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Law of Conservation of Energy – ऊर्जा संरक्षण का नियम

परिचय: ऊर्जा संरक्षण का नियम

ऊर्जा संरक्षण का नियम (Law of Conservation of Energy) भौतिकी के सबसे आधारभूत सिद्धांतों में से एक है। यह बताता है कि ऊर्जा को न तो बनाया जा सकता है और न ही नष्ट किया जा सकता है; इसे केवल एक रूप से दूसरे रूप में परिवर्तित किया जा सकता है।

एक विलगित (isolated) निकाय की कुल ऊर्जा हमेशा स्थिर रहती है।

यांत्रिक ऊर्जा का संरक्षण

जब किसी निकाय पर केवल संरक्षी बल (जैसे गुरुत्वाकर्षण बल) कार्य करते हैं और असंरक्षी बल (जैसे घर्षण) अनुपस्थित होते हैं, तो निकाय की कुल यांत्रिक ऊर्जा (Mechanical Energy) संरक्षित रहती है।

  • यांत्रिक ऊर्जा = गतिज ऊर्जा (KE) + स्थितिज ऊर्जा (PE)
  • सूत्र: KE + PE = नियत (Constant)
  • या, KEᵢ + PEᵢ = KEբ + PEբ

नियम की व्युत्पत्ति (एक स्वतंत्र रूप से गिरती वस्तु के लिए)

हम एक स्वतंत्र रूप से गिरती हुई वस्तु के उदाहरण से सिद्ध कर सकते हैं कि उसकी कुल यांत्रिक ऊर्जा यात्रा के हर बिंदु पर समान रहती है।

व्युत्पत्ति

मान लीजिए m द्रव्यमान की एक वस्तु पृथ्वी की सतह से h ऊँचाई पर बिंदु A पर विरामावस्था में है।

1. बिंदु A पर (अधिकतम ऊँचाई पर):
वेग (v) = 0, इसलिए KE = 0
स्थितिज ऊर्जा, PE = mgh
कुल ऊर्जा (E₁) = KE + PE = 0 + mgh = mgh

2. बिंदु B पर (x दूरी गिरने के बाद):
गति के तीसरे समीकरण से, v² = u² + 2gx (यहाँ u=0)
v² = 2gx
KE = ½mv² = ½m(2gx) = mgx
इस बिंदु पर ऊँचाई (h-x) है, इसलिए PE = mg(h-x)
कुल ऊर्जा (E₂) = KE + PE = mgx + mg(h-x) = mgh

3. बिंदु C पर (जमीन से ठीक पहले):
कुल ऊँचाई h गिरने के बाद, v² = u² + 2gh = 2gh
KE = ½mv² = ½m(2gh) = mgh
जमीन पर ऊँचाई शून्य है, इसलिए PE = 0
कुल ऊर्जा (E₃) = KE + PE = mgh + 0 = mgh

चूंकि E₁ = E₂ = E₃, यह सिद्ध करता है कि कुल यांत्रिक ऊर्जा संरक्षित है।

अनुप्रयोग (Applications)

  • सरल लोलक (Simple Pendulum): एक लोलक की गति के दौरान, ऊर्जा लगातार स्थितिज से गतिज में और गतिज से स्थितिज में बदलती रहती है, लेकिन कुल ऊर्जा समान रहती है।
  • रोलर कोस्टर: एक रोलर कोस्टर जब ऊँचाई से नीचे आता है, तो उसकी स्थितिज ऊर्जा गतिज ऊर्जा में बदल जाती है, जिससे उसकी गति बढ़ जाती है।
  • जलविद्युत संयंत्र: बांध में संग्रहीत पानी की स्थितिज ऊर्जा को टरबाइन घुमाकर गतिज ऊर्जा में और फिर विद्युत ऊर्जा में बदला जाता है।

संख्यात्मक उदाहरण

उदाहरण

प्रश्न: 2 kg की एक गेंद को 10 m की ऊँचाई से छोड़ा जाता है। 6 m की ऊँचाई पर इसकी गतिज ऊर्जा और वेग ज्ञात कीजिए। (g = 9.8 m/s² मानें)

हल:
प्रारंभिक बिंदु (h₁ = 10 m) पर:
PE₁ = mgh₁ = 2 × 9.8 × 10 = 196 J
KE₁ = 0 (चूंकि गेंद को छोड़ा गया है)
कुल प्रारंभिक ऊर्जा E₁ = 196 J

अंतिम बिंदु (h₂ = 6 m) पर:
PE₂ = mgh₂ = 2 × 9.8 × 6 = 117.6 J
KE₂ = ?

ऊर्जा संरक्षण के नियम से, E₁ = E₂
196 J = KE₂ + PE₂
196 = KE₂ + 117.6
KE₂ = 196 – 117.6 = 78.4 J

अब वेग (v) ज्ञात करने के लिए:
KE₂ = ½mv²
78.4 = ½ × 2 × v²
v² = 78.4
v = √78.4 ≈ 8.85 m/s

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