 5 cm = 0.05 m

सूत्र: PE = ½kx²
PE = ½ × 800 × (0.05)²
PE = 400 × 0.0025
PE = 1 J

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Viscosity-श्यानता

Stokes’ Law– स्टोक्स का नियम

Comments 1

  1. market trends says:
    5 months ago

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    Reply

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