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 रेखीय  संवेग संरक्षण का नियम और इसके अनुप्रयोग

परिचय: रेखीय संवेग संरक्षण का नियम

रेखीय संवेग संरक्षण का नियम (Law of Conservation of Linear Momentum) भौतिकी का एक मौलिक सिद्धांत है। इस नियम के अनुसार, “यदि किसी विलगित निकाय (isolated system) पर कोई बाह्य बल कार्य नहीं कर रहा हो, तो उस निकाय का कुल रेखीय संवेग नियत (constant) रहता है।”

  • विलगित निकाय: एक ऐसा निकाय जिस पर कोई बाहरी बल न लग रहा हो।
  • गणितीय रूप में, यदि कुल बाह्य बल Fₑₓₜ = 0, तो कुल संवेग p = नियत।
  • इसका अर्थ है कि किसी भी प्रक्रिया (जैसे टक्कर या विस्फोट) से पहले का कुल संवेग, प्रक्रिया के बाद के कुल संवेग के बराबर होता है।

नियम की व्युत्पत्ति (Derivation of the Law)

न्यूटन के द्वितीय नियम से व्युत्पत्ति

न्यूटन के गति के द्वितीय नियम के अनुसार, बाह्य बल (F) संवेग में परिवर्तन की दर (dp/dt) के बराबर होता है।
F = dp/dt

यदि निकाय पर कोई बाह्य बल नहीं लग रहा है, तो F = 0.
0 = dp/dt
इसका अर्थ है कि संवेग (p) का समय के सापेक्ष अवकलन शून्य है। यह तभी संभव है जब p एक नियत राशि हो।
अतः, p = नियत (constant)। यही संवेग संरक्षण का नियम है।

संवेग संरक्षण के अनुप्रयोग (Applications)

1. दो वस्तुओं की टक्कर (Collision of Two Bodies)

जब दो वस्तुएँ आपस में टकराती हैं, तो वे एक-दूसरे पर बल लगाती हैं। यदि कोई बाहरी बल न हो, तो निकाय का कुल संवेग संरक्षित रहता है।

  • मान लीजिए m₁ और m₂ द्रव्यमान की दो वस्तुएँ क्रमशः u₁ और u₂ वेग से गति कर रही हैं।
  • टकराने के बाद उनके वेग क्रमशः v₁ और v₂ हो जाते हैं।
  • संवेग संरक्षण के अनुसार:
  • m₁u₁ + m₂u₂ = m₁v₁ + m₂v₂

2. बंदूक का प्रतिक्षेप (Recoil of a Gun)

जब बंदूक से गोली चलाई जाती है, तो गोली आगे की ओर उच्च वेग से निकलती है। संवेग को संरक्षित रखने के लिए, बंदूक पीछे की ओर एक वेग (प्रतिक्षेप वेग) से हटती है।

3. रॉकेट प्रणोदन (Rocket Propulsion)

रॉकेट अपने ईंधन को गैसों के रूप में उच्च वेग से पीछे की ओर निकालता है। संवेग संरक्षण के कारण, रॉकेट पर आगे की दिशा में एक बल लगता है, जिससे वह गति करता है।

संख्यात्मक उदाहरण

उदाहरण

प्रश्न: 40 kg द्रव्यमान की एक लड़की 5 m/s के वेग से एक 3 kg द्रव्यमान की स्थिर गाड़ी पर कूदती है। गाड़ी का अंतिम वेग क्या होगा, यह मानकर कि कोई बाह्य असंतुलित बल कार्य नहीं कर रहा है?

हल:
यहाँ लड़की और गाड़ी एक निकाय हैं।
लड़की का द्रव्यमान (m₁) = 40 kg, प्रारंभिक वेग (u₁) = 5 m/s
गाड़ी का द्रव्यमान (m₂) = 3 kg, प्रारंभिक वेग (u₂) = 0 m/s

कूदने के बाद, लड़की और गाड़ी एक साथ चलेंगे, तो उनका अंतिम वेग समान होगा (मान लीजिए v)।
कुल अंतिम द्रव्यमान (M) = 40 + 3 = 43 kg

संवेग संरक्षण के नियम से:
प्रारंभिक संवेग = अंतिम संवेग
m₁u₁ + m₂u₂ = (m₁ + m₂)v
(40 × 5) + (3 × 0) = (43)v
200 = 43v
v = 200 / 43 ≈ 4.65 m/s

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