अधातुओं से संबंधित परीक्षा-उपयोगी तथ्य (भाग 1)
- ब्रह्मांड में सबसे प्रचुर तत्व: हाइड्रोजन (H) ब्रह्मांड में सबसे अधिक मात्रा में पाया जाने वाला तत्व है।
- सबसे हल्का तत्व: हाइड्रोजन (H) सबसे हल्का तत्व है।
- आवारा तत्व: हाइड्रोजन (H) को आवर्त सारणी में इसकी अनिश्चित स्थिति के कारण ‘आवारा तत्व’ (Rogue Element) भी कहा जाता है।
- हाइड्रोजन के समस्थानिक: हाइड्रोजन के तीन समस्थानिक हैं: प्रोटियम (1H), ड्यूटेरियम (2H), और ट्राइटियम (3H)।
- भारी जल: ड्यूटेरियम ऑक्साइड (D2O) को भारी जल कहते हैं, जिसका उपयोग परमाणु रिएक्टरों में मंदक के रूप में होता है।
- रेडियोधर्मी समस्थानिक: ट्राइटियम (3H) हाइड्रोजन का एक रेडियोधर्मी समस्थानिक है।
- जीवन का आधार: कार्बन (C) को ‘जीवन का आधार’ कहा जाता है क्योंकि सभी कार्बनिक यौगिकों में कार्बन होता है।
- अपरूपता (Allotropy): कार्बन (C) अपरूपता का गुण प्रदर्शित करता है। हीरा, ग्रेफाइट और फुलरीन इसके प्रमुख अपरूप हैं।
- सबसे कठोर प्राकृतिक पदार्थ: हीरा (Diamond) प्रकृति में पाया जाने वाला सबसे कठोर पदार्थ है।
- विद्युत का सुचालक अधातु: ग्रेफाइट (Graphite) एकमात्र अधातु है जो विद्युत का सुचालक है।
- कार्बन का शुद्धतम रूप: हीरा (Diamond) कार्बन का सबसे शुद्ध क्रिस्टलीय रूप है।
- पेंसिल की लेड: पेंसिल में ग्रेफाइट का उपयोग किया जाता है।
- वायुमंडल में सर्वाधिक गैस: नाइट्रोजन (N2) वायुमंडल में लगभग 78% मात्रा के साथ सबसे प्रचुर गैस है।
- निष्क्रिय प्रकृति: नाइट्रोजन गैस अपनी अक्रिय (inert) प्रकृति के कारण चिप्स के पैकेट में भरी जाती है ताकि ऑक्सीकरण को रोका जा सके।
- हंसाने वाली गैस (Laughing Gas): नाइट्रस ऑक्साइड (N2O) को हंसाने वाली गैस कहा जाता है।
- अमोनिया का निर्माण: हेबर प्रक्रिया (Haber’s Process) द्वारा अमोनिया (NH3) का औद्योगिक उत्पादन किया जाता है।
- जीवनदायिनी गैस: ऑक्सीजन (O2) को जीवनदायिनी गैस कहा जाता है क्योंकि यह श्वसन के लिए आवश्यक है।
- भूपर्पटी में सर्वाधिक तत्व: ऑक्सीजन (O) पृथ्वी की भूपर्पटी में सबसे प्रचुर मात्रा में पाया जाने वाला तत्व है।
- ओजोन परत: ओजोन (O3), ऑक्सीजन का एक अपरूप, समताप मंडल में सूर्य से आने वाली हानिकारक पराबैंगनी किरणों से हमारी रक्षा करती है।
- द्रव ऑक्सीजन: द्रव ऑक्सीजन का उपयोग रॉकेट में ईंधन के ऑक्सीकारक के रूप में किया जाता है।
- अम्लीय वर्षा: वायुमंडल में सल्फर डाइऑक्साइड (SO2) और नाइट्रोजन डाइऑक्साइड (NO2) की उपस्थिति अम्लीय वर्षा का मुख्य कारण है।
- सल्फर का उपयोग: सल्फर (S) का उपयोग रबर के वल्कनीकरण और बारूद बनाने में होता है।
- प्याज और लहसुन की गंध: प्याज और लहसुन में विशेष गंध सल्फर के यौगिकों के कारण होती है।
- सल्फ्यूरिक एसिड (H2SO4): इसे ‘रसायनों का राजा’ (King of Chemicals) और ‘ऑयल ऑफ विट्रियल’ भी कहा जाता है।
- फास्फोरस के अपरूप: फास्फोरस के मुख्य अपरूप सफेद फास्फोरस, लाल फास्फोरस और काला फास्फोरस हैं।
- अत्यधिक अभिक्रियाशील: सफेद फास्फोरस बहुत अभिक्रियाशील होता है और हवा में स्वतः जल उठता है, इसलिए इसे पानी में रखा जाता है।
- माचिस उद्योग: माचिस की तीलियों पर लाल फास्फोरस का उपयोग किया जाता है।
