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Photosynthesisप्रकाश संश्लेषण (Photosynthesis)Photosynthesis

परिचय: प्रकाश संश्लेषण (Photosynthesis)

प्रकाश संश्लेषण वह प्रक्रिया है जिसके द्वारा हरे पौधे, शैवाल और कुछ बैक्टीरिया सूर्य के प्रकाश की ऊर्जा का उपयोग करके कार्बन डाइऑक्साइड (CO2) और जल (H2O) को ग्लूकोज (भोजन) और ऑक्सीजन (O2) में बदलते हैं। यह पृथ्वी पर जीवन के लिए ऊर्जा का प्राथमिक स्रोत है।

रासायनिक समीकरण: 6CO₂ + 6H₂O + सूर्य का प्रकाश → C₆H₁₂O₆ + 6O₂

प्रकाश संश्लेषण के लिए आवश्यक कारक

इस प्रक्रिया के लिए चार मुख्य घटकों की आवश्यकता होती है:

  • सूर्य का प्रकाश (Sunlight): यह ऊर्जा का मुख्य स्रोत है।
  • क्लोरोफिल (Chlorophyll): यह पत्तियों में पाया जाने वाला हरा वर्णक है जो सूर्य के प्रकाश को अवशोषित करता है।
  • कार्बन डाइऑक्साइड (CO₂): पौधे इसे वायुमंडल से रंध्रों (Stomata) के माध्यम से प्राप्त करते हैं।
  • जल (H₂O): पौधे इसे जड़ों द्वारा मिट्टी से अवशोषित करते हैं।

प्रकाश संश्लेषण की प्रक्रिया

यह प्रक्रिया मुख्य रूप से पत्तियों में स्थित क्लोरोप्लास्ट (Chloroplast) में होती है। इसके दो मुख्य चरण हैं:

1. प्रकाश-निर्भर अभिक्रिया (Light-Dependent Reaction)

  • स्थान: यह क्लोरोप्लास्ट के ग्रैना (Grana) में होती है।
  • आवश्यकता: इसके लिए प्रकाश की उपस्थिति अनिवार्य है।
  • प्रक्रिया:
    • क्लोरोफिल प्रकाश ऊर्जा को अवशोषित करता है।
    • इस ऊर्जा का उपयोग जल के अणुओं (H₂O) को हाइड्रोजन और ऑक्सीजन में तोड़ने के लिए किया जाता है। इस प्रक्रिया को फोटोलाइसिस (Photolysis) कहते हैं।
    • ऑक्सीजन (O₂) एक उप-उत्पाद के रूप में निकलती है।
    • ऊर्जा को अस्थायी रूप से ATP और NADPH नामक ऊर्जा वाहक अणुओं में संग्रहीत किया जाता है।

2. प्रकाश-स्वतंत्र अभिक्रिया (Light-Independent Reaction) / केल्विन चक्र

  • स्थान: यह क्लोरोप्लास्ट के स्ट्रोमा (Stroma) में होती है।
  • आवश्यकता: इसके लिए प्रकाश की प्रत्यक्ष आवश्यकता नहीं होती है, लेकिन यह प्रकाश अभिक्रिया के उत्पादों (ATP और NADPH) पर निर्भर करती है।
  • प्रक्रिया:
    • ATP और NADPH से प्राप्त ऊर्जा का उपयोग करके कार्बन डाइऑक्साइड (CO₂) को ग्लूकोज (C₆H₁₂O₆) में परिवर्तित किया जाता है।
    • इस प्रक्रिया को कार्बन स्थिरीकरण (Carbon Fixation) भी कहा जाता है।

प्रकाश संश्लेषण को प्रभावित करने वाले कारक

  • प्रकाश की तीव्रता: एक सीमा तक तीव्रता बढ़ने पर दर बढ़ती है, फिर स्थिर हो जाती है।
  • कार्बन डाइऑक्साइड की सांद्रता: CO₂ की सांद्रता बढ़ने पर दर बढ़ती है।
  • तापमान: एक इष्टतम तापमान (आमतौर पर 25°C – 35°C) पर दर अधिकतम होती है।
  • जल: पानी की कमी से रंध्र बंद हो जाते हैं, जिससे CO₂ की उपलब्धता कम हो जाती है और दर घट जाती है।

परीक्षा हेतु महत्वपूर्ण तथ्य (GK for Exams)

  • प्रकाश संश्लेषण का स्थल: क्लोरोप्लास्ट (Chloroplast)।
  • प्रकाश ऊर्जा को रासायनिक ऊर्जा में बदलने वाला वर्णक: क्लोरोफिल (Chlorophyll)।
  • क्लोरोफिल के केंद्र में मैग्नीशियम (Mg) धातु का एक परमाणु होता है।
  • प्रकाश संश्लेषण की दर लाल और नीले प्रकाश में सबसे अधिक और हरे प्रकाश में सबसे कम होती है।
  • प्रकाश संश्लेषण के दौरान निकलने वाली ऑक्सीजन जल (H₂O) के अपघटन से आती है, न कि कार्बन डाइऑक्साइड से।
  • C3 और C4 पौधे: कार्बन स्थिरीकरण के पथ के आधार पर पौधों को C3 (जैसे गेहूं, चावल) और C4 (जैसे मक्का, गन्ना) में वर्गीकृत किया जाता है। C4 पौधे अधिक कुशल होते हैं।
  • प्रकाश संश्लेषण एक उपचयी (Anabolic) और ऊष्माशोषी (Endothermic) अभिक्रिया है।
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