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जंतुओं में श्वसन (Respiration in Animals)

परिचय: जंतुओं में श्वसन

श्वसन (Respiration) वह जैव-रासायनिक प्रक्रिया है जिसमें जीवधारी भोजन के ऑक्सीकरण द्वारा ऊर्जा प्राप्त करते हैं। यह ऊर्जा शरीर की विभिन्न जैविक क्रियाओं को संचालित करने के लिए आवश्यक होती है। श्वसन सभी जीवित कोशिकाओं में होता है।

श्वसन के प्रकार

1. वायवीय श्वसन (Aerobic Respiration)

यह श्वसन ऑक्सीजन की उपस्थिति में होता है। इसमें ग्लूकोज का पूर्ण ऑक्सीकरण होता है, जिससे कार्बन डाइऑक्साइड, जल और बड़ी मात्रा में ऊर्जा (ATP) उत्पन्न होती है। अधिकांश उच्च जीव इसी प्रकार से श्वसन करते हैं।

  • समीकरण: C₆H₁₂O₆ + 6O₂ → 6CO₂ + 6H₂O + ऊर्जा (38 ATP)

2. अवायवीय श्वसन (Anaerobic Respiration)

यह श्वसन ऑक्सीजन की अनुपस्थिति में होता है। इसमें ग्लूकोज का अपूर्ण ऑक्सीकरण होता है, जिससे बहुत कम मात्रा में ऊर्जा उत्पन्न होती है।

  • यीस्ट में: ग्लूकोज → एथिल अल्कोहल + CO₂ + ऊर्जा (2 ATP)
  • मांसपेशियों में: अत्यधिक व्यायाम के दौरान, ऑक्सीजन की कमी होने पर ग्लूकोज लैक्टिक अम्ल (Lactic Acid) और ऊर्जा में टूट जाता है। इसी लैक्टिक अम्ल के जमाव के कारण मांसपेशियों में दर्द या ऐंठन होती है।

श्वास लेना (Breathing) और श्वसन (Respiration) में अंतर

अक्सर इन दोनों शब्दों का प्रयोग एक दूसरे के स्थान पर किया जाता है, लेकिन ये अलग-अलग प्रक्रियाएं हैं।

  • श्वास लेना (Breathing): यह एक भौतिक प्रक्रिया है जिसमें गैसों (ऑक्सीजन और कार्बन डाइऑक्साइड) का आदान-प्रदान होता है। इसमें सांस अंदर लेना (Inhalation) और बाहर छोड़ना (Exhalation) शामिल है।
  • श्वसन (Respiration): यह एक जैव-रासायनिक प्रक्रिया है जो कोशिकाओं के अंदर होती है। इसमें भोजन से ऊर्जा का उत्पादन होता है।

जंतुओं में विभिन्न श्वसन अंग

अलग-अलग जंतुओं में उनके आवास और शारीरिक संरचना के अनुसार विभिन्न श्वसन अंग पाए जाते हैं।

श्वसन अंग विवरण उदाहरण
त्वचा (Skin) नम और पतली त्वचा के माध्यम से गैसों का विसरण होता है। केंचुआ, मेंढक
श्वास नली (Tracheae) शरीर में नलिकाओं का एक नेटवर्क होता है जो सीधे ऊतकों तक ऑक्सीजन पहुंचाता है। कीड़े (तिलचट्टा, टिड्डा)
गलफड़े/क्लोम (Gills) ये जल में घुली ऑक्सीजन को अवशोषित करने के लिए विशेष संरचनाएं हैं। मछली, झींगा, सीप
फेफड़े (Lungs) ये थैलीनुमा संरचनाएं हैं जो वायु से ऑक्सीजन को रक्त में मिलाती हैं। मनुष्य, पक्षी, सरीसृप, स्तनधारी

परीक्षा हेतु महत्वपूर्ण तथ्य

  • कोशिकीय श्वसन का मुख्य स्थल माइटोकॉन्ड्रिया है।
  • कीड़े श्वास नली (Tracheal System) द्वारा श्वसन करते हैं, उनमें हीमोग्लोबिन नहीं होता।
  • मछलियाँ गलफड़ों (Gills) की सहायता से जल में घुली ऑक्सीजन लेती हैं।
  • मनुष्य के फेफड़ों में गैसों का आदान-प्रदान वायुकोष्ठिकाओं (Alveoli) में होता है।
  • अवायवीय श्वसन की प्रक्रिया को किण्वन (Fermentation) भी कहते हैं।
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