- हड्डियों और दांतों में: कैल्शियम फॉस्फेट के रूप में फास्फोरस हमारी हड्डियों और दांतों का एक महत्वपूर्ण घटक है।
- हैलोजन (Halogens): आवर्त सारणी के समूह 17 के तत्वों (फ्लोरीन, क्लोरीन, ब्रोमीन, आयोडीन) को हैलोजन कहा जाता है, जिसका अर्थ है ‘लवण उत्पादक’।
- सर्वाधिक विद्युत-ऋणात्मक तत्व: फ्लोरीन (F) सबसे अधिक विद्युत-ऋणात्मक तत्व है।
- जल शोधन: क्लोरीन (Cl) का उपयोग पानी को कीटाणुरहित करने के लिए किया जाता है।
- द्रव अधातु: ब्रोमीन (Br) एकमात्र अधातु है जो कमरे के तापमान पर द्रव अवस्था में पाई जाती है।
- ठोस अधातु जिसमें चमक होती है: आयोडीन (I) एक ठोस अधातु है जिसमें धात्विक चमक होती है।
- थायराइड ग्रंथि: आयोडीन (I) थायराइड ग्रंथि द्वारा थायरोक्सिन हार्मोन के निर्माण के लिए आवश्यक है।
- अक्रिय गैसें (Noble Gases): आवर्त सारणी के समूह 18 के तत्वों (हीलियम, नियॉन, आर्गन, क्रिप्टन, जेनॉन, रेडॉन) को अक्रिय या उत्कृष्ट गैसें कहते हैं।
- वायुमंडल में तीसरी सबसे प्रचुर गैस: आर्गन (Ar) वायुमंडल में तीसरी सबसे अधिक मात्रा में पाई जाने वाली गैस है।
- विद्युत बल्ब में: आर्गन (Ar) का उपयोग बिजली के बल्बों में फिलामेंट के जीवन को बढ़ाने के लिए किया जाता है।
- गुब्बारों में: हीलियम (He), हाइड्रोजन के बाद दूसरी सबसे हल्की गैस है और इसका उपयोग मौसम के गुब्बारों में किया जाता है क्योंकि यह अज्वलनशील है।
- विज्ञापन साइन बोर्ड: नियॉन (Ne) का उपयोग विज्ञापन के लिए चमकने वाले साइन बोर्ड में किया जाता है, जो नारंगी-लाल रोशनी देता है।
- अजनबी गैस (Stranger Gas): जेनॉन (Xe) को ‘अजनबी गैस’ कहा जाता है क्योंकि यह कुछ यौगिक बनाने वाली एकमात्र अक्रिय गैस है।
- सबसे भारी गैस: रेडॉन (Rn) सबसे भारी गैस है और यह एक रेडियोधर्मी अक्रिय गैस है।
- कैंसर के इलाज में: रेडॉन (Rn) का उपयोग रेडियोथेरेपी में कैंसर के इलाज के लिए किया जाता है।
- सिलिकॉन (Si): यह एक उपधातु (metalloid) है और इसका उपयोग कंप्यूटर चिप्स और सौर सेल बनाने में होता है।
- कांच (Glass): कांच सिलिका (SiO2) का एक अक्रिस्टलीय ठोस रूप है।
- अश्रु गैस (Tear Gas): क्लोरोपिक्रिन एक सामान्य अश्रु गैस है।
- मस्टर्ड गैस: यह एक जहरीली गैस है जिसका उपयोग प्रथम विश्व युद्ध में रासायनिक हथियार के रूप में किया गया था। यह सल्फर का एक यौगिक है।
- जल गैस (Water Gas): यह कार्बन मोनोऑक्साइड (CO) और हाइड्रोजन (H2) का मिश्रण है।
- प्रोड्यूसर गैस (Producer Gas): यह कार्बन मोनोऑक्साइड (CO) और नाइट्रोजन (N2) का मिश्रण है।
- शुष्क बर्फ (Dry Ice): ठोस कार्बन डाइऑक्साइड (CO2) को शुष्क बर्फ कहा जाता है।
अभ्यास प्रश्न (MCQs)
1. किस अधातु को ‘आवारा तत्व’ (Rogue Element) की संज्ञा दी गई है?
2. कौन सी एकमात्र अधातु है जो कमरे के तापमान पर द्रव अवस्था में होती है?
3. चिप्स के पैकेट में ऑक्सीकरण को रोकने के लिए कौन सी गैस भरी जाती है?
4. ‘रसायनों का राजा’ (King of Chemicals) किसे कहा जाता है?
5. निम्नलिखित में से किसे ‘अजनबी गैस’ (Stranger Gas) कहते हैं?
6. माचिस की तीलियों की नोक पर किस पदार्थ का उपयोग किया जाता है?
7. ओजोन परत सूर्य से आने वाली किन किरणों से पृथ्वी की रक्षा करती है?
8. ठोस कार्बन डाइऑक्साइड का सामान्य नाम क्या है?